भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों ने अगस्त में अब तक 23544 करोड़ लगाए

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नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों का भरोसा एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने अगस्त में अब तक भारतीय शेयरों में 23,544 करोड़ रुपये का निवेश किया है। बेहतर तिमाही नतीजों, रुपये की स्थिरता और बाजार की बेहतर संभावनाओं से विदेशी निवेशकों का रुख बदला है।

यह निवेश जुलाई के 20,200 करोड़ रुपये के निवेश के बाद आया है। इससे पहले विदेशी निवेशक लगातार चार महीनों तक भारतीय शेयरों से पैसा निकाल रहे थे। जून में उन्होंने 49,340 करोड़ रुपये, मई में 32,963 करोड़ रुपये और अप्रैल में 60,847 करोड़ रुपये की निकासी की थी। मार्च में निकासी सबसे ज्यादा 1.17 लाख करोड़ रुपये रही थी। इससे पहले फरवरी में FPIs ने भारतीय शेयरों में 22,615 करोड़ रुपये लगाए थे।

हालांकि, अगस्त की खरीदारी के बावजूद 2026 में अब तक विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार में शुद्ध बिकवाल बने हुए हैं। इस साल अब तक उनकी कुल निकासी करीब 2.3 लाख करोड़ रुपये रही है। यह आंकड़ा पूरे 2025 में हुई 1.66 लाख करोड़ रुपये की निकासी से भी ज्यादा है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार के मुताबिक, विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में वापसी की कई वजहें हैं। पहली तिमाही के नतीजों में कंपनियों की कमाई में सुधार, ‘चिप ट्रेड’ से दूरी, रुपये की स्थिरता और बाजार में कंपनियों की अच्छी ग्रोथ की उम्मीद ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।

हालांकि, विदेशी निवेशक फिलहाल अच्छे दाम पर मिल रहे बड़े बैंकिंग और IT शेयरों में ज्यादा खरीदारी नहीं कर रहे हैं। इसके बजाय वे ज्यादा वैल्यूएशन के बावजूद चुनिंदा मिड-कैप शेयरों में निवेश कर रहे हैं।

बजाज ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट-रिसर्च पबित्रो मुखर्जी के मुताबिक, आने वाले हफ्ते में निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव से जुड़े घटनाक्रमों पर रहेगी। इनका असर शेयर बाजार की दिशा पर पड़ सकता है।

विदेशी निवेशकों ने सिर्फ शेयरों में ही पैसा नहीं लगाया है। डेट मार्केट में भी उनकी गतिविधि देखने को मिली है। समीक्षा अवधि में FPIs ने फुली एक्सेसिबल रूट (FAR) के जरिए डेट में 852 करोड़ रुपये लगाए, जबकि सामान्य रूट के जरिए 995 करोड़ रुपये निकाल लिए।