तेहरान। US-iran war:अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला करते हुए बड़े-बड़े दावे किए। इसके जवाब में ईरान ने ना सिर्फ अमेरिका और इजरायल बल्कि दुनिया को भी चौंकाया है। ईरानी मिसाइलों ने इजरायल में तबाही मचाई है तो खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य बेसों पर हमले हुए हैं। ईरान के अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर सटीक हमलों की वजह चीन और रूस से मिली मदद है। दोनों देश काफी हद तक खुलकर ईरान के साथ दिखे हैं।
अल जजीरा के मुताबिक, तीन सीनियर अमेरिकी अधिकारियों ने ‘द वॉशिंगटन पोस्ट’ को बताया है कि रूस ने ईरान को संवेदनशील खुफिया जानकारी और पश्चिम एशिया में तैनात अमेरिकी जंगी जहाजों और विमानों की लोकेशन दी है। यह इसलिए अहम है क्योंकि लड़ाई टैंकों से नहीं बल्कि रडार बीम, सैटेलाइट फीड और एन्क्रिप्टेड कोऑर्डिनेट्स (साझेदारी) से लड़ी जा रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ फोन कॉल के दौरान इस बात से इनकार किया कि मॉस्को ने ईरान के साथ खुफिया जानकारी साझा की है। हालांकि इस इनकार से जमीन की स्थिति में बदलाव नहीं आता है। रूस को यूक्रेन युद्ध में ईरान से ड्रोन और गोला-बारूद मिले और अब वह मदद कर रहा है।
रूस जानता है कि अमेरिका ने यूक्रेन को लगातार ऐसी खुफिया जानकारी दी है, जिसका इस्तेमाल रूसी ठिकानों पर हमला करने के लिए किया गया। इसमें व्लादिमीर पुतिन के घर और दफ्तर को निशाना बनाने की कोशिश शामिल है। ऐसे में मॉस्को खुफिया जानकारी के जरिए एक तरह से अमेरिका से अपना बदला चुकाने का भी काम कर रहा है।
रूस से ईरान को कितना फायदा
CIA के पूर्व अधिकारी ब्रूस रीडेल कहते हैं कि आधुनिक युद्ध में कोऑर्डिनेट्स सबसे अहम है। कोई पक्ष अगर जानता है कि दुश्मन कहां है तो उसकी जीत तय हो जाती है। यही इस युद्ध में हो रहा है क्योंकि रूस की खुफिया जानकारी ईरान को अमेरिकी और इजरायली संपत्तियों का पता लगाने में ऐसी सटीकता दी है, जिसे तेहरान अकेले हासिल नहीं कर सकता था।
ईरान के पास सैन्य टोही सैटेलाइट सीमित हैं। यह खुले समुद्र में नौसैनिक संपत्तियों पर नजर रखने के लिए अपर्याप्त है। दूसरी ओर रूस के पास उन्नत हवाई निगरानी नेटवर्क है, जो तेहरान को चौबीसों घंटे ऑप्टिकल और रडार इमेजरी दे रहा है। कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर ईरान का सटीक ड्रोन हमला रूसी मदद को दिखाता है। इस हमले में छह अमेरिकी सैनिक मारे गए थे।

