नई दिल्ली। आपूर्ति का ऑफ सीजन होने से 8-14 अगस्त वाले सप्ताह के दौरान बासमती एवं ‘ए’ ग्रेड धान की आवक कुछेक मंडियों में ही सीमित मात्रा में हुई और मिलर्स / प्रोसेसर्स की मांग कम होने से इसका भाव या तो स्थिर रहा या इसमें 100-200 रुपए की तेजी-मंदी देखी गई।
नरेला, भाटापाड़ा, राजिम, कोटा, बूंदी, शाहजहांपुर एवं गोंडिया जैसी मंडियों में ही फिलहाल धान की आवक हो रही है। इन मंडियों में भी सीमित मात्रा में धान पहुंच रहा है और इसकी खरीद बिक्री भी कम हो रही है। समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान नरेला मंडी में 1509 कम्बाइन धान का दाम 20 रुपए सुधरकर 3800 रुपए प्रति क्विंटल हो गया।
भाटापाड़ा में श्रीराम धान 200 रुपए नरम पड़ गया जबकि राजिम में 10-20 रुपए की मामूली तेजी-मंदी देखी गई। शाहजहांपुर में पहले 5000 बोरी धान की दैनिक आवक हो रही थी जो बाद में घटकर 1000 बोरी रह गई लेकिन इसके बावजूद कीमतों में कोई बदलाव नहीं देखा गया।
कोटा में भी रोजाना 1000 बोरी धान रोजाना पहुंचा मगर बूंदी में इसकी मात्रा 300 बोरी से भी कम रही। महाराष्ट्र की गोंडिया मंडी में में धान की दैनिक आवक 3000 बोरी दर्ज की गई।
जहां तक चावल का सवाल है तो पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण भारत से खाड़ी क्षेत्र के देशों में बासमती चावल का निर्यात प्रभावित हो रहा है जबकि वह इसका सबसे प्रमुख बाजार है। वैसे सामान्य या गैर बासमती चावल का निर्यात प्रदर्शन संतोषजनक बना हुआ है।
भाटापाड़ा (छत्तीसगढ़)
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान अधिकांश केन्द्रों में बासमती चावल तथा ‘ए’ ग्रेड चावल का भाव तेज रहा। भाटापाड़ा में श्रीराम चावल 200 रुपए बढ़कर 7200/7300 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया।
पंजाब / अमृतसर
पंजाब के अमृतसर में भी विभिन्न किस्मों एवं श्रेणियों के चावल के दाम में 100 से 250 रुपए प्रति क्विंटल तक की तेजी रही।
राजस्थान / दिल्ली
यही स्थिति राजस्थान की बूंदी मंडी में देखी गई। दिल्ली के नया बाजार में भी चावल का अच्छा कारोबार हुआ जिससे कीमतों में 100-200 रुपए प्रति क्विटल का इजाफा हुआ। उत्तराखंड की नगर मंडी में स्थिरता रही।

