अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की हठधर्मिता से क्रूड ऑयल फिर 104 डॉलर प्रति बैरल के पार

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नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत नाकाम होने के बाद यूएस नेवी होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी की तैयारी कर रही है। इससे ईरान अपना तेल एक्सपोर्ट नहीं कर पाएगा। इस कारण आज कच्चे तेल की कीमत में भारी उछाल आई है।

ब्रेंट क्रूड शुरुआती कारोबार में करीब आठ प्रतिशत बढ़कर 104.24 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। वहीं, अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत सात प्रतिशत बढ़कर 102.29 डॉलर प्रति बैरल हो गई।

जबकि अमेरिकी बेंचमार्क डब्ल्यूटीआई क्रूड में 8.61 फीसदी तेजी आई है। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि निकट भविष्य में तेल और गैस की कीमत घट सकती है या इसमें तेजी आ सकती है।

ब्रेंट क्रूड अभी 6.72 फीसदी की तेजी के साथ 101.6 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। इसी तरह डब्ल्यूटीआई क्रूड 7.92 फीसदी उछलकर 104.2 डॉलर पर पहुंच गया। पिछले सत्र में इसमें गिरावट आई थी। शुक्रवार को ब्रेंट 0.75 फीसदी गिरावट के साथ बंद हुआ था जबकि डब्ल्यूटीआई में 1.33 फीसदी गिरावट आई थी।

ट्रंप ने क्या कहा
ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत नाकाम होने के बाद रविवार को कहा कि यूएस नेवी होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी शुरू करेगी। इससे दोनों देशों के बीच दो हफ्ते का सीजफायर भी खतरे में पड़ गया है। ट्रंप ने कहा कि मिडटर्म इलेक्शन से पहले तेल और गैस की कीमत कम हो सकती है या फिर थोड़ी बढ़ भी सकती है। अमेरिका में नवंबर में मिडटर्म इलेक्शन होने हैं।

जानकारों का कहना है कि ऑयल मार्केट सीजफायर से पहले वाली स्थिति में पहुंच चुका है। बस इतना अंतर है कि अब अमेरिका ईरान के तेल एक्सपोर्ट को बंद करने जा रहा है। ईरान रोजाना 2 मिलियन बैरल तेल एक्सपोर्ट कर रहा था।

इससे दुनिया में तेल की सप्लाई और टाइट हो जाएगी। होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों का आवाजाही बंद होने के कारण खाड़ी देश अपना तेल एक्सपोर्ट नहीं कर पा रहे हैं। इसे दुनिया का सबसे बड़ा तेल संकट माना जा रहा है।