ट्रंप की कार अपने आप में एक हथियार, होश उड़ जाएंगे जानकर!

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नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप से पहले उनकी कार भारत पहुंच चुकी है। ट्रंप अभी 24 फरवरी को आएंगे। दरअसल, वह जहां भी जाते हैं, उनकी कार उनसे पहले पहुंच जाती है, क्योंकि इस कार में दुनिया भर की सबसे एडवांस सेफ्टी है। ये कार बम प्रूफ, कैमिकल अटैक प्रूफ और यहां तक कि न्यूक्लियर अटैक प्रूफ है। यानी सुरक्षा के लिहाज से एकदम परफेक्ट।

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप 24 फरवरी को भारत पहुंचने वाले हैं। उनसे पहले उनकी कार भारत पहुंच चुकी है, जिसमें सवाल होकर वह रोड के जरिए कहीं भी आएंगे-जाएंगे। उनका जो भी विदेश दौरा होता है, उनसे पहले उनकी कार वहां पहुंच जाती है। अब एक सवाल ये उठ सकता है कि ऐसा क्या खास है कि ट्रंप हर जगह अपनी कार लेकर चलते हैं तो इसका जवाब तो आपको ट्रंप की कार की खासियत जानने के बाद मिलेगा।

बता दें कि ट्रंप की कार दुनिया की सबसे सुरक्षित कार मानी जाती है, जिस पर न्यूक्लियर हमले का भी असर नहीं होता है। गाड़ी मशीन गन, आंसू गैस और फायर फायटिंग उपकरण तक होते हैं। यानी ये कार अपने आप में एक हथियार जैसी ही है, जो हर हमले से ना सिर्फ ट्रंप को बचा सकती है, बल्कि जरूरत पड़ने पर इसमें मौजूद हथियारों से दुश्मन का सामना भी किया जा सकता है। बताया जाता है कि ये कार करीब 20 हजार पाउंड वजन की है, जिसकी कीमत लगभग 10 करोड़ रुपए है।

लेटेस्ट टेक्नॉलजी और हथियार से लैस
इस कार में मशीन गन भी लगी रहती है। इसमें जो ईंधन भरा जाता है, उसके साथ स्पेशल तरीके का फोम मिक्स होता है, जिससे किसी भी हालत में टैंक में धमाका ना हो। फायर फाइटिंग, टीयर गैस सिस्टम, नाइट विजन कैमरा और खास तरह के टायर इस कार को बेहद आधुनिक बनाते हैं। अगर इसका टायर पंचर भी हो जाए, तो भी कोई फर्क नहीं पड़ने वाला ना ही इसकी स्पीड पर कोई फर्क पड़ेगा।

14 गाड़ियों के काफिले के बीच चलती है
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की कार 14 गाड़ियों की काफिले के बीचोबीच चलती है। काफिले में आगे और पीछे 9 ऐसी बाइके होती हैं, जो आधुनिक उपकरणों से लैस होती है और वह रास्ता सुरक्षित करती चलती हैं। यहां तक कि कार की डिक्की में डॉनल्ड ट्रंप के ब्लड ग्रुप वाले खून के केस हमेशा रखे रहते हैं। इनकी कार के साथ मिलिट्री ऑफिसर और डॉक्टर भी चलते हैं, ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके।

न्यूक्लियर हमला भी झेल सकती है ये कार
जिस ‘द बीस्ट’ लिमोजीन कार में डॉनल्ड ट्रंप चलते हैं, उसे खासतौर पर ट्रंप की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इस कार पर ना तो बम का असर होता है ना ही कैमिकल अटैक का। यहां तक कि अगर उनकी कार न्यूक्लियर हमले की शिकार हो जाए तो भी ट्रंप को कुछ नहीं होगा। यानी सुरक्षा के लिहाज से एकदम परफेक्ट कार।

ड्राइवर सीट की खासियत भी जान लें
ट्रंप की लिमोजीन में ड्राइवर सीट के साथ पूरा कम्युनिकेशन सेंटर होता है और ये कार जीपीएस से लैस होती है। ड्राइवर भी कोई ऐसा वैसा नहीं होता, बल्कि जाबांज कमांडो होता है, जो किसी भी परिस्थिति में कार चलाने में सक्षम होता है।

बेहद सीक्रेट बात भी हो सकती है इस कार में
ड्राइवर का केबिन कांच के जरिए ट्रंप के केबिन से अलग होता है। यानी ट्रंप अपनी कार में ही 6-7 लोगों के साथ सीक्रेट मीटिंग या किसी के साथ फोन पर सीक्रेट बात कर सकते हैं। उनके इस कार में हर सीट को कांच के चैंबर से अलग किया जा सकता है, जिसका बटन सिर्फ ट्रंप के पास होता है।

ट्रंप की सीट होती है बेहद खास
जिस सीट पर डॉनल्ड ट्रंप बैठते हैं, उसके बगल में ही उनके हाथ के पास एक सैटेलाइट फोन होता है, जिसके जरिए कभी भी सीधे पेंटागन और उप राष्ट्रपति से बात की जा सकती है। किसी भी दिक्कत की स्थिति से निपटने के लिए उनके पास पैनिक बटन भी होता है। साथ ही वहां एक ऑक्सीजन सप्लाई बटन भी होता है, जिसका सिलेंडर गाड़ी में ही फिट रहता है।

8 इंच मोटा गेट, बुलेट प्रूफ शीशे
डॉनल्ड ट्रंप की कार का गेट 8 इंच मोटी स्टील, एल्यूमिनियम, टाइटेनियम और सिरेमिक का बना हुआ होता है। कार के शीशे 5 लेयर्स से बने होते हैं। ये ध्यान देने वाली बात है कि इसमें सिर्फ एक ही विंडो खुलती है, वो भी सिर्फ 3 इंच, जो कि ड्राइवर साइड होती है।