अक्षय तृतीया के सावे पर इस बार राजस्थान में न बजेगा बैंड, न होंगे बाराती

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गाइडलाइन तोड़ी तो देना होगा एक लाख का जुर्माना

जयपुर। राजस्थान में जारी सख्त लॉकडाउन के बीच 31 मई तक शादी समारोहों पर पाबंदी है, लेकिन अधिकतम 11 लोगों की मौजूदगी में घर पर कोर्ट में शादी करने की अनुमति है। कल प्रदेश में आखातीज का सावा है। जिस पर हर साल बड़ी संख्या में शादियां होती हैं, लेकिन इस बार आखातीज के सावे पर कोरोना का साया है। शादी में 11 से ज्यादा लोग होने,सामूहिक भोज कराने, बारात निकालने, बैंड बाजा, हलवाई किसी को अनुमति नहीं है। वहीं, ऐसा करने पर 1 लाख का जुर्माना है।

आखातीज के सावे को देखते हुए ही राजस्थान सरकार ने शादी समारोहों पर पाबंदी लगाई है, इन पाबंदियों के बीच ही कल शादियां होनी हैं। शादी में गाइडलाइन का उल्लंघन करने पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगेगा। राजस्थान सरकार ने महामारी एक्ट के तहत जुर्माने का प्रावधान किया है।

शादी की गाइडलाइन में उलझन
शादी को लेकर गृह विभाग की गाइडलाइन सख्त होने के साथ उलझन भरी है। शादी करने की अनुमति तो दी है, लेकिन बारात पर रोक है। 11 लोगों को शादी में अनुमति है, लेकिन शादी में किसी तरह के वाहन की अनुमति नहीं है। अब शादी में जाने वाले 11 लोग किस साधन से जाएं इस पर गृह विभाग की गाइडलान मौन है। दुल्हा-दुल्हन किस वाहन से जाएंगे इस पर भी गाइडलाइन में प्रावधान नहीं है।

घर में शादी करने पर भी अगर हलवाई बुलाकर पकवान बनवाए या बाहर से पकवान मंगवाए तो एक लाख रुपए का जुर्माना चुकाना होगा। शादी में बैंड, डीजे, टैन्ट पर भी पाबंदी है। इनके लिए कोई व्यक्ति आता है तो भी एक लाख के जुर्माने का प्रावधान है। शादी के लिए हलवाई या कैटरिंग से किसी तरह के पकवान की होम डिलीवरी पर पाबंदी है और एक लाख जुर्माना लगेगा।