नई दिल्ली। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच समझौता ना हो पाने को लेकर एक नया खुलासा किया है। वेंस ने संकेत दिए हैं कि ईरान ने जिन प्रतिनिधियों को इस्लामाबाद भेजा था, उनके पास फैसला लेने की क्षमता ही नहीं थी और यह बातचीत फेल होने की एक बड़ी वजह रही। वेंस ने इस दौरान कहा है कि अमेरिका ने युद्धविराम को लेकर सभी शर्तों को स्पष्ट कर दिया है और अब आगे की बातचीत को लेकर गेंद ईरान के पाले में हैं।
रविवार को फॉक्स के साथ एक इंटरव्यू में, वेंस ने विस्तार से बताया कि पिछले हफ्ते इस्लामाबाद में US और ईरान के बीच शांति वार्ता के दौरान क्या हुआ और क्यों कोई डील नहीं हो पाई। उपराष्ट्रपति ने कहा कि पाकिस्तान में हुई शांति वार्ता अंततः इसलिए समाप्त हो गई क्योंकि ईरानी वार्ताकार किसी समझौते को अंतिम रूप नहीं दे पाए।
उन्होंने आगे कहा कि इस बातचीत से यह समझने में मदद मिली कि तेहरान में निर्णय लेने का अधिकार किसके पास है। उन्होंने कहा, ”हमें यह समझ आया कि वहां मौजूद टीम समझौता करने में असमर्थ थी। उन्हें तेहरान लौटना पड़ा ताकि या तो सर्वोच्च नेता से या किसी और से उन शर्तों पर मंजूरी ली जा सके जो हमने तय की थीं।”
वेंस ने कहा कि वह इस बात पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से शत प्रतिशत सहमत हैं कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए। उन्होंने कहा, “मैं इस बात पर राष्ट्रपति ट्रंप से शत प्रतिशत सहमत हूं कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए… अगर वे पूरी दुनिया के खिलाफ आर्थिक आतंकवाद फैलाने को तैयार हैं तो सोचिए कि अगर तेहरान के पास परमाणु बम हो तो इसका क्या मतलब होगा और उनके पास क्या ताकत होगी।”
वेंस ने कहा कि यह पहली बार था जब अमेरिका और ईरान की सरकारें इतने उच्च स्तर पर मिलीं। उन्होंने कहा, ”इसलिए मेरा मानना है कि यह सकारात्मक बात है और हमने बातचीत में कुछ प्रगति की।” वेंस ने जोर देकर कहा कि अगर ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को लेकर अमेरिका की ‘सीमाओं’ का पालन किया जाता है तो ”यह दोनों देशों के लिए बहुत, बहुत अच्छा समझौता हो सकता है।” वेंस ने कहा, ”क्या हमारी आगे और बातचीत होगी, क्या हम किसी समझौते तक अंततः पहुंचेंगे? मुझे लगता है कि गेंद अब ईरान के पाले में है।’’
समझौता नहीं करवा पाया पाकिस्तान
इससे पहले अमेरिका और ईरान सप्ताहांत में इस्लामाबाद में 21 घंटे तक चली लंबी शांति वार्ता के बाद किसी समझौते पर नहीं पहुंच सके। अमेरिका का कहना है कि तेहरान ने परमाणु हथियार संबंधी शर्त को मानने से इनकार कर दिया।
वेंस ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई इस वार्ता में विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जैरेड कुशनर वाले प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था। वहीं ईरानी प्रतिनिधिमंडल में उसकी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची शामिल थे।

