नई दिल्ली। चालू सीजन के दौरान प्रमुख उत्पादक राज्य मध्य प्रदेश, राजस्थान के अलावा गुजरात में भी मेथी का बिजाई क्षेत्रफल 12 प्रतिशत घटकर 1.15 लाख हेक्टेयर रह जाने के कारण देश में मेथी का उत्पादन गत वर्ष की तुलना में कम रहेगा। हाल की बिजाई के पश्चात मौसम फसल के अनुकूल बना रहने से प्रति हेक्टेयर में 1 प्रतिशत की वृद्धि होने के अनुमान लगाए गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार चालू सीजन के लिए प्रमुख उत्पादक राज्य मध्य प्रदेश में मेथी की बिजाई 55.40 हजार हेक्टेयर पर की गई जबकि गत वर्ष बिजाई 64 हजार हेक्टेयर पर की गई थी। राजस्थान में बिजाई गत वर्ष 47.75 हजार हेक्टेयर के मुकाबले 41.75 हजार हेक्टेयर पर की थी। गुजरात में बिजाई गत वर्ष की तुलना में 6 प्रतिशत घटकर 17.50 हजार की रह गई।
उत्पादन अनुमान: जानकारों का कहना है कि चालू सीजन के दौरान देश में मेथी का उत्पादन 15.20 लाख क्विंटल होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं जबकि गत वर्ष उत्पादन 17.16 लाख क्विंटल का माना गया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रमुख उत्पादक राज्य मध्य प्रदेश में मेथी का उत्पादन 7.38 लाख क्विंटल माना जा रहा है गत वर्ष उत्पादन 8.49 लाख क्विंटल रहा था। राजस्थान में उत्पादन गत वर्ष के 6.09 लाख के मुकाबले 5.40 लाख क्विंटल होने के समाचार है। गुजरात में उत्पादन 2.42 लाख क्विंटल होने के समाचार है जबकि गत वर्ष 2.57 लाख क्विंटल का उत्पादन माना गया था।
आवक:उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर नए मालों की आवक शुरू हो चुकी है लेकिन गुजरात एवं मध्य प्रदेश की मंडियों में अवकाश होने के कारण व्यापार नहीं हो रहा है। जबकि राजस्थान की कोटा मंडी में नई मेथी की आवक 400/500 बोरी की रही और भाव 5800/6200 रुपए प्रति क्विंटल बोला गया। नौखा मंडी में भाव 5600/5800 रुपए रहा और आवक 400/500 बोरी की रही। सूत्रों का कहना है कि अप्रैल माह में मंडियों में आवक का दबाव बनने पर अप्रैल माह में भाव 3/5 रुपए घट सकते हैं इससे अधिक मंदे के आसार नहीं हैं।
निर्यात: मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2025-26 के प्रथम दस माह में मेथी का निर्यात 13 प्रतिशत बढ़ा है जबकि आय में 2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अप्रैल-जनवरी 2026 के दौरान मेथी का निर्यात 40633 टन का हुआ और निर्यात से प्राप्त आय 304.97 करोड़ की रही। जबकि अप्रैल-जनवरी 2025 के दौरान निर्यात 35907 टन का रहा था और निर्यात से प्राप्त आय 298.14 करोड़ की रही थी।

