कार्यशाला में ट्रांसजेंडर आइकॉन नैना देवी के नेतृत्व में आईजी को दिया ज्ञापन
कोटा। ट्रांसजेंडर समुदाय को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उनके अधिकारों के प्रति पुलिस प्रशासन को संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से कोटा पुलिस महानिरीक्षक की पहल पर एसपी ऑफिस कोटा में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस कार्यशाला में कोटा रेंज (कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़) के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रेंज के सभी थानों के अधिकारी तथा चारों जिलों के मंगलमुखी समाज के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यशाला के दौरान उपस्थित पुलिस अधिकारियों ने ‘ट्रांसजेंडर एक्ट 2019’ के विभिन्न प्रावधानों और कानूनी अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की।
इस अवसर पर जिला ट्रांसजेंडर आइकॉन (स्वीप कोटा) एवं गुमानपुरा क्षेत्र प्रमुख मंगलमुखी नैना देवी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमण्डल ने पुलिस अधिकारियों के समक्ष किन्नर समुदाय की जमीनी समस्याओं को प्रखरता से रखा।
उन्होंने आईजी ऑफिस के प्रतिनिधि को किन्नर कल्याण और उनके जीवन स्तर में सुधार हेतु एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में नैना देवी ने पुरजोर मांग की कि ट्रांसजेंडर समुदाय के जीवन को बदलने वाली सरकारी योजनाएं केवल फाइलों तक सीमित न रहकर धरातल पर उतरनी चाहिए।
उन्होंने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की कि पिछले 5 वर्षों में किन्नर कल्याण के लिए आवंटित करोड़ों रुपए की धनराशि सही ढंग से खर्च ही नहीं हो सकी, जिसके कारण हर वर्ष बजट का एक बहुत बड़ा हिस्सा वापस लौट जाता है।
नैना देवी ने कहा कि यदि किन्नर कल्याण के लिए जारी बजट इस वर्ष सही और पारदर्शी तरीके से खर्च हो, तो समुदाय के जीवन में बहुत बड़ा सकारात्मक बदलाव आ सकता है।
उन्होंने समाज की मुख्यधारा से जुड़ाव की वकालत करते हुए कहा कि ट्रांसजेंडर समुदाय भी सम्मानजनक जीवन जीना चाहता है, लेकिन लगातार उपेक्षित रहने के कारण वे आज भी कई सरकारी योजनाओं से पूरी तरह अनभिज्ञ हैं।
इसके अलावा, योजनाओं का लाभ उठाने में ‘दस्तावेजों की जटिलता’ एक बहुत बड़ी बाधा बनकर सामने आ रही है। सिविल सर्जन से किन्नर होने का प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेज आसानी से नहीं बन पाते हैं, जिससे जरूरतमंद ट्रांसजेंडर लाभ से वंचित रह जाते हैं।
ज्ञापन के माध्यम से नैना देवी ने प्रशासन से अपील की कि इन प्रशासनिक बाधाओं को दूर किया जाए ताकि ट्रांसजेंडर समुदाय भी शिक्षा, रोजगार और देश के विकास की मुख्यधारा में आम नागरिकों के साथ कदमताल मिलाकर चल सके।
उन्होंने मांग की कि इन सभी व्यावहारिक चुनौतियों और दस्तावेजी सरलीकरण को ध्यान में रखकर ही कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। जिससे किन्नर समाज का सर्वांगीण विकास संभव हो सके।

