भारत की अर्थव्यवस्था चौथे स्थान से फिसली, सरकार ने संसद में बताई हकीकत

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नई दिल्ली। भारत की अर्थव्यवस्था विश्व पटल पर चौथे स्थान से खिसकर छठे स्थान पर आ गई है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने मंगलवार को संसद में बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की नॉमिनल जीडीपी 3.92 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर दर्ज की गई है, जिससे यह दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई है।

राज्यसभा में एक लिखित जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि यह रैंकिंग अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की अप्रैल 2026 की ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक’ रिपोर्ट पर आधारित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि IMF की यह रैंकिंग मौजूदा अमेरिकी डॉलर विनिमय दरों पर मापी गई नॉमिनल जीडीपी पर तय होती है।

सितंबर 2022 में भारत ने नॉमिनल जीडीपी के मामले में ब्रिटेन को पछाड़कर दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का मुकाम हासिल किया था।

30 दिसंबर 2025 को प्रकाशित सरकार की ‘ईयर-एंड इकोनॉमिक रिव्यू’ में बताया गया था कि भारत की जीडीपी लगभग 4.18 ट्रिलियन डॉलर के साथ जापान से आगे निकल गई है और यह दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है।

IMF की अप्रैल 2026 की हालिया भविष्यवाणी के अनुसार, अब वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जापान और ब्रिटेन वापस भारत से आगे निकल गए हैं, जिसके चलते भारत छठे पायदान पर आ गया है।

अर्थव्यवस्थाओं की रैंकिंग स्थिर नहीं रहती और इसमें कई कारणों से बदलाव आ सकता है। वित्त राज्य मंत्री ने संसद में इसके पीछे के प्रमुख कारण गिनाए:

भारत की ग्रोथ को तेज करने और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार एक व्यापक योजना पर काम कर रही है। इसमें मैन्युफैक्चरिंग, कृषि, इन्फ्रास्ट्रक्चर और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) सरकार के मुख्य फोकस एरिया में शामिल हैं।

इसके लिए उठाए जा रहे प्रमुख कदम इस प्रकार हैं
उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) कार्यक्रमों और क्वालिटी कंट्रोल नियमों में ढील देकर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। लॉजिस्टिक्स की दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ इनोवेशन और डिजिटलाइजेशन को प्रमोट करने के लिए ‘पीएम गति शक्ति’ और ‘नेशनल लॉजिस्टिक्स पॉलिसी’ पर जोर दिया जा रहा है। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के नियमों को उदार बनाने के साथ-साथ डायरेक्ट टैक्स और जीएसटी (GST) में जरूरी सुधार किए गए हैं। सार्वजनिक पूंजीगत व्यय के जरिए निवेश को समर्थन और बुनियादी ढांचे का लगातार विस्तार किया जा रहा है।