नई दिल्ली। विदेश से सामान मंगवाना अब सस्ता होगा। सरकार ने कस्टम ड्यूटी कम कर दी है। इसकी घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 पेश करते समय की।
उन्होंने आयात किए जाने वाले सभी सामानों पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी को 20% से घटाकर 10% करने का प्रस्ताव दिया है। इसका मतलब है कि अब बाहर से अपने लिए सामान मंगवाना सस्ता हो जाएगा। सरकार कस्टम ड्यूटी की इस व्यवस्था को आसान बनाना चाहती है।
कस्टम ड्यूटी कैसे लगती है, इसे समझना थोड़ा पेचीदा हो सकता है। इकनॉमिक टाइम्स ने DHL की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के आधार पर बताया है कि आयातित सामानों पर बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) लगती है। यह ड्यूटी सामान के प्रकार पर निर्भर करती है।
इसके अलावा, सामान के मूल्य और उसके HSN कोड (Harmonised System code) पर इंटीग्रेटेड गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (IGST) भी लगता है। भारत में सामानों को उनके खासियतों के आधार पर 8 अंकों के HSN कोड से पहचाना जाता है।
कैसे होती है कस्टम ड्यूटी की कैलकुलेशन?
- इसे DHL की वेबसाइट पर दिए गए तरीके से समझते हैं। सबसे पहले ‘असेसिबल वैल्यू’ तय की जाती है। यह सामान की लागत, बीमा और भाड़ा (CIF) को मिलाकर बनती है।
- इस वैल्यू को साबित करने के लिए आपके पास बिल और शिपिंग बिल जैसे सभी जरूरी कागजात होने चाहिए।
- इसके बाद HSN कोड के आधार पर बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) लगाई जाती है।
ऐसे समझें कस्टम ड्यूटी का गणित
मान लीजिए आप 40,000 रुपये का एक एयर कंडीशनर बाहर से मंगवाते हैं। एयर कंडीशनर का HSN कोड 84151020 है। पुरानी दरों के हिसाब से इसकी कैलकुलेशन इस प्रकार होगी:
- बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD): 40,000 रुपये का 20% = 8,000 रुपये
- इंटीग्रेटेड गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (IGST): (40,000 + 8,000) का 28% = 13,440 रुपये
- सोशल वेलफेयर सरचार्ज: (40,000 + 8,000 + 13,440) का 10% = 6,144 रुपये
- कुल ड्यूटी और टैक्स: 8,000 + 13,440 + 6,144 = 27,584 रुपये
- यानी, इस एयर कंडीशनर पर कुल 27,584 रुपये का कस्टम ड्यूटी और टैक्स लगता था।
नई प्रस्तावित दरों के हिसाब से गणना
- प्रस्तावित बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD): 40,000 रुपये का 10% = 4,000 रुपये
- इंटीग्रेटेड गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (IGST): (40,000 + 4,000) का 28% = 12,320
- सोशल वेलफेयर सरचार्ज = (40,000 + 4,000 + 12,320) का 10% = 5,632 रुपये
- कुल ड्यूटी और टैक्स = 4,000 + 12,320 + 5,632 = 21,952 रुपये
- इस तरह, नई दरों के अनुसार कुल कस्टम ड्यूटी और टैक्स 21,952 रुपये होगा।
कितना होगा फायदा
इस उदाहरण में व्यक्तिगत सामानों पर कस्टम ड्यूटी 20% से घटकर 10% होने के कारण 27,584-21,952 यानी 5,632 रुपये की बचत होगी। ऐसे में विदेश से सामान मंगवाना लोगों के लिए सस्ता होगा। यहां ध्यान दें कि यह कस्टम ड्यूटी सोना और चांदी पर लागू नहीं होगी।

