बेरोजगारों से प्रशिक्षण के नाम पर मोटी रकम हड़पने वाले ठग पकड़े

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जयपुर/कोटा । बेरोजगारों युवकों से एमएनसी (मल्टीनेशनल कंपनियों) व सरकारी प्रोजेक्टों से प्रशिक्षण का आश्वासन देकर मोटी रकम हड़पने वाले दो शातिर ठगों को जयपुर पुलिस कमिश्नरेट की श्याम नगर थाना पुलिस गिरफ्तार कर लिया। उनसे ठगी गई रकम बरामद करने का प्रयास किया जा रहा है।

डीसीपी (साउथ) योगेश दाधीच ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी गुंजन अग्रवाल (35) निवासी मण्डावा, झुन्झुनू हाल वार्ड नं0 40, नारायण विहार कॉलोनी, पीपराली रोड जिला सीकर है। वह जयपुर में सैलीब्रेट होम, जयसिंहपुरा भांकरोटा में रहता है। यह कार्रवाई एसीपी नेमसिंह चौहान व थानाप्रभारी हुकुम सिंह शेखावत के नेतृत्व में की गई। किसी भी बड़ी कंपनी या सरकारी संस्थान से कोई एग्रीमेंट नहीं था, फिर भी उनके साथ अनुबंध होना बताकर की ठगी

दूसरा आरोपी विजय सिंह चौधरी उर्फ विजय चौधरी उर्फ मंत्री जाट (29) निवासी मथुरा उत्तर प्रदेश हाल विनायक रेजीडेंसी, हरनाथपुरा कालवाड़ रोड, करधनी जयपुर में रहता है। इन दिनों विजय चौधरी हाथोज, कालवाड़ रोड पर रह रहा था। ये पहले भी इसी प्रकार के मुकदमों में गिरफ्तार हो चुके है। इनसे ठगी की रकम बरामदगी के प्रयास किये जा रहे है।

डीसीपी दाधीच के मुताबिक आरोपी गुंजन अग्रवाल एवं विजय सिंह चौधरी के द्वारा L &T, जिन्दल, टाटा, मोदीमील, रिलायंस जैसी बड़ी कम्पनियों एवं सरकारी संस्थानों के साथ सीएसआर में (कोपरेट सोशियल रेस्पोंसबिलिटी) एग्रीमेंट होना बताते थे। इसके बाद 16 से 35 वर्ष की आयु वर्ग के लोगों से संपर्क करते थे।

इसके बाद इन बेरोजगार युवक युवतियों को विभिन्न प्रकार के सिलाई, कम्पयुटर, ब्यूटीशियन, रिटेल मैनेजमैंट, नर्सिंग आदि के प्रशिक्षण /कोर्स के बाद अच्छा पे आउट देने के बहाने लाखों रुपये हड़पते है। एडिशनल डीसीपी अवनीश कुमार ने बताया कि आरोपियों ने पूरे राजस्थान में सेंटर चला रखे हैं, जबकि इनका किसी कम्पनी या सरकारी संस्थाओं से कोई कॉट्रेक्ट नहीं है।

इनके द्वारा चलाये गये सभी प्रोग्राम/प्रशिक्षण फर्जी पाये गये है। आरोपी गुंजन अग्रवाल एन्टरप्राईजेज स्किल एसेसमेन्ट फीस डवलमेंट के अलावा अन्य प्रोग्राम चलाने के बहाने आरोपी विजय चौधरी (डायरेक्टर एमबीपी कम्पनी) के साथ मिलकर लोगों को झूठा आश्वासन देकर ठगते है। ये लोग एनएफटी के जरिये लाखों रूपये का भुगतान प्राप्त कर चुके है।

इसी चौधरी ने कोटा के एक युवक को L & T में नौकरी दिलाने के नाम पर डॉक्युमेंट्स वेरिफिकेशन और ट्रेनिंग के लिए 10 हजार रुपये ठग लिए थे। ठगी के शिकार युवक ने बताया कि यह गिरोह nokari.com से बेरोजगारों के डाटा एकत्रित कर उन्हें इंटरव्यू के लिए कॉल करते थे।