गबन करने वालों पर कसा शिकंजा, डिफ़ॉल्टरों पर कोर्ट और पुलिस की सख्त कार्रवाई
कोटा। करोड़ों रुपए की बकाया रिकवरी और वित्तीय अनियमितताओं पर सख्त कानूनी कार्रवाई के दम पर शिक्षा विभाग कर्मचारीगण सहकारी सभा लि.-696 आर (कोटा-बारां) ने अपनी वित्तीय स्थिति को नए मुकाम पर पहुंचा दिया है। पूर्व की कार्यसमिति द्वारा छोड़े गए गबन और डिफ़ॉल्ट के दाग धोते हुए संस्था ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹4.34 करोड़ का ऐतिहासिक शुद्ध लाभ हासिल किया है।
संस्था की इस कायापलट और आगामी योजनाओं की जानकारी शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में अध्यक्ष प्रकाश जायसवाल, उपाध्यक्ष महेंद्र नागर और मंत्री जमना लाल गुर्जर ने साझा की।
इस दौरान संचालक गायत्री मीणा, अनुराधा शर्मा, कमल कुमार शर्मा, दिनेश कुमार मीणा, रवि प्रकाश गौतम, धर्मेंद्र कुमार मेघवाल, पूनम गौतम, शिवराज गोचर, दिनेश कुमार नागर, महावीर प्रसाद मीणा भी मौजूद रहेंगे।
अध्यक्ष प्रकाश जायसवाल ने बताया कि संस्था का वार्षिक अधिवेशन रविवार को नेशनल हाईवे कोटा रोड बारां में स्थित एक होटल में होगा। कार्यक्रम में शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर मुख्य अतिथि होंगे। विशिष्ट अतिथियों में पूर्व मंत्री प्रमोद जैन “भाया”, किशनगंज विधायक ललित मीणा, बारां विधायक राधेश्याम बैरवा, शिक्षा मंत्री के विशेषाधिकारी सतीश कुमार गुप्ता एवं राधाकृष्ण शिक्षा सहकारी बारां के अध्यक्ष बृजगोविन्द टेलर शामिल रहेंगे।
1374 डिफ़ॉल्टरों में से अब सिर्फ 97 शेष
उपाध्यक्ष महेंद्र नागर ने बताया कि फरवरी 2023 में जब नवनिर्वाचित कार्यकारिणी ने कार्यभार संभाला था, तब विरासत में ₹21 करोड़ की डिफ़ॉल्ट राशि और 1374 डिफ़ॉल्टर सदस्य मिले थे। कार्यकारिणी के कड़े रुख और कानूनी प्रयासों के कारण अब केवल 97 डिफ़ॉल्टर बचे हैं, जिन पर न्यायालय और उपरजिस्ट्रार के माध्यम से रिकवरी जारी है। इसके अतिरिक्त, संस्था के कोष का दुरुपयोग करने वाले पूर्व अध्यक्ष व सहयोगियों पर ₹4.56 लाख और ₹2.70 लाख के गबन की प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है। तीन संतान का तथ्य छुपाकर पद पर बने रहने वाले संचालक को भी बर्खास्त कराया गया है।
आमसभा में मिलेगी सदस्यों को सौगात
संस्था की प्रमुख वित्तीय व जनहितकारी उपलब्धियां:
- लाभांश वितरण: ₹4.34 करोड़ के शुद्ध लाभ में से आवश्यक प्रावधानों के बाद बचे ₹2.56 करोड़ में से अंशधारकों को लगातार तीसरे वर्ष 4% की दर से लाभांश दिया जाएगा।
- ऋण सीमा में बढ़ोतरी: सामान्य और इमरजेंसी ऋण की सीमा को ₹3-3 लाख से बढ़ाकर अब ₹4-4 लाख करने का प्रस्ताव है।
- एफडी फंड में इजाफा: कार्यकाल के दौरान ₹5 करोड़ की अतिरिक्त एफडी करवाकर संस्था के फंड को मजबूती दी गई।
- डिजिटल सुविधाएं: सदस्यों की सुविधा के लिए गुरुवार का अवकाश समाप्त कर रविवार को कार्यालय (11 से 4 बजे) खोलने का निर्णय लिया गया है।
- क्यूआर कोड की सुविधा: ऑनलाइन लिंक व क्यूआर कोड से राशि जमा करने की सुविधा शुरू की गई है।
83 साल पुरानी ऐतिहासिक संस्था
मंत्री जमनालाल गुर्जर ने बताया कि संस्था की स्थापना आजादी से पूर्व वर्ष 1943 में स्व. घांसीलाल द्वारा की गई थी। वर्तमान में 6,500 सदस्यों वाली यह संस्था राजस्थान की एकमात्र सहकारी समिति है, जो अपने सदस्यों को मात्र 50 पैसे प्रति सैकड़ा (0.5%) मासिक ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराती है। वित्तीय प्रगति के साथ संस्था पर्यावरण, रक्तदान, बेटी बचाओ और जल संरक्षण जैसे सामाजिक सरोकारों में भी निरंतर योगदान दे रही है।

