Sunday, July 12, 2026
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शादियों में खर्च करते हैं ब्लैकमनी लेकिन, टैक्स देने से बचते हैं लोग

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आयकर विभाग ने व्यापारियों को दी आउटरीच ट्रांजेक्शन की जानकारी

कोटा। शादियों अन्य समारोह में लोग ब्लैकमनी को आसानी से खर्च कर देते हैं। टेंट, होटल और कैटर्स वालों को कैश पेमेंट देते हैं, लेकिन इससे इन व्यापारियों का भला होने वाला नहीं है।

शादी समारोह में दिल खोलकर पैसा खर्चे करने वाले इनकम टैक्स देने में कंजूसी करते हैं। यह कहना है इनकम टैक्स निदेशक रंजन कुमार का। वह गुरुवार को आउटरीच कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि टैक्स देने के लोगों को कई फायदे हैं। लेकिन, लोग अपनी आमदनी का एक प्रतिशत हिस्सा देश के विकास को देने में भी हिचकिचाते हैं। देशभर में जो सड़कें और रेलवे लाइन विस्तार समेत जो बड़े-बड़े ब्रिज बनाएं जा रहे हैं, वे टैक्स से ही बन रहे हैं।

टैक्स देश के विकास में काम आता है। अभी तक पाया है कि टेंट, होटल, गार्डन कैटर्स वाले कैश पेमेंट लेते हैं और रिटर्न भी फाइल नहीं कर रहे और कुछेक कर रहे हैं तो कम कर रहे हैं। इससे देश का नुकसान तो हो ही रहा है, साथ में वे खुद का भी नुकसान कर रहे हैं।

सेमिनार में लोगों को चन्द्रगुप्त एवं चाणक्य की फिल्म प्रदर्शित कर टैक्स के मायने बताए। उन्होंने इनकम टैक्स विभाग की तुलना मधुमक्खी के छत्ते से भी की। उन्होंने कहा कि टैक्स नहीं देने पर जब विभाग छापा मार कार्रवाई करता है तो, उसे मधुमक्खी के डंक की तरह ही कांटा लगता है।

इसलिए टैक्स भरने को आफत नहीं समझें। समय पर अपना टैक्स भरे। कार्यक्रम में आयकर उपनिदेशक ए.के. गहलोत, गार्डन एसोसिएशन अध्यक्ष सुभाष गांधी, टेंट व्यवसायी महासंघ अध्यक्ष राकेश जैन, कैटर्स एसोसिएशन अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह वाघेल समेत कई व्यापारी मौजूद रहे। 

टैक्स देने से बनती है कंपनी की कैपिटल :स्टेटमेंट आॅफफाइनेंशियल ट्रांजेक्शन (एसएफटी) एवं आयकर संबंधी समस्याओं के समाधान पर आयोजित सेमिनार में रंजन कुमार ने कहा कि टैक्स देने के लोगों को कई फायदे होते हैं। टैक्स चुकाने से आपको लोन आसानी से मिल सकता है, आपका वीजा आसानी से बन सकता है।

अगर आप करदाता है तो आपके बच्चों को विदेश पढ़ाई के लिए भेजना है तो आपको इसमें कोई दिक्कत नहीं होगी। लेकिन, लोग टैक्स देने से घबराते हैं। जबकि टैक्स देने से व्यक्ति और कंपनी की कैपिटल बनती है।

जयपुर में ईडी ने कुर्क किया पार्क प्राइम होटल

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17 हजार करोड़ के चिटफंड घोटाले में कार्रवाई

जयपुर। 17 हजार करोड़ रु. के रोज वैली चिटफंड घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने स्टेच्यू सर्किल स्थित पार्क प्राइम होटल कुर्क कर अपने कब्जे में ले लिया। पांच साल पहले इस प्रॉपर्टी की कीमत 95 करोड़ रुपए आंकी गई थी।

रोज वैली घोटाला करने वालों ने पूरे देश में बड़ी संख्या में लोगों को निवेश के नाम पर ठगा। प्रदेश के करीब आठ हजार लोगों ने इस समूह की कंपनी में निवेश किया था। इनसे करीब 125 करोड़ रु. राजस्थान के निवेशकों से जुटाए गए थे। इन्हें होटल, रियल एस्टेट सहित विभिन्न व्यवसायों से मोटे मुनाफे का लालच दिया गया था।

मामले में तृणमूल कांग्रेस के दो सांसद तापस पाल और सुदीप बंदोपाध्याय को सीबीआई गिरफ्तार कर चुकी है।
ईडी की कोलकाता शाखा ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लाउंड्रिंग एक्ट के तहत 2016 में इस होटल को कब्जे में लेने की कार्रवाई शुरू की थी।

होटल को होने वाली सारी कमाई और लाभ अब से ईडी के खाते में जमा होंगे। इसके साथ ही ईडी ने इस संपत्ति के क्रय-विक्रय या हस्तांतरण पर रोक लगाई है। ईडी की ओर से इस संबंध में नोटिस की प्रति भी होटल पर चिपका दी गई है।

प्रदूषण मुक्त चम्बल के लिए महाआरती से शंखनाद

आध्यात्म और पर्यावरण प्रेमियों का अभियान

कोटा। हाड़ौती और राजस्थान और मध्यप्रदेश की जीवन रेखा चम्बल के संरक्षण और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए गुरुवार को नयापुरा में पर्यावरणप्रेमी नागरिकों एवं संत समाज ने शंखनाद किया। उन्होंने घंटा, घड़ियालों के माघ्यम से महाआरती के जरिए बताया कि चम्बल खतरनाक स्तर तक प्रदूषित हो गई है।

गंदगी के कारण चम्बल की आरती के समय वहां खड़ा रहना मुश्किल हो गया। राष्ट्रीय जल बिरादरी की चम्बल संसद, तरूण भारत संघ, सोसायटी फॉर कजर्वेशन हिस्टोरिकल ईकोलॉजिक रिसोर्स, भारतीय सांस्कृतिक निधि ,कोटा एनवायरमेंटल सेनीटेशन सोसायटी आदि के तत्वावधान में नयापुरा चम्बल की छोटी पुलिया पर महाआरती की गई।

चम्बल को बचाना है, बचाना है, चम्बल मैया की जय आदि के उद्घोषों के बीच आरती में सैकड़ों नागरिकों ने भाग लिया। नयापुरा पुलिया को इस लिए चुना गया कि यहीं पर चम्बल सर्वाधिक प्रदूषित है।

जल बिरादरी के प्रदेश उपाध्यक्ष बृजेश विजयवर्गीय ने बताया कि नगर विकास न्यास के अध्यक्ष आरके मेहता ने इस अवसर चम्बल शुद्धिकारण के लिए न्यास की प्रतिब़द्धता जताते हुए कहा कि चम्बल को स्वच्छ रखना हमारा कर्त्तव्य है।

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी भी नमामि गंगे मंत्रालय के माध्यम से नदी को साफ रखने की योजना पर काम कर रहे है। कोटा में न्यास को भी एनजीटी के निर्देश मिले हैं। न्यास शीघ्र ही स्मार्टसिटी में चम्बल प्रदूषण विषय को भी घ्यान रखेगा। स्वयंसेवी संस्थाऐं दबाव बनाऐ रखें।

कोटा में प्रदूषित चम्बल नदी

गायत्री परिवार के मुख्य ट्रस्टी जीडी पटेल, अर्थशास्त्री शिक्षविद् डॉ. गोपाल सिंह, डॉ. गोपाल धाकड़ , ओम कोठारी प्रबंधन संस्थान के निर्देशक डॉ. अमित सिंह राठौड़, वानर सेनर के गजेंद्र भार्गव,राष्ट्रीय प्रताप फाउण्डेशन के राजेंद्र सुमन, कोटा एनवायरमेंटल सेनीटेशन सोसायटी की अध्यक्ष डॉ. सुसेन राज, नीरज तिवारी, शेर संस्था के प्रवीण कुमार सिंह, मुकेश सुमन अदि ने चम्बल की उपेक्षा पर अफसोस जताते हुए कहा कि स्मार्ट सिटी की बात करने वालों को चम्बल की दुर्दशा ठीक करने का संकल्प लेना होगा।

राजस्थान के बड़े शहरों को पानी पिलाने की योजनायें बिना चम्बल शुद्धिकरण के संभव नहीं है। इस अवसर पर नगर निगम के पार्षद विनोद नायक, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रहलाद पंवार समेत कई ईपीएम नागरिक मौजूद थें। शिक्षाविद् डॉ. गोपाल सिंह ने कहा चम्बल के संरक्षण के लिए प्रबुद्ध करने नागरिकों को सरकार पर दबाव बनाना पड़ेगा।

सरकार चम्बल को जिंदा रखने की प्रतिब़द्धता जाहिर करे। योजनाओं को ठण्डे बस्ते में से निकाल कर अमली जामा पहनाऐं। विजयवर्गीय ने बताया कि चम्बल बचाने के लिए जन आंदोलन पर मजबूर किया जा रहा है। समय रहते सरकार काम शुरू करे। तकनीकी विशेषज्ञों को बुला कर राय से काम किया जाए।

जेईई-मेन,2018 में ऑनलाइन आवेदन आज से

इम्तिहान : सबसे बडी प्रवेश परीक्षा की प्रेक्टिस के लिए मॉक टेस्ट भी इसी माह से शुरू होंगे

अरविंद, कोटा। जेईई-मेन,2018 के लिए आज (1 दिसंबर) से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जेईई-मेन वेबसाइट पर प्रारंभ होगी। विद्यार्थी 1 जनववरी,2018 तक आवेदन तथा 2 जनवरी तक फीस जमा करवा सकते हैं। 2 मार्च से परीक्षार्थी प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकेंगे।

संयुक्त प्रवेश बोर्ड (जेब) के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर के अनुसार, जेईई-मेन की पेन-पेपर परीक्षा (ऑफलाइन) 8 अप्रैल को तथा कम्प्यूटर बेस्ड टेस्ट (ऑनलाइन परीक्षा) 14 एवं 15 अप्रैल को दो पारियों में होगी। प्रवेश परीक्षा भारत सहित 9 अन्य देशों श्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल, सिंगापुर, बहरीन, दुबई, मस्कट, रियाद व शरजाह में होगी।

दिसंबर माह से जेईई-मेन वेबसाइट पर परीक्षार्थियों को सेम्पल पेपर एवं मॉक टेस्ट की सुविधा निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। जेईई-मेन के लिए 12वीं बोर्ड परीक्षा पास कर चुके या इस वर्ष 12वीं में अध्ययनरत विद्यार्थी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे।

ऑनलाइन फार्म में विद्यार्थियों को आधार कार्ड नंबर देने होंगे। आधार कार्ड प्रक्रिया में होने पर आधार नंबर, नाम, जन्म तिथि व लिंग आदि की जानकारी ऑनलाइन फॉर्म में भरनी होगी।

25 हजार से अधिक सीटों के लिए परीक्षा
जेईई-मेन की रैंक के आधार पर देश के 31 एनआईटी, 20 ट्रिपल आईटी, 22 गवर्नमेंट वित्त पोषित संस्थानां तथा 19 अन्य उच्च तकनीकी संस्थानों की 25 हजार से अधिक बीटेक व बीआर्क सीटों पर प्रवेश दिए जाएंगे।

इस बार मध्यप्रदेश, हरियाणा, उडीसा, उत्तराखंड व नागालैंड भी जेईई-मेन सिस्टम से राज्य के इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश दिए जाएंगे। वहां अलग से राज्य स्तरीय परीक्षा नहीं होगी। जिन विद्यार्थियों ने गत वर्ष इन राज्यों में राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा दी है, वे इस बार जेईई-मेन,2018 देकर रैंक सुधार सकते हैं।

जेईई-मेन,2018 का पेपर-1 ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों मोड में होगा, जबकि बीआर्क के लिए पेपर-2 केवल ऑनलाइन होगा। 3 घंटे के पेपर-1 में फिजिक्स, केमिस्ट्री व मैथ्स तीनां विषयों से बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे।

जबकि पेपर-2 में मैथ्स, एप्टीट्यूट टेस्ट व ड्राइंग टेस्ट पर आधारित प्रश्न होंगे। जेईई-मेन में शीर्ष रैंक से चयनित 2.24 लाख परीक्षार्थी 20 मई को जेईई-एडवांस्ड,2018 देंगे।

जेईई-मेन में ऑनलाइन फीस आधी
ऑफलाइन परीक्षा में सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए परीक्षा शुल्क 1000रू. तथा छात्राओं के लिए 500 रू है। आरक्षित वर्ग में परीक्षा शुल्क 500 रू है। जबकि ऑनलाइन परीक्षा शुल्क को आधा कर दिया गया है।

सामान्य वर्ग छात्रों के लिए 500 रू तथा आरक्षित वर्ग एवं छात्राओं के लिए परीक्षा शुल्क 250 रू है। इसके अतिरिक्त सभी वर्गो के विद्यार्थियों पर जीएसटी भी देय होगा।

ऑनलाइन आवेदन के लिए यहाँ क्लिक करें 

चोखी ढाणी होटल एवं रिसोर्ट समूह के 20 ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी

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जयपुर। आयकर विभाग ने एक होटल एवं रिसोर्ट-श्रृंखला के बड़े समूह के देश भर में 20 ठिकानों पर कार्रवाई की। जयपुर में चोखी ढाणी के नाम से मशहूर रिसोर्ट के मालिकों के यहां अलसुबह आयकर विभाग की टीमों ने धावा बोल दिया, इनमें से चौदह ठिकानें तो जयपुर में ही है।

इसके अलावा दिल्ली, गुरुग्राम, चेन्नई, इंदौर, सोनीपत, पुणे, चंडीगढ़, पंचकूला और जैसलमेर में भी इनके ठिकानों पर छापे मारे हैं। इस घटना से समूह संचालकों व कर्मचारियों में हडकम्प मच गया।

सुबह से ही आयकर विभाग की टीमों ने चोखी ढाणी समूह के सभी संचालकों के ठिकानों पर एक साथ सर्वे कार्रवाई की।

आयकर विभाग ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में लेकर आयकर चोरी की आशंका में छानबीन की है। देर शाम तक दस्तावेजों की जांच की जा रही थी। आयकर विभाग को इस समूह पर करोड़ों रुपए की कर चोरी की संभावना है।

आयकर विभाग की टीमों को इस समूह के जमीन, रियल स्टेट और दूसरे उद्योग धंधों में निवेश के दस्तावेज मिले हैं। बडी मात्रा में नकदी, सोने-चांदी भी मिली है। कार्रवाई दो-तीन दिन चल सकती है।

सोना 120 रुपये गिरकर 30400 रुपये प्रति 10 ग्राम बिका

नई दिल्ली/कोटा । दिल्ली सर्राफा बाजार में बुधवार को सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। कमजोर वैश्विक संकेत और ज्वैलर्स की ओर से मांग में कमी के चलते सोना 120 रुपये कमजोर होकर 30400 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है।

चांदी की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली है। चांदी की कीमतें 675 रुपये की कमजोरी के साथ 39325 रुपये प्रति किलो ग्राम हो गई है। व्यापारियों का मानना है कि घरेलू हाजिर बाजार में स्थानीय ज्वैलर्स और रिटेलर्स की ओर से मांग में कमजोरी देखने को मिली है।

साथ ही तीसरी तिमाही में अमेरिका के बेहतर ग्रोथ डेटा के बाद कमजोर वैश्विक संकेत देखने को मिले हैं। इससे सोने की कीमतों पर दबाव देखने को मिला है। वैश्विक स्तर पर सिंगापुर में सोना 0.16 फीसद की कमजोरी के साथ 1281.40 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर और चांदी 0.15 फीसद की कमजोरी के साथ 16.48 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गई।

देश की राजधानी दिल्ली में 99.9 फीसद और 99.5 फीसद शुद्धता वाला सोना 120 रुपये की गिरावट के साथ क्रमश: 30,400 और 30250 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है। जानकारी के लिए बता दें कि बीते सत्र में सोने की कीमतों में 20 रुपये की मामूली गिरावट दर्ज की गई थी।

इसी तरह चांदी तैयार 675 रुपये की गिरावट के साथ 39325 रुपये प्रति किलोग्राम और साप्ताहिक आधारित डिलिवरी 775 रुपये की कमजोरी के साथ 37920 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है। चांदी के सिक्के 74000 रुपये लिवाल और 75000 रुपये बिकवाल प्रति सैंकड़ा के स्तर पर बरकरार रहे हैं।

कोटा सर्राफा
चांदी 39200 रुपये प्रति किलोग्राम। 
सोना केटबरी 30300 रुपये प्रति दस ग्राम,  सोना 35340 रुपये प्रति तोला।
सोना शुद्ध 30450 रुपये प्रति दस ग्राम,  सोना 35520 रुपये प्रति तोला।

सेंसेक्स दो महीने के निचले स्तर पर बंद, निफ्टी 10250 के नीचे

नई दिल्ली। निवेशकों में जीडीपी आंकड़ों को लेकर संशय बढ़ा और इसका सीधा असर शेयर मार्केट पर देखा गया। गुरुवार को सेंसेक्स 453.41 पॉइंट टूटकर 33,149 अंक पर बंद हुआ।

यह पिछले दो महीने में सबसे बड़ी गिरावट है।। इधर, निफ्टी भी 134.75 अंक गिरकर 10,226 पर बंद हुआ। इस तरह देश के दोनों ही प्रमुख सूचकांकों में क्रमशः 0.3 प्रतिशत और 1.3 प्रतिशत की गिरावट आई।आज दिनभर के कारोबार में भारत इन्फ्राटेल के 16 प्रतिशत जबकि वेदांता के शेयर 13.7 गिर गए।

इनके अलावा यूपीएल के शेयरों में भी 9.8 प्रतिशत की गिरावट आई।  गुरुवार को मेटल इंडेक्स 6.8 प्रतिशत और ऑटो इंडेक्स 1.3 प्रतिशत नीचे जबकि आईटी इंडेक्स 2.6 प्रतिशत ऊपर बंद हुए।

दरअसल, सेंसेक्स सुबह 9.40 बजे ही 153.81 अंकों की गिरावट के साथ 33,448.95 पर जबकि निफ्टी भी लगभग इसी समय 49.95 अंकों की कमजोरी के साथ 10,311.35 पर आ गया था।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 60.26 अंकों की गिरावट के साथ 33542.50 पर जबकि नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 28.6 अंकों की कमजोरी के साथ 10,332.70 पर खुला था।

राजधानी एक्सप्रेस बनेगी हाईटेक, बदलेगी सूरत

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रेल यात्रियों के लिए एक अच्छी खबर है। रेलवे अब राजधानी एक्सप्रेस को हाईटेक बनाने पर काम कर रहा है। ट्रेन की बोगियों में कई नई सुविधाएं यात्रियों को जल्द मिलने लेगेंगी। रेलवे की योजना ट्रेन की शक्ल-सूरत पूरी तरह से बदलने की है।  जानिए कैसी होगी नई राजधानी एक्सप्रेस..
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पूरे ट्रेन में रोशनी के लिए एलईडी लाइट्स का इस्तेमाल किया जाएगा।
ट्रेन में सीसीटीवी भी लगा होगा। कैमरा दरवाजे और गलियारे के पास लगा होगा।

दिसंबर 2018 तक सेंसेक्स छू सकता है 35700 का स्तर: मॉर्गन स्टेनले

नई दिल्ली। वैश्विक वित्तीय सेवा कंपनी मॉर्गन स्टेनले ने अनुमान लगाया है कि दिसंबर 2018 तक प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 35700 का स्तर छू सकता है, जो कि बुधवार के बंद स्तर (33602.76) से छह फीसद ज्यादा है।

ब्रोकरेज फर्म औद्योगिक, कॉरपोरेट बैंक, इंफ्रास्ट्रक्चर, विवेकाधीन खपत, घरेलू वस्तु और सॉफ्टवेयर स्टॉक को लेकर सकारात्मक है। निवेश बैंकिंग फर्म ने अपने हालिया नोट में कहा है कि समर्थित वैश्विक विकास दर, सुधरते पूंजीगत खर्चे एवं वित्तीय खर्चों और कंज्यूमर के उत्साहजनक रुझानों ने इसकी बेहतरी के संकेत दिए हैं।

साथ ही यह भी कहा है कि लिस्टेड कंपनियों की कमाई सात वर्ष में सबसे बेहतर स्थिति में है, फ्री कैश फ्लो बहुत मजबूत स्थिति में है। ऐसे में दुनियाभर के तमाम उभरते बाजारों में से भारतीय बाजार सबसे मजबूत होंगे। इस साल जून में ब्रोकरेज फर्म ने पूर्वानुमान लगाया था कि जून 2018 तक सेसेंक्स 34000 का स्तर छू सकता है।

साथ ही दिसंबर 2017 तक के लिए सेंसेक्स का 33000 के आंकड़ें का अनुमान लगाया था। 25 अक्टूबर, 2017 को सेंसेक्स ने पहली बार 33000 का आंकड़ा पार किया था और 33042 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं, गोल्डमैन सैक ने निफ्टी के लिए दिसंबर 2018 तक 11,600 का लक्ष्य रखा है। इस साल घरेलू शेयर बाजार का बेंचमार्क बढ़ रहा है।

उत्पादन में कमी से चाय की कीमतों में उछाल

पश्चिम बंगाल के डुआर्स और तराई क्षेत्रों में प्रतिकूल जलवायु के कारण चाय उत्पादन में 90 लाख किलो की कमी दर्ज की गई

नई दिल्ली । कई महीनों तक कीमतों में स्थिरता के बाद अब चाय की कीमतें धीरे-धीरे बढ़ रही हैं। इसके पीछे उत्पादन घटने के साथ ही अन्य कारण जिम्मेदार हैं। टीबोर्ड से प्राप्त जानकारी के मुताबिक सितंबर में उत्तर भारत में चाय का उत्पादन 4.2 करोड़ किलो की गिरावट आई।

असम में चाय के उत्पादन में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। यह सितंबर में करीब 3.1 करोड़ किलोग्राम कम रहा। इसके अलावा पश्चिम बंगाल के डुआर्स और तराई क्षेत्रों में प्रतिकूल जलवायु के कारण चाय उत्पादन में 90 लाख किलो की कमी दर्ज की गई। वर्ष 2016 में भारत में कुल 126.74 करोड़ किलो चाय का उत्पादन हुआ था।

इसमें से असम और पश्चिम बंगाल में कुल उत्पादन 105.45 करोड़ किलोग्राम रहा। उत्तर पूर्व चाय संघ के सलाहकार और टी बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष विद्यानंद बारकाकोटे ने बताया कि सितंबर व अक्टूबर महीने असम के सालाना चाय उत्पादन में 25 से 30 फीसद का योगदान करते हैं।

चाय बागान

यहां सितंबर में पिछले साल के इसी महीने की तुलना में उत्पादन में 25 फीसद की गिरावट दर्ज की गई।

हालांकि अक्टूबर में उत्पादन ठीक-ठाक रहा। अनुमान है कि इस साल असम के चाय उत्पादन में पिछले साल की तुलना में कुल मिलाकर पांच फीसद तक की गिरावट आएगी।

इसे देखते हुए आने वाले महीनों में चाय की कीमतों में वृद्धि की आशंका बढ़ गई है। भारत के सालाना चाय उत्पादन का करीब 50 फीसद असम में ही होता है।