निर्यात विस्तार, विदेशी निवेश और वैश्विक औद्योगिक सहयोग को मिलेगा प्रोत्साहन

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वी.के. जेटली बने अंतरराष्ट्रीय मामलों की समिति के अध्यक्ष

कोटा। भारतीय उद्योगों को वैश्विक बाजार में नई पहचान दिलाने और राजस्थान के उद्यमों के लिए अंतरराष्ट्रीय व्यापार के अवसर विकसित करने की दिशा में एम्प्लॉयर्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान (EAR) ने महत्वपूर्ण पहल की है।

करेजियस कम्युनिटी फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं संस्थापक निदेशक तथा डीसीएम श्रीराम इंडस्ट्रीज लिमिटेड के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी वी.के. जेटली को एसोसिएशन की वर्ष 2026-27 के लिए अंतरराष्ट्रीय मामलों की समिति का अध्यक्ष मनोनीत किया गया है।

उनके नेतृत्व में गठित समिति भारतीय उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जोड़ने, निर्यात की संभावनाओं का विस्तार करने और विदेशी औद्योगिक संस्थानों के साथ सहयोग मजबूत करने की दिशा में काम करेगी।

समिति में रील (यूपीयू) के पूर्व अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ए.के. जैन को संयोजक नियुक्त किया गया है। इसके अलावा बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति तथा भोपाल स्थित स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) एवं ग्वालियर स्थित IIITM के अध्यक्ष प्रो. एच.डी. चरण, जयपुर स्थित मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNIT) के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी विभाग के प्रोफेसर तथा कोटा ट्रिपल आईटी के पूर्व समन्वयक प्रो. कमलेश कुमार शर्मा और यूवीआईई लिथिनिया लिमिटेड के सीएमडी राजेश्वर सिंह समिति में शामिल हैं।

जेटली ने बताया कि समिति का उद्देश्य विदेशी राजनयिकों, अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक संगठनों और औद्योगिक संस्थानों के साथ संवाद स्थापित कर भारतीय उद्यमों के लिए वैश्विक बाजार के नए रास्ते तलाशना है।

विशेष रूप से राजस्थान के उद्योगों को निर्यात के अवसर उपलब्ध कराने, विदेशी बाजारों की मांग के अनुरूप उत्पाद विकसित करने और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में आने वाली व्यावहारिक बाधाओं के समाधान के लिए समन्वित प्रयास किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यापार की बदलती परिस्थितियों में भारतीय उद्योगों के लिए केवल घरेलू बाजार तक सीमित रहना पर्याप्त नहीं है। अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों, बाजार की जरूरतों और निर्यात प्रक्रियाओं की बेहतर समझ के साथ उद्योगों को नए अवसरों के लिए तैयार करना जरूरी है। इसके लिए कार्यशालाएं, विशेषज्ञ संवाद और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

समिति का विस्तार करते हुए विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों और औद्योगिक प्रतिनिधियों को जोड़ने की भी योजना है। इससे राजस्थान के उद्यमों को वैश्विक व्यापार नेटवर्क तक पहुंच बनाने, निर्यात क्षमता बढ़ाने और भारतीय उद्योगों की अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धात्मकता मजबूत करने में मदद मिल सकेगी।