कोटा। कोचिंग सिटी में शनिवार को खाकी की एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने सोशल मीडिया से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक नई बहस छेड़ दी है। शहर के व्यस्त एरोड्रम सर्किल पर एक 2 हजार रुपये के चालान को लेकर शुरू हुआ विवाद ‘खूनी संघर्ष’ में बदल गया।
सबसे ज्यादा चर्चा उस वीडियो की हो रही है, जिसमें कोटा ट्रैफिक पुलिस के टीआई देवेश भारद्वाज बीच सड़क पर एक मंडी व्यापारी के सामने हाथ जोड़कर खड़े हैं और कह रहे हैं’ मेरे कपड़े फाड़ लो, बस बात खत्म करो।’ आखिर एक दबंग पुलिस अधिकारी को बीच सड़क पर इस तरह बेबस क्यों होना पड़ा? आइए जानते हैं इस पूरे ड्रामे की इनसाइड स्टोरी।
पूरा मामला शनिवार दोपहर का है, जब भामाशाह मंडी के व्यापारी मुकेश जांगिड़ अपनी कार से एरोड्रम सर्किल से दादाबाड़ी की ओर जा रहे थे। ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक कांस्टेबल अभिषेक ने उन्हें रुकने का इशारा किया। पुलिस का आरोप था कि जांगिड़ मोबाइल पर बात कर रहे थे और उन्होंने सीट बेल्ट भी नहीं लगा रखी थी।
नियमों के उल्लंघन पर कांस्टेबल ने चालान काटा, लेकिन देखते ही देखते दोनों के बीच कहासुनी गाली-गलौज और हाथापाई तक पहुंच गई। व्यापारी मुकेश जांगिड़ का आरोप है कि कांस्टेबल ने उनके चेहरे पर जोरदार मुक्का मारा, जिससे उनकी नाक और मुंह से खून निकलने लगा। दूसरी ओर, कांस्टेबल ने दावा किया कि व्यापारी ने उसकी वर्दी पर हाथ डाला और चालान बुक छीनने की कोशिश की।
टीआई की ‘गांधीगिरी’ या प्रशासनिक मजबूरी
सड़क पर लहूलुहान व्यापारी और गुस्से में आई भीड़ को देखकर मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही ट्रैफिक डीएसपी अशोक मीणा और टीआई देवेश भारद्वाज मौके पर पहुंचे। व्यापारी और उसके साथी कांस्टेबल पर तुरंत कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए। भीड़ का बढ़ता दबाव और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ते देख टीआई देवेश भारद्वाज ने ‘गांधीगिरी’ का रास्ता अपनाया। उन्होंने बीच सड़क पर हाथ जोड़कर व्यापारी से कहा-आप तो मेरे कपड़े फाड़ लो, मैं कुछ नहीं बोलूंगा, चू तक नहीं करूंगा, बस बात खत्म करें और थाने चलें।
टीआई का यह वीडियो अब वायरल है। जानकारों का मानना है कि टीआई ने भीड़ को शांत करने और मामले को और अधिक हिंसक होने से रोकने के लिए यह ‘मजबूरी भरा’ रास्ता अपनाया, ताकि पुलिस की छवि और न बिगड़े।
दोनों पक्षों ने दर्ज कराई शिकायत
काफी मशक्कत के बाद व्यापारी को समझाकर थाने ले जाया गया। वर्तमान स्थिति यह है कि दोनों पक्षों ने डीएसपी को लिखित शिकायत दी है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पहले हाथ किसने उठाया। कोटा पुलिस के उच्च अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद दोषी चाहे पुलिसकर्मी हो या आम नागरिक, उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

