नई दिल्ली। Stock Market Updated, April 10, 2026 : अमेरिका और एशियाई बाजारों में तेजी का असर आज घरेलू शेयर बाजार पर दिख रहा है। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स में 800 अंक से अधिक तेजी आई है, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 सेंसेक्स 24,000 अंक के पार पहुंच गया।
सुबह 10.40 बजे सेंसेक्स 800.39 अंक यानी 1.04% तेजी के साथ 77,432.04 अंक पर ट्रेड कर रहा था। निफ्टी 241.90 अंक यानी 1.02% की उछलकर 24,017 अंक पर पहुंच गया। इससे पहले गुरुवार को शेयर बाजार में गिरावट आई थी, जबकि उससे पहले लगातार पांच सत्र में यह चढ़ा था।
इस तेजी से बीएसई लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 5 लाख करोड़ रुपये उछलकर 450 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। सेंसेक्स के 30 में से 24 शेयर तेजी के साथ खुले।
बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 489 अंकों की बढ़त के साथ 77121 के लेवल पर खुला। जबकि, एनएसई के 50 शेयरों वाले बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी ने तेजी के शतक के साथ 105 अंक ऊपर 23880 से कारोबार की शुरुआत की।
टॉप गेनर्स एंड लूजर्स
सेंसेक्स के 30 में से 24 शेयर तेजी के साथ खुले। टाटा स्टील, इंडिगो, इटरनल, एक्सिस बैंक, बजाज फाइनेंस, पावर ग्रिड, बीईएल, ट्रेंट और आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी रही। दूसरी ओर सन फार्मा, इन्फोसिस, टीसीएस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयरों में गिरावट आई। निफ्टी के शेयरों में श्रीराम फाइनेंस, बजाज फाइनेंस, आयशर मोटर्स और एक्सिस बैंक में सबसे ज्यादा तेजी रही।
ग्लोबल मार्केट के संकेत
- एशियाई बाजार
शुक्रवार को एशियाई बाजार ज्यादातर तेजी के साथ कारोबार कर रहे थे। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 1.65% चढ़ गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.68% मजबूत हुआ। हांगकांग के हैंग सेंग सूचकांक के भी तेजी से खुलने के संकेत हैं। - वॉल स्ट्रीट
अमेरिकी बाजार गुरुवार को बढ़त के साथ बंद हुए। ईरान के साथ शांति वार्ता की उम्मीदों से निवेशकों की चिंता कम हुई। डॉऊ जोन्स 0.58% (275 अंक) चढ़ा। एसएंडपी 500 को 0.62% और नैस्डैक को 0.83% का फायदा हुआ। - गिफ्ट निफ्टी
गिफ्ट निफ्टी करीब 23,941 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद स्तर से करीब 80 अंक अधिक है। यह भारतीय शेयर मार्केट की अच्छी ओपनिंग का संकेत देता है। - अमेरिका-ईरान संघर्ष पर अपडेट
ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामनेई ने कहा है कि ईरान अमेरिका और इजरायल को उनके हमलों के नतीजों से बचने नहीं देगा। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस बात पर सवाल उठा रहे हैं कि ईरान सीजफायर को रोकने वाला समझौता कितना कारगर है।

