एसबीआई से एनईएफटी और आरटीजीएस ट्रांजेक्शन हुआ सस्ता

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नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने इंटरनेट या मोबाइल बैंकिंग द्वारा किये गए एनईएफटी और आरटीजीएस ट्रांजेक्शन पर शुल्कों में 75 फीसदी तक की कटौती की घोषणा की है। यह फैसला शनिवार से लागू हो रहा है।

एसबीआई की तरफ से गुरुवार को यहां जारी एक बयान में बैंक के प्रबंध निदेशक (एनबीजी) रजनीश कुमार ने बताया कि सरकार का फोकस डिजिटल अर्थव्यवस्था बनाने पर है।

इसी दिशा में एक और कदम उठाते हुए एसबीआई ने इंटरनेट और मोबाइल बैंकिंग के जरिये किये जाने वाले एनईएफटी और आरटीजीएस पर शुल्क में कटौती का फैसला किया है। 

किस मद में कितना लगेगा ट्रांजेक्शन शुल्क

एनईएफटी : इसमें  अब 10,000 रुपये तक के लेन-देन के लिए ब्रांच चैनल पर 2.50 रुपये देने होंगे वहीं इंटरनेट या मोबाइल बैंकिंग के माध्यम से ट्रांजेक्शन पर एक रुपया देना होगा।

इसके लिए पहले दो रुपए का शुल्क लगता था। 10,000 रुपये से एक लाख रुपये तक की राशि के ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के लिए पहले जहां चार रुपये देने होते थे वहीं अब दो रुपये देने होंगे।

ब्रांच चैनल से ट्रांजेक्शन पर इसके लिए पांच रुपये देना होगा। एक लाख रुपये से दो लाख रुपये तक के ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के लिए पहले 12 रुपये लगते थे जो कि अब तीन रुपये हो गया है।

ब्रांच चैनल के लिए इस राशि पर 15 रुपये का शुल्क लगेगा। दो लाख रुपये से ऊपर के ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के लिए पहले 20 रुपये देने होते थे लेकिन अब पांच रुपये ही देने होंगे। ब्रांच चैनल में इसके लिए 25 रुपये का शुल्क है।

आरटीजीएस :  इसमें दो लाख रुपये से पांच लाख रुपये तक के ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के लिए पहले जहां 20 रुपये देने होते थे वहीं अब इसके लिए पांच रुपये ही देने होंगे। ब्रांच चैनल में इस सेवा के लिए 25 रुपये देना होगा।

पांच लाख रुपये से ऊपर के ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के लिए पहले 40 रुपये देने होते थे लेकिन अब सिर्फ 10 रुपये देने होंगे। ब्रांच चैनल से यह ट्रांजेेेक्शन करने पर 50 रुपये का शुल्क देना होगा। हालांकि ऊपर दिए दरों में जीएसटी शामिल नहीं है।