गीता भवन में राधा-कृष्ण मंदिर के 60 साल पुराने ढांचे का होगा कायाकल्प

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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला करेंगे शनिवार को शिलान्यास

कोटा। शहर के प्रसिद्ध ‘गीता भवन’ में श्री राधा-कृष्ण के नवीन मंदिर का भूमि पूजन और शिलान्यास 9 मई को प्रातः 11 बजे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के द्वारा संपन्न होगा। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में क्षेत्रीय विधायक संदीप शर्मा, भाजपा शहर अध्यक्ष राकेश जैन एवं निगम में नेता प्रतिपक्ष विवेक राजवंशी उपस्थित रहेंगे।

गीता भवन के अध्यक्ष गोवर्धन खंडेलवाल ने पत्रकार को बताया कि वर्तमान मंदिर का हॉल लगभग 60 वर्ष पुराना है। जो चूने से निर्मित था और समय के साथ छोटा पड़ने लगा था। पुराना हॉल जहाँ मात्र 30 गुणा 45 फीट का था। वहीं अब इसे विस्तारित कर 102 गुणा 69 फीट का भव्य रूप दिया जा रहा है। यह नया मंदिर दो मंजिला (डबल स्टोरी) होगा, जिसमें श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ आध्यात्मिक शांति का भी ध्यान रखा गया है। ​

गीता भवन में प्रस्तावित राधाकृष्ण मंदिर का मॉडल

उल्लेखनीय है कि पूर्व में निर्मित मन्दिर को हटा दिया गया है। वहीं विधि-विधान और शास्त्रोक्त मर्यादाओं का पालन करते हुए भगवान राधा-कृष्ण को वर्तमान मंदिर से पास ही स्थित शिव मंदिर में अस्थाई रूप से विराजित किया गया है। मंदिर का डिजाइन प्रतिष्ठित वास्तुकार सोमपुरा बंधुओं द्वारा तैयार किया गया है। जिनकी निगरानी में ही मंदिर का निर्माण सम्पन्न होगा।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा मंदिर परिसर
निर्माण संयोजक कृष्णकुमार खंडेलवाल एवं सह-संयोजक कुंती मूंदड़ा ने बताया कि नए भवन का कुल निर्मित क्षेत्रफल लगभग 12 हजार वर्ग फीट होगा। पूर्व में मंदिर में परिक्रमा की व्यवस्था नहीं थी, जिसे अब विशेष रूप से शामिल किया गया है। मुख्य मंदिर हॉल 86 गुणा 45 फीट का होगा। जिसके सामने 13.5 फीट का फ्रंट बरामदा और 9 फीट चौड़ाई का साइड बरामदा बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, परिसर में प्याऊ, कार्यालय, स्टोर और आधुनिक सीढ़ियों का निर्माण भी होगा। ​

कृष्ण लीलाओं का चित्रण होगा आकर्षण का केंद्र
सह मंत्री महेंद्र मित्तल ने बताया कि मंदिर के प्रथम तल को विशेष रूप से कलात्मक बनाया जा रहा है। यहाँ भगवान श्री कृष्ण की विविध लीलाओं और श्रीमद्भगवद्गीता के उपदेशों का सुंदर एवं जीवंत चित्रण किया जाएगा। जो दर्शनार्थियों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र होगा। ​लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी मंदिर को स्थापत्य कला की दृष्टि से भव्य और दर्शनीय बनाने के लिए कईं महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं और इस परियोजना में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है।

जन्माष्टमी तक ढांचा तैयार करने का लक्ष्य
कोषाध्यक्ष गिर्राज गुप्ता और मंत्री रामेश्वर विजय ने बताया कि यह पुनीत कार्य शहरवासियों के तन-मन-धन के सहयोग से पूर्ण होगा। प्रवक्ता संजय गोयल के अनुसार, मंदिर को आगामी श्री कृष्ण जन्माष्टमी से पूर्व तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। मंदिर के नवनिर्माण पर लगभग 2 करोड़ रुपए की लागत आने का अनुमान है। मंदिर के स्वरूप को अद्वितीय बनाने के लिए विशेषज्ञ वास्तुकारों और सोमपुरा शिल्पकारों से परामर्श लिया जा रहा है, ताकि राजस्थानी और शास्त्रीय निर्माण शैली का सुंदर समन्वय देखने को मिले। यह मंदिर भविष्य में कोटा के प्रमुख दर्शनीय और धार्मिक केंद्रों में से एक बनकर उभरेगा।