दुनिया की सबसे बड़ी करेंसी बिटकॉइन का भाव 64 हजार डॉलर के नीचे आया

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नई दिल्ली। Crypto Currency: दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टो करेंसी बिटकॉइन (BTC) की कीमत 64,000 डॉलर के नीचे आ गई है। बुधवार सुबह 7 बजे के करीब यह $63,802.94 पर ट्रेड कर रही थी। ब्लूमबर्ग के मुताबिक इस गिरावट की वजह निवेशकों की बढ़ती सावधानी है।

दरअसल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े शेयरों में कमजोरी, फेडरल रिजर्व की ब्याज दर को लेकर अनिश्चितता और अमेरिका में क्रिप्टो कानून में देरी की चिंताओं ने निवेशकों का मनोबल गिरा दिया है।

AI शेयरों की बिकवाली, फेड की अनिश्चितता और क्रिप्टो कानून में देरी ने बिटकॉइन की धारणा को कमजोर किया है। याहू फाइनेंस के अनुसार, AI शेयरों में तेज गिरावट ने रिस्की ऐसेट्स में निवेशकों के भरोसे को डगमगा दिया है।

इसके साथ ही इन्वेस्टर फेडरल रिजर्व से मौद्रिक नीति के संकेतों का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि ब्याज दरों के फैसले अक्सर क्रिप्टोकरेंसी की मांग को प्रभावित करते हैं।

इधर, अमेरिकी कांग्रेस में एक बड़े Crypto Regulation Bill को लेकर उम्मीदें कमजोर हो गई हैं, क्योंकि सांसदों के सामने अगस्त की छुट्टी से पहले की समय सीमा है। पॉलीमार्केट पर इस साल ‘क्लैरिटी एक्ट’ पारित होने की संभावना 55 प्रतिशत से घटकर 35 प्रतिशत रह गई, जो व्यापारियों के बीच घटते विश्वास को दर्शाता है।

क्या 55,000 डॉलर पर मिलेगा सपोर्ट
अगर क्रिप्टो कानून आगे नहीं बढ़ पाता है तो बिटकॉइन को और कमजोरी का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन एनालिस्ट्स का मानना है कि यह गिरावट खरीदारी का अच्छा अवसर बन सकती है।

कॉम्पस प्वाइंट के एनालिस्ट एड इंगेल का कहना है कि अगर कीमतें और गिरती हैं तो बिटकॉइन को 55,000 डॉलर के स्तर पर मजबूत सपेार्ट मिल सकता है। उन्होंने सोमवार रात को एक नोट में कहा, “अगर क्लैरिटी एक्ट पास नहीं होता है, तो हम 55,000 डॉलर के आसपास बहुत मजबूत सपोर्ट देखते हैं और अगर BTC इतना गिर जाता है तो हम खरीदारी करेंगे।”