प्राइवेट स्कूलों के आगे झुका सीबीएससी, स्टेशनरी बिक्री की अनुमति

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बोर्ड ने अपने सर्कुलर में कहा है कि चूंकि स्कूलों को एनसीईआरटी की वेबसाइट के माध्यम से किताबों का ऑर्डर देने को कहा गया है इसलिए वे अपने स्कूल परिसर के अंदर एक टक शॉप खोल सकते हैं।

नई दिल्ली। स्कूलों में स्टेशनरी और छात्रों के जरूरत की अन्य सामग्रियों की बिक्री पर रोक मामले में सीबीएसई ने बड़ा यू-टर्न लिया है। अब सीबीएसई ने संबद्ध स्कूलों को अपने परिसरों के अंदर स्थित दुकानों में ये सामान बेचने की अनुमति दे दी है।

शुक्रवार को सभी विद्यालय प्रमुखों को जारी एक सर्कुलर में कहा गया है कि स्कूलों के परिसर में टक शॉप खोली जा सकती हैं। इसका मकसद एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों के वितरण को आसान बनाना है।

बोर्ड ने अप्रैल में स्कूलों को निर्देश दिया था कि वे किसी तरह की कमर्शल गतिविधि जैसे किताबों, स्टेशनरी, यूनिफॉर्म, स्कूल बैग आदि बेचने में शामिल नहीं हो सकते हैं। वहीं अब 25 अगस्त को आए नए सर्कुलर में सीबीएसई ने इसकी अनुमति दे दी है।

सीबीएसई के नए सर्कुलर में कहा गया है, ‘सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों के छात्रों के लिए एनसीईआरटी किताबों की उपलब्धता को बढ़ाने के लिए एनसीईआरटी ने स्कूलों को अपनी जरूरत के मुताबिक अपनी वेबसाइट के माध्यम से पाठ्यपुस्तकों का ऑर्डर देने की अपील की है।

स्कूलों को हाल ही में एनसीईआरटी द्वारा लॉन्च किए गए ऑनलाइन पोर्टल पर रजिस्टर करने और शैक्षिक वर्ष 2018-19 के लिए अपना ऑर्डर देने की सलाह भी दी गई है।’

बोर्ड ने अपने सर्कुलर में कहा है कि चूंकि स्कूलों को एनसीईआरटी की वेबसाइट के माध्यम से किताबों का ऑर्डर देने को कहा गया है इसलिए वे अपने स्कूल परिसर के अंदर एक टक शॉप खोल सकते हैं।

सर्कुलर में यह भी कहा गया है कि स्टेशनरी और छात्रों की जरूरत की अन्य सामग्री भी इन दुकानों में बेची जा सकती है। सर्कुलर में ‘अन्य सामग्री’ को लेकर कोई विशेष निर्देश नहीं दिया गया है।