Rice Price: निर्यात बढ़ने की उम्मीद से चावल के थोक भाव में सात प्रतिशत तेजी

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नई दिल्ली। Rice Price: मध्य-पूर्व एशिया एवं खाड़ी क्षेत्र के साथ-साथ अमरीका एवं यूरोप को भी निर्यात के लिए नए आर्डर प्राप्त होने की उम्मीद से थोक मंडियों में विभिन्न किस्मों एवं श्रेणियों के चावल का भाव सात प्रतिशत बढ़ गया। इससे पूर्व युद्ध जारी रहने के दौरान कीमतों में 6 प्रतिशत तक की गिरावट आ गई थी। वैसे होर्मुज स्ट्रेट के खुलने का संशय अभी बरकरार है।

इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन के अनुसार थोक बाजार में भाव बढ़ने का असर अगले कुछ दिनों में चावल के खुदरा मूल्य पर भी दिखाई पड़ने लगेगा। ईरान अमरीका युद्ध के कारण चावल के निर्यात शिपमेंट में काफी बाधा पड़ रही थी और लगभग 4 लाख टन बासमती चावल की खेप या तो भारतीय बंदरगाहों पर अटका हुआ था या समुद्र में फंसा हुआ था। इसके साथ-साथ भुगतान का संकट भी बना हुआ था।

एक अग्रणी विश्लेषक के अनुसार भारतीय निर्यातकों का करीब 2000-2500 करोड़ रुपए का भुगतान अब भी अटका हुआ है। ईरान जैसे देशों में इसकी राशि ज्यादा है क्योंकि वहां बैंकिंग एवं सेटलमेंट का मुद्दा बरकरार है।

ऑल इंडिया राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के चेयरमैन का कहना है कि कांडला एवं मुद्रा बंदरगाह पर बासमती चावल के निर्यात की खेप (कंटेनर्स में) तैयार है और इसका शिपमेंट शीघ्र ही आरंभ होने की उम्मीद है। यदि यह शिपमेंट सफल रहा और अपने गंतव्य स्थान तक पहुंच गया तो निर्यातकों को काफी राहत मिलेगी।