नई दिल्ली। Stock Market Update-10:45 AM : घरेलू शेयर मार्केट में आज गिरावट का तूफान है। सेंसेक्स 1000 से अधिक अंक लुढ़क कर 72890 पर आ गया है। निफ्टी भी 316 अंकों का गोता लगाकर 22824 पर है। एनएसई पर केवल 773 स्टॉक्स ही हरे हैं और 2106 लाल हैं। बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब 6 लाख करोड़ रुपये घटकर लगभग 476 लाख करोड़ रुपये रह गया है।
बाजार पर दबाव बनाने का काम कच्चे तेल में लौटी तेजी है, जिसकी वजह यूएस-ईरान में जारी तनाव है। घरेलू बाजार में सबसे ज्यादा बिकवाली सरकारी बैंक, प्राइवेट बैंक और रियल्टी शेयरों में दर्ज की जा रही। सुबह 10 बजकर 5 मिनट के आसपास सेंसेक्स करीब 900 अंक नीचे फिसल गया है, जो 73000 के नीचे कारोबार कर रहा था।
निफ्टी भी 275 अंकों की गिरावट के साथ 22860 के नीचे ट्रेड कर रहा है। इंडेक्स में शामिल 50 में 48 शेयर लाल निशान में ट्रेड कर रहे। निफ्टी PSU बैंक, निफ्टी बैंक और रियल्टी इंडेक्स 1.5 फीसदी से 2.2 फीसदी तक टूट गए हैं।
भारी बिकवाली की वजह से निवेशकों को कारोबारी सेशन के शुरुआती करीब आधे घंटे में करीब 4.85 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। क्योंकि BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप घटकर 477.03 लाख करोड़ रुपये पर आ गया था, जो शुक्रवार यानी 25 सितंबर को बाजार बंद होने के बाद 481.88 लाख करोड़ रुपये था।
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट क्यों
- महंगा क्रूड: भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बनाने का सबसे बड़ा फैक्टर कच्चा तेल है, जिसका भाव एक बार फिर से बढ़ गया है। इंटरनेशनल मार्केट में ब्रेंट क्रूड 2 फीसदी की मजबूती के साथ 106 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है। चुंकि भारत अपनी खपत का ज्यादातर क्रूड दूसरे देशों से खरीदता है। ऐसे में आयात बिल बढ़ सकता है।
- यूएस-ईरान तनाव: पश्चिम एशिया में तनाव घटने का नाम नहीं ले रहा। US प्रेसिडेंट डॉनल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने के ईरान के ताजा प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। इससे इस अहम समुद्री रास्ते से कच्चे तेल की सप्लाई सामान्य होने में देरी की आशंका बढ़ गई। ईरान ने कहा है कि अमेरिका और इजरायल के साथ जारी विवाद का समाधान कूटनीति से ही निकल सकता है। हालांकि, दोनों देशों के बीच अभी किसी समझौते के संकेत नहीं मिले हैं।

