कोटा मुद्रा उत्सव में दुनिया का पहला नोट समेत कई दुर्लभ वस्तुओं को देखने उमड़े लोग
कोटा। तीन दिवसीय कोटा मुद्रा उत्सव 28, 29, 30 मार्च को कोटा में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देश विदेश के दुर्लभ सिक्के, नोट व अन्य सामग्री लगाई गई है। चेयरमैन लकेश डंडोना ने बताया कि कोटा फिलाटेली एवं न्यूमिजमाटिक सोसाइटी, रोटरी क्लब कोटा उत्तर के सहयोग से इसका आयोजन सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक किया जा रहा है।
कार्यक्रम में देशभर से कोइन संग्रहकर्ता का जमावडा कोटा में लग गया है। इस प्रदर्शनी में प्रवेश निशुल्क रखा गया है। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सोसायटी के अध्यक्ष नारायण चांडक, सोसायटी सचिव राम अवतार सारडा, कोषाध्यक्ष नरेंद्र के.आर. कात्याल, अध्यक्ष रोटरी क्लब कोटा नोर्थ, सुरेन्द्र अग्रवाल, सचिव रोटरी क्लब कोटा नोर्थ गौरव सूद का विशेष सहयोग प्राप्त हो रहा है।
कार्यक्रम का शुभारंभ शुक्रवार को हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि प्रज्ञा मेहता, डिस्ट्रिक गवर्नर 3056 वर्ष 2025-26, विशिष्ट अतिथि राहुल यादव, सीनियर सुपरिटेंडेंट पोस्टल डिपाटमेंट कोटा डिविजन, अरुण मेहता डायरेक्टर शुभम ग्रुप रहे। चेयरमैन लकेश डंडोना ने बताया कि इस प्रदर्शनी में 36 विभिन्न तरह की स्टॉल्स रहेंगी। इस प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए यूपी, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान सहित कई प्रदशों से संग्रहकर्ता आए हुए हैं।
आश्चर्यचकित कर देने वाला इतिहास है भारत का
लकेश डंडोना ने बताया कि इस प्रदर्शनी में भारत का ऐसा इतिहास और उससे जुड़ी वस्तुएं हैं जो अपने आप में पूरे भारत की संस्कृति और कला को संजोए हुए हैं। देश विदेशों की विभिन्न रियासतों और भारत के विभिन्न कालखंड में प्रचलित मुद्राओं को देखने का अवसर यहां मिल रहा है, कोई इनके साथ सेल्फी ले रहा है तो कोई अपने बच्चों के साथ यहां पहुंचा और उन्हें भारत के इतिहास व उससे जुड़ी वस्तुओं से अवगत करा रहा है।
इस प्रदर्शनी में भारत व देश विदेश का आश्चर्य चकित कर देने वाला इतिहास है। मुद्रा उत्सव में विभिन्न रियासतों के 800 प्रकार के सिक्के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि यहां सबसे छोटा अखबार, पंचमार्क से लेकर आज तक के सिक्के यहां देखने को मिलेंगे साथ ही मनदीप सिंह सिखों की मिसलों के सिक्के, तरूण सिंगला के मुगल सिक्के, कश्मीर के सिक्के, ब्रिटिश कोइन होंगे। चमकोर सिंह के विश्व स्तरीय कलेक्शन यहां होंगे। शैलेष जैन द्वारा सील एंड सीलिंग होगी। गुरू गोविंद सिंह की सीलिंग को यहां प्रदर्शित किया गया है। पोस्टल डिपाटमेंट का माई स्टेंप का स्टॉल रहेगा जहां लोग आनी स्टांप भी बनवा रहे हैं।
पत्ते पर लिखी रामायण, एक इंच की गीता और कुरान भी है यहां
इस प्रदर्शनी में सैकड़ों साल पुरानी छोटी गीता, पत्ते पर लिखी रामायण, एक इंच की गीता और कुरान, बाइबल रहेगी। 70 देशों की करंसी रहेगी, हस्तशिल्प ग्रंथ होंगे, चन्द्रशेखर आजाद को पकडने के लिए अंग्रेजों ने जो पोस्टर जारी किए थे वह पोस्टर को भी यहां लगाया गया है, भगत सिंह, राजगुरू एवं सुखदेव को फांसी दी गई थी वह पोस्टर भी डिस्प्ले किया गया है जो आकर्षण का केन्द्र है।
पुरानी पत्थर व लकडी की स्लेट, आयरन पजल्स, दुनिया का बेशकीमती टोकन, गत्ते के सिक्के, कोडिया, दुनिया का पहला नोट, ताश के सबसे छोटे पत्ते, माचिस पर भगवान का फोटो, भारत की आजादी से लेकर अब तक के सिक्के और नोट, ढाई, डेढ रुपए, साढे सात के नोट, एजिजाबेथ पर बना नोट, शाही परिवारों के हथियार, मुगल काल की पत्थर की कलाकृतियां, सिखों की लकड़ी और तांबे की कलाकृतियां, सिख राज्यों के दुर्लभ दस्तावेज, दुर्लभ सिख मूल प्राचीन लघु चित्र, शाही परिवारों की दुर्लभ कैमरा तस्वीरें भी यहाँ मौजूद हैं।
इतना ही नहीं दुनिया के सबसे छोटे चित्र पोस्ट कार्ड, दुनिया का सबसे छोटा कैमरा, दुनिया का सबसे छोटा सिख टोकन, दुनिया की सबसे छोटी पिस्तौल, दुनिया का सबसे छोटा ग्रामोफोन रिकॉर्ड, दुनिया की सबसे छोटी बोतल, दुनिया का सबसे छोटा वजन, दुनिया के मुद्राशास्त्रीय कवरों का सबसे बड़ा संग्रह, जीवाश्म, बल्ब, वस्त्र, स्याही, बर्तन, लघु पुस्तकें, हाथी दांत की पेंटिंग, टोकन, रिकॉर्ड, स्पूल, टेप, सबसे दुर्लभ पांडुलिपियाँ, सबसे दुर्लभ सिक्के, सबसे दुर्लभ टिकटों का संग्रह, एक ही नंबर वाले दुर्लभतम फैंसी नंबर नोट, माचिस और विश्व की कुछ अन्य दुर्लभ वस्तुएं पहली बार भारत में प्रदर्शित की जा रही है।
राजस्थान की मुद्रा है अनोखी: प्रदर्शनी के दौरान राजस्थान की रियासत के अमूल्य सिक्के और नोट का प्रदर्शन होगा, जिसमें कोटा, बूंदी, झालावाड़, जयपुर, जोधपुर, प्रतापगढ़, जैसलमेर, करोली, मेवाड, बीकानेर, केकडी, जयपुर, भरतपुर, सहित कई जगह के राज परिवारों द्वारा प्रचलित मुद्रा भी आकर्षण का केन्द्र रहेगी। राजस्थानी संस्कृति को अपने में संजोए करीब 250 से 300 साल पुराने सिक्के यहां देखने को मिल रहे हैं।