सेंसेक्स 1068 अंक गिर कर 82300 से नीचे और निफ्टी 25424 पर बंद
नई दिल्ली। Stock Market Closed, February 24: एशियाई बाजारों में गिरावट का असर मंगलवार को भारतीय बाजारों में भी देखने को मिला। बेंचमार्क इंडेक्स 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट लेकर बंद हुए। 30 संवेदी सूचकांक वाला सेंसेक्स 1068.74 अंक या फिर 1.28 प्रतिशत की गिरावट 82,225.92 अंक पर बंद हुआ है।
इस भारी गिरावट के कारण निवेशकों के एक ही दिन में 5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा डूब गए। इससे बीएसई पर कुल मार्केट कैप घटकर करीब 466 लाख करोड़ रुपये रह गया।
वहीं, निफ्टी 1.12 प्रतिशत या फिर 288.35 अंक की गिरावट के साथ 25424.65 अंक पर बंद हुआ है। बता दें, निफ्टी का इंट्रा-डे लो लेवल 25,327.60 अंक रहा है। सेंसेक्स का इंट्रा-डे लो लेवल 81,934.73 अंक रहा है।
सेंसेक्स की 30 में 21 कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई है। टेक महिंद्रा के शेयरों में 6 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है। वहीं, एचसीएल टेक, इटनरल के शेयरों में 5-5 प्रतिशत की गिरावट आई है। टीसीएस और इंफोसिस का शेयर 3-3 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ है।
बाजार में शुरुआती कारोबार से ही बिकवाली हावी रही। आईटी और हैवी वेटेज वाले शेयरों में गिरावट ने बाजार को नीचे धकेला। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप ने नए अस्थायी टैरिफ लागू करने का एलान किया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी सुप्रीम के टैरिफ पर रोक लगाने के बाद 15 प्रतिशत तक के नए अस्थायी टैरिफ लगाया है। इससे पहले अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने इन टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया। इस फैसले के बाद से दुनिया भर के बाजारों में अनिश्चितता और बढ़ गई है।
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) सपाट रुख के साथ 83,079 अंक पर खुला और खुलते ही 83 हजार के नीचे फिसल गया। कारोबार बढ़ने के साथ बाजार में बिकवाली हावी हो गई। कारोबार के दौरान यह 81,934 अंक लुढ़क गया था। अंत में 1068.74 अंक या 1.28 प्रतिशत की बड़ी गिरावट लेकर 82,225.92 पर बंद हुआ।
इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी सपाट रुख के साथ 25,641 पर खुला। कारोबार के दौरान यह 25,327 अंक के इंट्रा-डे लो तक चला गया था। अंत में 288.35 अंक या 1.12 फीसदी गिरकर 25,424 पर बंद हुआ।
जियोजित इंवेस्टमेंट्स में रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, ”घरेलू बाजारों में तेज गिरावट मुख्य रूप से आईटी स्टॉक्स में कमजोरी के चलते आई। इसका कारण यह है कि वैश्विक स्तर पर एआई (AI) के कारण होने वाली चुनौतियां और ट्रेडिशनल आईटी कंपनियों के मार्जिन पर दबाव को लेकर चिंता बढ़ना रहा। इसके अलावा, वैश्विक व्यापार और टैरिफ से जुड़ी चिंताएं भी फिर से सामने आईं। इसमें ट्रम्प के व्यापार समझौतों पर चेतावनी और संभावित राष्ट्रीय सुरक्षा टैरिफ की खबरें भी शामिल हैं।”
टॉप लूजर्स एंड गेनर्स
सेंसेक्स की कंपनियों में टेक महिंद्रा, एचसीएलटेक, इटरनल, इंफोसिस और टीसीएस सबसे ज्यादा गिरावट में रहने वाले शेयरों में रहे। वहीं, एनटीपीसी, एचयूएल, पावर ग्रिड, टाटा स्टील और अदानी पोर्ट्स बढ़त में रहे।
सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी आईटी मंगलवार को सबसे ज्यादा गिरा। इसमें 4.7 प्रतिशत की गिरावट हुई। इसके बाद निफ्टी रियल्टी 2.5 प्रतिशत गिरा और निफ्टी मीडिया 1.3 प्रतिशत नीचे रहा। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.32 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 मंगलवार को 0.55 प्रतिशत गिरा।
बाजार में गिरावट के कारण
अमेरिका के राष्ट्रपति के नए अस्थायी टैरिफ लागू किए जाने की घोषणा ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया है। रिपोर्टों के अनुसार 15 प्रतिशत तक के नए अस्थायी शुल्क लगाए गए हैं। इस बीच US Supreme Court ने इन टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया, लेकिन इससे वैश्विक व्यापार को लेकर अनिश्चितता और बढ़ गई है।
आईटी सेक्टर के शेयरों में खास तौर पर बिकवाली देखी गई। एचसीएल टेक और कोफोर्ज के शेयरों में करीब 6 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा इंडेक्स के दिग्गज शेयर भारती एयरटेल में भी कमजोरी रही, जिससे बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना। आईटी कंपनियों पर दबाव की एक बड़ी वजह अमेरिकी नीतिगत अनिश्चितता मानी जा रही है, क्योंकि इन कंपनियों का बड़ा कारोबार अमेरिकी बाजार से जुड़ा है।

