भंडाफोड़: बांग्लादेश की सुपारी बता सरकार को लगाया 2500 करोड़ का राजस्व चूना

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नई दिल्ली। राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने एक बड़े सुपारी आयात घोटाले का पर्दाफाश किया है। एक महीने तक चली खुफिया जांच के बाद डीआरआई ने ऐसे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया, जो दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों से सुपारी आयात कर उसे गलत तरीके से बांग्लादेश की सुपारी बताकर भारत में ला रहा था।

इस तरह आरोपी साउथ एशियन फ्री ट्रेड एरिया (SAFTA) के तहत मिलने वाली कस्टम ड्यूटी छूट का गलत फायदा उठा रहे थे। जांच में अब तक सरकार को 2500 करोड़ रुपये से ज्यादा के संभावित राजस्व नुकसान का पता चला है। मामले में 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

100% कस्टम ड्यूटी से बचने का तरीका
भारत में सुपारी के आयात पर 100% बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) लगती है। हालांकि, SAFTA समझौते के तहत पात्र आयात पर कस्टम ड्यूटी में पूरी छूट मिल सकती है। बांग्लादेश से आने वाली सुपारी को भी तय नियमों के तहत यह छूट मिलती है।

डीआरआई को खुफिया जानकारी मिली थी कि कुछ सिंडिकेट बड़े पैमाने पर इस छूट का गलत फायदा उठा रहे हैं। आरोपी इंडोनेशिया, थाईलैंड, मलेशिया और दूसरे दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों से सुपारी खरीदकर उसका मूल देश बांग्लादेश दिखा रहे थे।

बांग्लादेश के रास्ते भारत पहुंचाई जाती थी सुपारी

  • जांच में सामने आया कि नेटवर्क के मास्टरमाइंड दक्षिण-पूर्व एशिया से सुपारी को पहले बांग्लादेश के एक एक्सपोर्ट प्रोसेसिंग जोन (EPZ) में भेजते थे।
  • इसके बाद सिर्फ कंटेनर और पैकिंग बदलकर सुपारी को बांग्लादेशी मूल की बताकर भारत भेजा जाता था।
  • आरोपियों ने बांग्लादेशी अधिकारियों से कथित तौर पर फर्जी तरीके से SAFTA सर्टिफिकेट ऑफ ओरिजिन भी हासिल किए। फिर इसके आधार पर भारतीय आयातकों को कस्टम ड्यूटी में छूट दिलाई जाती थी।

कोलकाता और विशाखापत्तनम में छापेमारी
डीआरआई ने कोलकाता और विशाखापत्तनम में छापेमारी की। इस दौरान आयातकों, कस्टम ब्रोकर्स और आईईसी धारकों से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ तलाशी ली। छापेमारी के दौरान लगभग 75 लाख रुपये नकद (अवैध बिक्री से प्राप्त राशि) और लगभग 160 मीट्रिक टन सुपारी की एक लाइव खेप जब्त की गई।