कोटा। शुद्धाद्वैत प्रथम पीठ श्री बड़े मथुराधीश मंदिर, पाटनपोल पर श्रीराम नवमी शुक्रवार को मनाई जाएगी। इस अवसर पर मंदिर में शालिगराम जी के भव्य पंचामृत दर्शन होंगे।
प्रथम पीठ युवराज मिलन बावा ने बताया कि पुष्टिमार्ग में भगवान विष्णु के चार अवतारों श्रीकृष्ण, श्रीराम, श्रीनृसिंह एवं श्रीवामन को विशेष मान्यता दी गई है। क्योंकि प्रभु ने ये अवतार निसाधन भक्तों पर कृपा करने हेतु लिए थे। इसी कारण इन चारों जयंती उत्सवों को पुष्टिमार्ग में ‘पुष्टिलीला’ के रूप में पूर्ण श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।
उन्होंने बताया कि 27 मार्च (चैत्र शुक्ल पक्ष नवमी) से दर्शनों की व्यवस्था में ऋतु परिवर्तन के अनुसार बदलाव किया जा रहा है।शयन के दर्शन आगामी कार्तिक कृष्ण पक्ष अष्टमी तक के लिए बंद रहेंगे। श्रीराम नवमी के अवसर पर राजभोग के दर्शन दोपहर 12 बजे के बाद सेवानुकूल समय पर खुलेंगे।
श्रीराम नवमी के अवसर पर दर्शनों का क्रम इस प्रकार रहेगा
मंगला के दर्शन प्रातः 06:30 बजे से समय अवधि तक खुलेंगे। इस दिन ग्वाल के दर्शन नहीं खुलेंगे। राजभोग के दर्शन दोपहर 12 बजे के बाद सेवा अनुकूल समय पर होंगे। सायंकाल के क्रम में उत्थापन के दर्शन अपराह्न 4 बजे से होंगे। जबकि भोग-आरती के दर्शन शाम 5 से 5:30 बजे के बीच सेवा अनुकूल समय पर किए जा सकेंगे।
शयन दर्शन को लेकर विशेष सूचना
मंदिर प्रबंधन की सूचना के अनुसार चैत्र शुक्ल पक्ष नवमी से शयन के दर्शन नहीं खुलेंगे। ऋतु परिवर्तन और पुष्टिमार्गीय परंपरा के अनुसार, चैत्र शुक्ल पक्ष नवमी से लेकर कार्तिक कृष्ण पक्ष अष्टमी तक शयन के दर्शन बंद रहेंगे। मंदिर प्रबंधन ने सभी वैष्णव जनों से समय के इस परिवर्तन का ध्यान रखते हुए ही मंदिर आने की अपील की है।

