H-4 वीजाधारकों के वर्क परमिट रद्द करेगा अमेरिका, सबसे ज्यादा असर भारतीयों पर

0
941

वॉशिंगटन। ट्रंप प्रशासन ने एक फेडरल कोर्ट को बताया है कि उसने H-4 वीजा होल्डर्स के वर्क परमिट को वापस लेने का फैसला किया है। इस फैसले का सबसे ज्यादा असर अमेरिकी-भारतीय महिलाओं पर पड़ेगा क्योंकि ओबामा के कार्यकाल में लागू हुए इस नियम का उन्हीं को सबसे ज्यादा फायदा मिला था। ट्रंप प्रशासन अगले 3 महीनों में H-4 वीजाहोल्डर्स के वर्क परमिट को रद्द करना चाहती है।

H-4 वीजा को यूएस सिटिजनशिप ऐंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) जारी करता है। यह H-1B वीजा होल्डर्स के निकट परिजनों (पति या पत्नी और 21 वर्ष से कम आयु के बच्चे) को दिया जाता है। इस वीजा की सबसे ज्यादा डिमांड भारतीय आईटी पेशेवरों में होती है।

डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्यॉरिटी (DHS) ने शुक्रवार को डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया के यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट को बताया कि H-1B वीजा होल्डरों के परिजनों को H-4 वीजा के जरिए मिलने वाले वर्क परमिट को वह खत्म करने जा रहा है और इस दिशा में ठोस और तेज कदम उठाए जा रहे हैं।

DHS ने बताया कि नए नियमों को 3 महीने के भीतर वाइट हाउस के बजट का प्रबंधन करने वाले दफ्तर में जमा कर दिया जाएगा। डिपार्टमेंट ने कोर्ट से तब तक के लिए प्रस्तावित नियमों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई रोकने का आग्रह किया है। दूसरी तरफ याचिका दाखिल करने वाले समूह ने कोर्ट से जल्द फैसले का आग्रह किया है।

बता दें कि अमेरिकी वर्करों के एक समूह का प्रतिनिधित्व करने वाले ‘सेव जॉब्स यूएसए’ नाम की संस्था ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा है कि सरकार की इस तरह की नीतियों से उनकी नौकरियां प्रभावित होंगी। ट्रंप प्रशासन फिलहाल H-1B वीजा पॉलिसी की समीक्षा कर रहा है।

उसे लगता है कि कंपनियां इस वीजा का दुरुपयोग अमेरिकी वर्करों की जगह पर दूसरों को नौकरियां देने में कर रही हैं।दूसरी तरफ, ‘सेव जॉब्स यूएसए’ ने कोर्ट से जल्दी फैसला लेने का आग्रह किया है। उसकी दलील है कि केस जितना लंबा खिंचेगा, अमेरिकी वर्करों को उतना ही ज्यादा नुकसान होगा।

H-1B वीजाधारकों के परिजनों को H-4 वीजा पर वर्क परमिट देने का नियम बराक ओबामा प्रशासन ने मई 2015 में लागू किया था। तब से लेकर 25 दिसंबर 2017 तक वर्क परमिट के लिए H-4 वीजाधारकों के 1,26,853 आवेदनों को USCIS ने मंजूरी दी है। इनमें 90,946 शुरुआती मंजूरी, 35,219 रीन्यूअल और 688 खोए हुए कार्ड को दोबारा बनवाने के आवेदन शामिल हैं।