एआई-रोबोटिक्स, स्टडीज, मस्ती का शानदार संगम बनी मोशन की समर वर्कशॉप

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कोटा। गर्मी की छुट्टियों को सिर्फ मोबाइल और टीवी तक सीमित रखने के बजाय बच्चों को नई तकनीक, रचनात्मकता और व्यक्तित्व विकास से जोड़ने के उद्देश्य से मोशन एजुकेशन ने समर वर्कशॉप-2026 का आयोजन किया।

द्रोणा-1 कैंपस में आयोजित इस वर्कशॉप में कक्षा 6 से 10 तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलने वाली इस कार्यशाला में पढ़ाई, तकनीक और मनोरंजन का अनोखा मेल देखने को मिला।

मोशन एजुकेशन के फाउंडर और एजुकेटर नितिन विजय ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य बच्चों को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रखकर उन्हें भविष्य की तकनीकों और व्यावहारिक जीवन कौशल के लिए तैयार करना था। इसी सोच के साथ गतिविधियों को डिजाइन किया गया, ताकि बच्चे सीखते हुए आनंद भी ले सकें।

वर्कशॉप का माहौल पारंपरिक क्लासरूम से बिल्कुल अलग नजर आया। यहां बच्चों को किताबों की पढ़ाई के साथ एआई, रोबोटिक्स, टीमवर्क, कम्युनिकेशन स्किल्स और लीडरशिप जैसी आधुनिक क्षमताओं से परिचित कराया गया।

हर दिन की शुरुआत मॉर्निंग एनर्जाइजर एक्टिविटी से होती थी, जिसमें जुंबा, म्यूजिक और डांस के जरिए बच्चों में नई ऊर्जा भरी जाती थी। इसके बाद एआई और रोबोटिक्स सेशन में विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक की बुनियादी जानकारी सरल और रोचक तरीके से दी गई।

यूथ पार्लियामेंट में विद्यार्थियों ने लोकतंत्र की कार्यप्रणाली को बेहद रोचक और व्यावहारिक तरीके से समझा। बच्चों ने सांसद, स्पीकर और मंत्रियों की भूमिका निभाते हुए शिक्षा, तकनीक, सोशल मीडिया, पर्यावरण और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर जोरदार चर्चा की। सवाल-जवाब, तर्क-वितर्क और बहस के जरिए विद्यार्थियों ने अपनी अभिव्यक्ति क्षमता, नेतृत्व कौशल और तार्किक सोच का शानदार प्रदर्शन किया।

वाटरपार्क इवेंट बच्चों के लिए यादगार अनुभव बना। विद्यार्थियों ने वाटर स्लाइड्स, रेन डांस और विभिन्न वाटर गेम्स का भरपूर आनंद लिया। पढ़ाई और गतिविधियों के बीच यह मनोरंजक आउटिंग बच्चों के लिए तनावमुक्त माहौल लेकर आई, जिससे उनमें नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ।

समापन समारोह में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। मोशन एजुकेशन की डायरेक्टर डॉ. स्वाति विजय ने कहा कि आज के दौर में केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है।

बच्चों को टेक्नोलॉजी, क्रिटिकल थिंकिंग, कम्युनिकेशन और प्रेजेंटेशन स्किल्स से लैस करना जरूरी है। अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस वर्कशॉप ने बच्चों में सीखने की रुचि और आत्मविश्वास दोनों बढ़ाए हैं।

वर्कशॉप में पढ़ाई को आसान और दिलचस्प बनाने पर विशेष फोकस रहा। ‘करिकुलम हैक्स’ सत्र में स्मार्ट मैथ्स और इनोवेटिव साइंस के जरिए कठिन विषयों को बेहद सरल अंदाज में समझाया।

हिंदी लेखन सुधार, हिंदी व्याकरण, अंग्रेजी के पोर्टमेंटो और होमोफोन्स जैसे विषयों को गतिविधि आधारित शिक्षण के माध्यम से रोचक बनाया गया। सामाजिक विज्ञान के अंतर्गत विद्यार्थियों को चुनाव प्रक्रिया की व्यावहारिक जानकारी भी दी गई।

वहीं एक्सटेम्पोर, स्पेल बी, हिंदी वाद-विवाद जैसी गतिविधियों ने विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और पब्लिक स्पीकिंग स्किल्स को निखारने में अहम भूमिका निभाई। करंट अफेयर्स और क्विज राउंड के जरिए बच्चों के सामान्य ज्ञान और त्वरित निर्णय क्षमता को भी परखा गया। ध्रुव कैंपस में आयोजित एआई और रोबोटिक्स लैब विजिट ने बच्चों को अत्याधुनिक तकनीक से रू-ब-रू कराया।