मुम्बई। soybean Oil Import: चालू माह के दौरान सोयाबीन तेल का आयात तेजी से बढ़कर एक नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाने की संभावना है क्योंकि एक तो इसका मूल्य प्रतिस्पर्धी स्तर पर चल रहा है और दूसरे, रूस-यूक्रेन के बीच भीषण युद्ध जारी रहने से सूरजमुखी तेल के आयात में बाधा उत्पन्न हो रही है। इससे भारतीय रिफाइनर्स को क्रूड डिगम्ड सोयाबीन तेल का आयात बढ़ाना पड़ रहा है।
उद्योग समीक्षकों के अनुसार वर्तमान मार्केटिंग सीजन (नवम्बर 2025- अक्टूबर 2026) में अभी तक भारत में सोयाबीन तेल का औसत मासिक आयात 4,24,549 टन रहा जबकि अगस्त में आयात इससे करीब 46 प्रतिशत बढ़कर 6.20 लाख टन के शीर्ष स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान है।
एक अग्रणी विश्लेषक का कहना है कि अन्य खाद्य तेलों के मुकाबले सोयाबीन तेल का दाम काफी आकर्षक एवं प्रतिस्पर्धी है। उधर काला सागर क्षेत्र से सूरजमुखी तेल का शिपमेंट प्रभावित हो रहा है। जो रिफाइनर्स पहले सूरजमुखी तेल मंगाने के इच्छुक थे वे अब सोया तेल के आयात का प्रयास कर रहे हैं।
रूस और यूक्रेन एक-दूसरे के बंदरगाहों एवं समुद्री ढांचागत ठिकानों को निशाना बनाकर भयंकर हमले कर रहे हैं। ध्यान देने की बात है कि भारत में सूरजमुखी तेल का सर्वाधिक आयात इन्हीं दो देशों से होता है।
अगस्त में सूरजमुखी तेल का आयात घटकर 1.80 लाख टन के करीब सिमट जाने की संभावना है जो फरवरी 2026 के बाद सबसे निचले स्तर तथा जुलाई के आयात से 28 प्रतिशत कम होगा। अगस्त सितम्बर शिपमेंट के लिए काला सागर क्षेत्र के देशों से करीब 1.50 लाख टन सूरजमुखी तेल के आयात का जो अनुबंध किया गया था उसकी डिलीवरी में देर हो जाएगी।

