चुनौतियों से जो सीखेगा, वही जीतेगा, IIT दिल्ली के दीक्षांत समारोह में बोले पीएम

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नई दिल्ली। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली का 57वां दीक्षांत समारोह शनिवार को आयोजित हुआ। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। प्रधानमंत्री जेन जी से लेकर 74 वर्षीय शोधार्थी सहित 3036 छात्रों को डिग्री देने के लिए पहुंचे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आईआईटी दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा, ‘आज देश के आप सभी प्रतिभाशाली युवाओं के जीवन की नई यात्रा शुरू हो रही है। आप इस समय जीवन के एक यादगार पल को जी रहे हैं। उत्साह, उमंग, सपनों और भावनाओं से सराबोर इस क्षण का हिस्सा बनना, आईआईटी दिल्ली के इस कैंपस में आना, आपके साथ ये अनुभव साझा करना, मेरे लिए भी बहुत खास है।’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आईआईटी दिल्ली परिसर में देश के प्रतिभाशाली युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज सभी छात्रों के जीवन में एक नई यात्रा शुरू हो रही है। प्रधानमंत्री ने इस यादगार पल का हिस्सा बनने और अनुभव साझा करने को अपने लिए विशेष बताया।

मोदी ने कहा कि जिस तरह परिवार के सदस्य उन पर गर्व महसूस कर रहे हैं, उसी तरह उन्हें भी सभी छात्रों पर गर्व है। उन्होंने जोर दिया कि छात्र केवल उपाधि नहीं ले रहे, बल्कि देश के लिए बहुत कुछ करने के सपने लेकर जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने अपनी उपलब्धियों के लिए पदक प्राप्त करने वाले सभी छात्रों को हार्दिक बधाई दी।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर पदक पाने वालों में 1-2 बेटियां भी शामिल होतीं तो और भी बेहतर होता। मोदी ने छात्रों से अपने भविष्य के बारे में सोचने को कहा। उन्होंने आईआईटी दिल्ली में कृत्रिम बुद्धिमत्ता से संबंधित कुछ नई पहलों के शुभारंभ पर भी शुभकामनाएं दीं।

प्रधानमंत्री ने छात्रों को आईआईटी दिल्ली में उनके पहले दिन और आज के दिन को याद करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि आप सोच रहे होंगे कि कल ही तो अभिविन्यास हुआ था, और अब दीक्षांत समारोह का समय भी आ गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छात्रों को अपनी इस यात्रा से पूर्ण संतोष मिलेगा।

प्रधानमंत्री ने छात्रों की कड़ी मेहनत और सफलताओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पल उत्साह, उमंग, सपनों और भावनाओं से भरा है। मोदी ने छात्रों को याद दिलाया कि वे देश के भविष्य के निर्माता हैं। उन्होंने कहा कि हर छात्र के मन में कल की अपनी तस्वीर होगी। कई छात्र अपनी पहली तनख्वाह का इंतजार कर रहे होंगे।