कोटा। सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं जन-जागरण के उद्देश्य से गुरुवार को कोटा स्थित पुरुषार्थ भवन व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन महर्षि दयानन्द सरस्वती वेद प्रचार समिति, दी एसएसआई एसोसिएशन तथा लघु उद्योग भारती के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय क्रांतिकारी संत स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने परमात्मा के स्वरूप, सृष्टि के सिद्धांतों और मानव जीवन के कर्तव्यों पर अत्यंत ओजस्वी एवं चिंतनशील व्याख्यान प्रस्तुत किया।
उन्होंने कहा कि परमात्मा सृष्टि के सृजन, पालन एवं संरक्षण के साथ-साथ समय पूर्ण होने पर उसका संहार भी करता है। साथ ही, वेदों के माध्यम से मानवता को ज्ञान प्रदान करना तथा प्रत्येक जीव को उसके कर्मों के अनुरूप फल देना भी ईश्वर का शाश्वत विधान है।
उन्होंने अपने संबोधन में वैदिक संस्कृति की प्रासंगिकता, भारतीय परंपराओं के संरक्षण तथा समाज में नैतिक मूल्यों के प्रसार की आवश्यकता पर विशेष बल देते हुए कहा कि “संस्कृति ही राष्ट्र की आत्मा है और इसका संरक्षण प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
कार्यक्रम में एसएसआई फाउंडर प्रेसिडेंट गोविंद राम मित्तल, निर्वतमान अध्यक्ष मनोज राठी, अध्यक्ष दीपक मेहता, सचिव समीर सूद, कोषाध्यक्ष राहुल जैन तथा अंकुर गुप्ता सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के सफल संचालन में संयोजक कपिल बहेती एवं संदीप जांगिड़ की विशेष भूमिका रही। आयोजन में बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं एवं नागरिकों ने स्वामी जी के विचारों को आत्मसात करते हुए सनातन मूल्यों के संरक्षण का संकल्प लिया।

