नई दिल्ली। सोने कीमत में इस हफ्ते काफी तेजी आई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह दो महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। इस हफ्ते सोने की कीमत में 7% की बढ़ोतरी हुई जो आठ महीने में इसकी सबसे लंबी साप्ताहिक छलांग है।
कच्चे तेल की कीमत में भारी गिरावट से अमेरिका के फेडरल रिजर्व के ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका कम हुई है। इससे निवेशकों का डर कम हुआ और सोने की मांग फिर से बढ़ गई। पिछले एक महीने में सोने की कीमत में 10 फीसदी तेजी आई है।
शुक्रवार को स्पॉट गोल्ड 2.3% बढ़कर $4,336.02 प्रति औंस हो गया। फ्यूचर गोल्ड कारोबार के दौरान यह 4,400 डॉलर के ऊपर पहुंच गया था जो 5 जून के बाद इसका टॉप स्तर है। इससे पहले सेशन के दौरान इसमें 3% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई थी।
सोने की कीमत में 19 जनवरी के बाद से सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त दर्ज की। जनवरी के अंतिम दिनो में सोना $5,500 प्रति औंस के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गई थी।
क्यों चढ़ा सोना
अमेरिका के लेबर डिपार्टमेंट के ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स के अनुसार जुलाई में देश में 23,000 नौकरियों की कमी आई। हालांकि पेरोल में 85,000 की बढ़ोतरी का अनुमान था। उम्मीद से कमजोर जॉब डेटा एक ऐसी स्थिति बनाता है जहां फेड अपनी अगली बैठक में ब्याज दरें नहीं बढ़ा सकता है। इसके अलावा तेल की कीमतों में गिरावट और ब्याज दरें बढ़ने की कम संभावना डॉलर को कमजोर करती है जबकि सोने की कीमतों को मजबूत करने की ओर इशारा करती है।
भारत में कीमत
इस बीच भारत में सोने के दाम में शुक्रवार को लगातार चौथे दिन तेजी जारी रही। राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोने की कीमत 200 रुपये बढ़कर 1.54 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। कमजोर अमेरिकी डॉलर और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बीच विदेशी बाजारों में आई तेजी का घरेलू बाजार पर सकारात्क असर पड़ा। गुरुवार को यह 1,53,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर थी।

