राजस्थान पंचायत चुनाव: धनतेरस पर नहीं होगी वोटिंग, अब इस दिन डालेंगे वोट

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जयपुर। राजस्थान में पंचायत चुनाव को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। 6 नवंबर को धनतेरस के दिन होने वाली वोटिंग अब नहीं होगी। राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायतीराज चुनाव के कार्यक्रम में बदलाव करते हुए पहले, दूसरे और तीसरे चरण की वोटिंग को एक-एक दिन पहले कर दिया है। ऐसे में जिन मतदाताओं को धनतेरस के दिन वोट डालना था, उन्हें अब उससे पहले मतदान करना होगा। हालांकि धनतेरस के दिन इन पंचायतों में उपसरपंच का चुनाव कराया जाएगा।

संशोधित कार्यक्रम के मुताबिक तीसरे चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए 3 नवंबर को मतदान होगा। इसके दो दिन बाद यानी 5 नवंबर को पंच और सरपंच के लिए वोटिंग होगी। पहले इस चरण की वोटिंग 4 और 6 नवंबर को प्रस्तावित थी। 6 नवंबर को धनतेरस होने के कारण आयोग ने कार्यक्रम में बदलाव किया है।

पहले चरण का चुनाव भी अब निर्धारित तारीख से एक दिन पहले होगा। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य के लिए 22 अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे, जबकि पंच और सरपंच के लिए 24 अक्टूबर को मतदान होगा।

इसी तरह दूसरे चरण में 28 अक्टूबर को जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य तथा 30 अक्टूबर को पंच और सरपंच के लिए वोटिंग होगी। यानी पहले तीनों चरणों में जिला परिषद-पंचायत समिति और पंच-सरपंच के चुनाव के बीच दो दिन का अंतर रहेगा।

सरपंच का रिजल्ट उसी रात को
पंचायत चुनाव में सरपंच पद के लिए वोटिंग के बाद मतदाताओं को नतीजों के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सरपंच चुनाव का परिणाम मतदान वाले दिन ही देर रात तक घोषित किया जाएगा। वहीं जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के परिणाम बाद में घोषित किए जाएंगे।

जिला परिषद और पंचायत समिति के लिए यह रहेगी तारीखें
जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव चार चरणों में होंगे। पहले चरण में 23 अक्टूबर, दूसरे चरण में 29 अक्टूबर, तीसरे चरण में 4 नवंबर और चौथे चरण में 14 नवंबर को मतदान होगा। इनके परिणाम 20 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।

37 जिलों में जिला प्रमुख और प्रधान का चुनाव
पंचायतीराज चुनाव प्रक्रिया नवंबर के अंत तक चलेगी। 25 नवंबर को जिला प्रमुख और 27 नवंबर को प्रधान का चुनाव होगा। वहीं 26 नवंबर को उपजिला प्रमुख और 28 नवंबर को उपप्रधान का चुनाव कराया जाएगा। हालांकि कोटा, श्रीगंगानगर, बारां और करौली में जिला प्रमुख और प्रधान का चुनाव बाद में होगा। इन जिलों में मौजूदा जिला प्रमुख और प्रधान का कार्यकाल दिसंबर 2026 में पूरा होगा। इन जिलों में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव अन्य जिलों के साथ ही होंगे।

50 दिन तक चलेगी चुनावी प्रक्रिया
राजस्थान के 37 जिलों में पंचायतीराज चुनाव की प्रक्रिया करीब 50 दिन तक चलेगी। अलग-अलग चुनाव कार्यक्रम 8 अक्टूबर से 28 नवंबर तक चलेंगे। जयपुर में सबसे ज्यादा चार चरणों में चुनाव होंगे। जैसलमेर, फलोदी और सलूंबर में एक चरण में मतदान होगा। झुंझुनूं, करौली, सीकर, बांसवाड़ा, बीकानेर, जालोर और उदयपुर में तीन चरण तथा 30 जिलों में दो चरणों में चुनाव होंगे।

1.69 लाख जनप्रतिनिधि चुने जाएंगे
इन पंचायत चुनावों में करीब 1.69 लाख पंचायतीराज जनप्रतिनिधियों का चुनाव होगा। महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण के चलते बड़ी संख्या में महिला प्रतिनिधि भी चुनकर आएंगी। 14,403 ग्राम पंचायतों में 7,200 महिला सरपंच और करीब 65 हजार महिला वार्ड पंच चुनी जाएंगी। वहीं 457 प्रधान पदों में से 221 पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।

ग्रामीण इलाकों में आचार संहिता लागू
3 अक्टूबर को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही ग्रामीण इलाकों में आचार संहिता लागू हो चुकी है। इसके साथ ही तबादलों पर रोक लग गई है। मंत्री सरकारी गाड़ी से अपने क्षेत्रों में नहीं जा सकेंगे और सरकारी गेस्ट हाउस या डाक बंगले में भी नहीं ठहर सकेंगे।