चारा प्रबंधन होगा आसान, किसानों को दी गई सब्सिडी वाली कुट्टी मशीनें

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कोटा। कोटा-बूंदी दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड सरस डेयरी द्वारा दुग्ध उत्पादक किसानों एवं पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए शुक्रवार को सब्सिडी पर कुट्टी मशीनों का वितरण किया गया।

अध्यक्ष चैन सिंह राठौड की अगुवाई में सरस डेयरी परिसर में आयोजित कार्यक्रम में किसानों को विद्युत संचालित 38 कुट्टी मशीनें तथा 15 स्वचालित कुट्टी मशीनें वितरित कीं। मशीनें प्राप्त करने के बाद किसानों के चेहरों पर उत्साह और खुशी साफ दिखाई दी।

कार्यक्रम में बताया गया कि सरस डेयरी द्वारा चरणबद्ध तरीके से कुल 300 कुट्टी मशीनों का वितरण किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के सैकड़ों पशुपालकों को लाभ मिलेगा। शुक्रवार को प्रथम चरण में 53 मशीनों का वितरण किया गया।

योजना का लाभ उन किसानों को प्राथमिकता से दिया गया जो नियमित रूप से डेयरी को दुग्ध उपलब्ध करा रहे हैं।इस अवसर पर सरस डेयरी के प्रबंध निदेशक दिलखुश मीणा सहित बड़ी संख्या में कृषक एवं डेयरी से जुड़े पदाधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अध्यक्ष चैन सिंह राठौड़ ने कहा कि राज्य सरकार किसानों एवं पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के मार्गदर्शन में संचालित विभिन्न योजनाओं का सीधा लाभ किसानों तक पहुंचाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि आधुनिक कुट्टी मशीनों के उपयोग से पशुओं के लिए चारे की कटाई आसान होगी, समय और श्रम की बचत होगी तथा पशुओं को संतुलित एवं पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे दुग्ध उत्पादन में भी वृद्धि होगी और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत बनेगी।

राठौड़ ने कहा कि सरस डेयरी केवल दुग्ध संग्रहण तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों के समग्र विकास के लिए आधुनिक तकनीक एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने का कार्य भी कर रही है। उन्होंने पशुपालकों से नई तकनीकों को अपनाने और डेयरी से अधिकाधिक सब्सिडी पर वितरित हुई कुट्टी मशीनें का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान किसानों ने सरस डेयरी की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि कुट्टी मशीनों से पशुपालन कार्य अधिक सुगम होगा तथा चारे की बर्बादी भी कम होगी। किसानों ने इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाली उपयोगी योजना बताया।