नृसिंह जयंती आज: किशोरपुरा मंदिर में सजेगा फूल बंगला, होंगे दुर्लभ मुखौटे के दर्शन

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कोटा। किशोरपुरा गेट स्थित करीब 300 वर्ष प्राचीन ऐतिहासिक नरसिंह मंदिर भगवान के जयकारों से गुंजायमान रहा। उत्सव के तीसरे दिन, बुधवार को मंदिर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। प्रातःकाल भगवान का पंचामृत स्नान कराया गया। जिसके पश्चात प्रभु का मनमोहक श्रृंगार किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन लाभ लिया।

पुजारी मयंक शर्मा ने बताया कि प्राकट्य दिवस पर प्रातः 7 बजे भगवान का पंचामृत से महाअभिषेक किया जाएगा। जिसके पश्चात चंदन का विशेष लेप लगाया जाएगा। प्रातः 8 बजे से प्रभु का विशेष श्रृंगार होगा। भगवान का दिव्य ‘फूल बंगला’ सजाया जाएगा। साथ ही, दुर्लभ ‘मुखौटा दर्शन’ भी होंगे। जो सुबह 11 बजे से आम भक्तों के लिए खोल दिया जाएगा।

दोपहर 12 बजे विशेष आरती के पश्चात श्रद्धालुओं को मंदिर की ओर से ‘नरसिंह पवित्रा’ यानी रक्षा कवच वितरित किए जाएंगे। जो भक्तों की सुरक्षा और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। शाम 5 बजे से आम भंडारे का आयोजन होगा।

चार दिवसीय आयोजन का समापन शाम 7 बजे 101 बत्तियों की महाआरती के साथ होगा। जिसमें भगवान को ‘छप्पन भोग’ अर्पित कर महाप्रसाद का वितरण किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पंकज मेहता, जगदीश जिंदल, रामगोपाल अग्रवाल, हेमराज जिंदल सहित समाज के कई प्रतिष्ठित पदाधिकारी एवं ट्रस्टी उपस्थित रहेंगे।

अर्जी, चंदन लेप और पवित्रा की प्राचीन परंपरा
मंदिर के पुजारी मयंक शर्मा ने बताया कि यह कोटा का एकमात्र ऐसा प्राचीन मंदिर है, जहां तत्कालीन कोटा महाराज स्वयं पूजा-अर्चना करने आया करते थे। उन्होंने मंदिर के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मुखौटे के दर्शन वर्ष में एक दिन ही होते हैं।भगवान नरसिंह पर चढ़ाया गया चंदन का लेप अत्यंत चमत्कारी और आरोग्य प्रदान करने वाला माना जाता है। मान्यता है कि लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे व्यक्तियों के माथे पर यदि इस चंदन का तिलक लगाया जाए, तो उनके स्वास्थ्य में सकारात्मक सुधार होने लगता है। इसके साथ ही, मंदिर की एक अनूठी परंपरा के अनुसार श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं और समस्याएं कागज पर लिखकर भगवान के चरणों में ‘अर्जी’ के रूप में अर्पित करते हैं। जिनके शीघ्र निवारण का अटूट विश्वास भक्तों में है।