सदस्य आशीष मेहता उठाएंगे यात्री हितों से जुड़े मुद्दे, 37 विषयों का ड्राफ्ट जीएम को भेजा
कोटा। पश्चिम मध्य रेलवे, जबलपुर की क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति (ZRUCC) की 23वीं बैठक 25 जून को महाप्रबंधक कार्यालय के “मनन” सभाकक्ष में आयोजित होने जा रही है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में समिति सदस्य आशीष मेहता पश्चिम मध्य रेलवे क्षेत्र के लाखों यात्रियों, व्यापारियों और आम जनता की लंबे समय से लंबित मांगों को प्रमुखता से महाप्रबंधक और रेलवे बोर्ड के समक्ष रखेंगे।
सदस्य मेहता ने बैठक की तय समय-सीमा के भीतर रेलवे प्रशासन को 37 बिंदुओं का एक व्यापक सुझाव पत्र सौंप दिया है, जिसमें रेल कनेक्टिविटी के विस्तार से लेकर बुनियादी यात्री सुविधाओं में सुधार के बड़े सुझाव शामिल हैं।
समिति सदस्य आशीष मेहता ने कोटा जंक्शन पर चल रहे पुनर्विकास कार्यों की धीमी गति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। मानसून के आगमन को देखते हुए उन्होंने स्टेशन पर बिखरी निर्माण सामग्री से होने वाले संभावित हादसों को रोकने के लिए समय-सीमा तय करने और सुरक्षा पुख्ता करने की मांग की है।
इसके साथ ही, हवाई अड्डों की तर्ज पर कोटा जंक्शन जैसे प्रमुख स्टेशनों पर सामान के लिए लगेज ट्रॉली और बुजुर्गों, दिव्यांगों व मरीजों के लिए ‘इलेक्ट्रिक गोल्फ कार्ट’ सेवा शुरू करने का एक बड़ा जनहितैषी प्रस्ताव दिया गया है।
रेलवे ट्रैक पर मवेशियों की दुर्घटनाएं रोकने के लिए संवेदनशील इलाकों में ट्रैक फेंसिंग और बारिश के दिनों में रेलवे अंडरपास में होने वाले जलभराव की स्थायी निकासी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।
यात्रियों की सुविधा के लिए आगरा-कोटा पैसेंजर में थर्ड एसी कोच लगाने, कोटा-दिल्ली रूट पर सुबह 5 से 10 बजे के बीच नई मेमू ट्रेन संचालित करने और कोटा से रतलाम के बीच शाम के समय नई इंटरसिटी एक्सप्रेस शुरू करने की मांग की गई है।
इसके अतिरिक्त कोटा से बेंगलुरु के लिए त्रि-साप्ताहिक सुपरफास्ट ट्रेन तथा मथुरा और चित्तौड़गढ़ के लिए नई नियमित इंटरसिटी सेवा शुरू करने का प्रस्ताव है।
सदस्य आशीष मेहता ने जयपुर-मैसूर एक्सप्रेस के संचालन समय में 5 घंटे की कटौती करने, कोटा-सिरसा एक्सप्रेस का इंदौर तक विस्तार करने और कोरोना काल में बंद हुई मुंबई-फिरोजपुर जनता एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण गाड़ियों को पुन: बहाल करने का आग्रह किया है।
उदयपुर-आगरा वंदे भारत एक्सप्रेस को बंद किए जाने की समीक्षा करने और इसके किराए पर पुनर्विचार करने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया जाएगा।
कैटरिंग, पार्किंग और सूचना तंत्र की विफलता पर सख्त रुख
उन्होंने त्योहारों पर ऐन वक्त आनन-फानन में बिना प्रचार-प्रसार के स्पेशल ट्रेनें चलाने से रेलवे को होने वाले राजस्व नुकसान और सूचना तंत्र की विफलता का उदाहरण भी प्रस्तुत किया है।
स्पेशल ट्रेन की बुकिंग 7 से 10 दिन पहले खोली जाए
उन्होंने मांग की है कि किसी भी स्पेशल ट्रेन की बुकिंग 7 से 10 दिन पहले खोली जाए। इसके अलावा, स्टेशनों पर पार्किंग ठेकेदारों की मनमानी और अवैध वसूली रोकने, वेंडर्स द्वारा बिल अनिवार्य रूप से देने, रेल नीर की जगह अन्य ब्रांड बेचने पर रोक लगाने तथा ‘नो बिल, नो पेमेंट’ के नियम को सख्ती से लागू करने की मांग की गई है।
छोटे स्टेशनों (NSG-6 श्रेणी) पर भीषण गर्मी में भी वाटर कूलर और पर्याप्त शेड न होने से यात्रियों को होने वाली परेशानी पर नाराजगी जताते हुए विशेष इंतजाम करने का अनुरोध किया गया है।
रेल किराया रियायत दोबारा शुरू करने की मांग
आशीष मेहता ने कोटा शहर के ‘एजुकेशन हब’ होने के नाते देश भर से आने वाले विद्यार्थियों और परिजनों की सुविधा के लिए यहाँ प्रीपेड टैक्सी बूथ स्थापित करने, पर्यावरण संरक्षण हेतु प्लास्टिक पूरी तरह बैन कर पलाश के पत्तों में खाद्य सामग्री देने और वरिष्ठ नागरिकों व पत्रकारों को पूर्व में मिलने वाली रेल किराया रियायत को दोबारा शुरू करने की भी पुरजोर वकालत की है।

