पन्नाधाय के जन्मोत्सव पर वीरांगना कन्या संस्कार केंद्र ने लिया राष्ट्र सेवा का संकल्प

0
6

कोटा। श्रीमद्भगवत गीता शक्तिपीठ केंद्र कुरुक्षेत्र एवं अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली के तत्वावधान में वीरांगना कन्या संस्कार केंद्र द्वारा सम्पूर्ण राजस्थान में ‘राज्य माता पन्नाधाय’ का जन्म दिन उत्साहपूर्वक मनाया गया। कोटा के गीता भवन में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर वीरांगना महिला सम्मान समारोह में महिलाओं और बालिकाओं ने राष्ट्र भक्ति की अनूठी मिसाल पेश की।

राष्ट्र भक्ति के साथ वीरांगना सम्मान
कार्यक्रम के दौरान केंद्र द्वारा सम्पूर्ण राजस्थान की माता-बहनों को राष्ट्र के प्रति समर्पित होने की शपथ दिलाई गई। उपस्थित जनसमूह ने संकल्प लिया कि जिस प्रकार राष्ट्र हमें सब कुछ देता है, उसी प्रकार हम भी अपनी संतान को राष्ट्र के लिए जीने और मरने की शिक्षा देंगे। इस अवसर पर सभी को ‘गीता’ भेंट कर सम्मानित किया गया।

मुख्य आकर्षण और घोषणाएं

  • आदर्श पन्नाधाय: वक्ताओं ने कहा कि राजस्थान की महान विभूति माता पन्नाधाय को हमें अपना आदर्श मानना चाहिए।
  • राजकीय अवकाश की मांग: केंद्र द्वारा यह आह्वान किया गया कि 8 मार्च को राजकीय अवकाश के साथ इसे ‘वीरांगना सम्मान समारोह’ के रूप में मनाया जाए।
  • भव्य भविष्य की नींव: राष्ट्रीय संगठन महामंत्री राजश्री सिंह ने संतों की गरिमामयी उपस्थिति में संकल्प दिलाया कि 8 मार्च 2027 को वीरंगना कन्या संस्कार केंद्र इसे और भी भव्य एवं दिव्य रूप में मनाएगा।

गीता सत्संग समिति की कुंती मूंदड़ा ने बताया कि इस अभियान को राजस्थान के सभी स्वयंसेवी संगठनों और शिक्षण संस्थाओं के माध्यम से जन-जन तक पहुँचाया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ी में त्याग और राष्ट्रवाद के संस्कार रोपित किए जा सकें।