GDP से लेकर महंगाई पर वित्त मंत्री ने इकोनॉमिक सर्वे में क्या कहा, जानिए

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नई दिल्ली। Economic Survey 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश किया। इकोनॉमिक सर्वे में कहा गया है कि आर्थिक सर्वेक्षण 2022-23 में भारत की मध्यम अवधि की संभावित विकास दर (Potential Growth) 6.5% आंकी गई थी।

अब, पिछले कुछ वर्षों के सुधारों के बाद यह स्पष्ट है कि भारत की उत्पादन क्षमता मजबूत हुई है और विकास की यह संभावना अब 7% के स्तर को छू रही है। यानी 7 फीसदी की विकास दर अब न्यू नॉर्मल है।

सरकार ने आर्थिक सर्वे में कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) बाहरी मोर्चे पर अर्थव्यवस्था के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा। वैश्विक व्यापार में बढ़ती अनिश्चितता और भारी टैरिफ (Tariffs) ने हमारे निर्यातकों और विनिर्माताओं (Manufacturers) पर दबाव डाला। लेकिन, भारत ने इस संकट को एक अवसर में बदल दिया।

सरकार ने कहा कि महंगाई दर का लक्ष्य अनुमान रेंज के अंदर है। सरकार ने कहा कि जीएसटी की दरें घटाने से डिमांड को सपोर्ट मिला और अगले वित्त वर्ष में घरेलू मांग, निवेश में मजबूती रहने का अनुमान लेकिन ग्लोबल ग्रोथ और स्थिरता को लेकर अनिश्चितता कायम है।

आर्थिक सर्वे से पहले पीएम मोदी ने कहा कि देश का ध्यान स्वाभाविक रूप से बजट पर केंद्रित है। लेकिन इस सरकार की पहचान सुधार, क्रियान्वयन और परिवर्तन रही है। अब हमने ‘सुधार एक्सप्रेस’ को तेजी से आगे बढ़ा दिया है। इस ‘सुधार एक्सप्रेस’ को गति देने में सकारात्मक योगदान के लिए मैं सभी सांसदों का आभार व्यक्त करता हूं। परिणामस्वरूप, ‘सुधार एक्सप्रेस’ रफ्तार पकड़ रही है।

फसल बीमा से किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस
आर्थिक सर्वे 2025-26 में सरकार ने कहा है कि कृषि क्षेत्र ने अच्छा प्रदर्शन किया है और MSP, DBT और फसल बीमा और किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस रहेगा।

निर्माण लागत घटाने के लिए बनाई जाएंगी नीतियां
सरकार ने आर्थिक सर्वे में स्वदेशी निर्माण पर जोर दिया उसे जरूरी व अनिवार्य बताया गया। सरकार ने कहा है कि निर्माण की लागत घटाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर नीतियां बनाई जाएगी।

सरकार ने रियल GDP ग्रोथ अनुमान 6.8 से 7.2 रखा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश किया। इसमें सरकार ने रियल जीडीपी ग्रोथ अनुमान 6.8 से 7.2 के बीच रखा है। महंगाई दर का लक्ष्य अनुमान रेंज के अंदर है। सरकार ने कहा कि जीएसटी की दरें घटाने से जिमांड को सपोर्ट मिला लेकिन ग्लोबल ग्रोथ और स्थिरता को लेकर अनिश्चितता कायम है।

GST समेत कई बड़े सुधार
आर्थिक सर्वे में सरकार ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद बड़े रिफॉर्म्स को आगे बढ़ाया। जिसमें GST सुधार (Rationalisation): टैक्स ढांचे को और सरल बनाया गया। डिरेगुलेशन (Deregulation): व्यापार करने की बाधाओं को कम किया गया। कंप्लायंस का सरलीकरण: सभी क्षेत्रों में नियमों के पालन को आसान बनाया गया।