Monday, April 27, 2026
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नोकिया, ब्लैकबेरी फिर से मार्केट में वापसी करेंगे

200 करोड़ के निवेश के साथ उतरेंगी दोनों कंपनियां 

कोलकाता । भारत के मोबाइल मार्केट पर राज करने वाले नोकिया और ब्लैकबेरी के फोन्स जून में फिर वापसी कर रहे हैं। दोनों फोन कंपनियों के नए मालिक 200-200 करोड़ के निवेश के साथ इन्हें भारत के स्मार्टफोन मार्केट में लॉन्च करने जा रहे हैं।

इंडस्ट्री ने दो सीनियर अधिकारियों ने बताया कि दोनों कंपनियों का फोकस लोगों को उन पुराने ‘सुनहरे दिनों’ की याद दिलाने पर रहेगा जब हर दूसरे हाथ में इन्हीं कंपनियों के फोन हुआ करते थे।

नोकिया ब्रैंड का लाइसेंस खरीदने वाली फिनलैंड की कंपनी एचएमडी ग्लोबल नोकिया के सबसे पुराने फोन 3310 को इस महीने के अंत तक लॉन्च करेगी। इसके पीछे कंपनी की रणीनीति यह है कि इस मॉडल के फोन के जरिए नोकिया ब्रैंड फिर से चर्चा में लाया जाए।

कंपनी का असली मकसद अपने स्मार्टफोन्स की बिक्री को बढ़ाना है। कंपनी की योजना तीन स्मार्टफोन मॉडल्स लॉन्च करने की है जिनमें से नोकिया 6 मॉडल को सिर्फ ऑनलाइन बेचा जाएगा।

 क्या फर्क है पुराने और नए Nokia 3310 में

उधर ब्लैकबेरी के फोन भी 200 करोड़ के निवेश के साथ मार्केट में वापसी कर रहे हैं। कंपनी के चेयरमैन अशोक गुप्ता ने बताया कि ब्रैंड की रीलॉन्चिंग के बाद सीधे मार्केट में उतरने से पहले कंपनी उद्यमी ग्राहकों पर फोकस करेगी और फोन्स को रिटेल चेन्स के जरिए बेचा जाएगा।

कंपनी जून में 40,000 रुपये का एक फोन मॉडल लॉन्च करेगी और फिर जुलाई में 20,000 रुपये वाला। गुप्ता ने कहा, ‘हम 4000 रिटेलर्स के जरिए ब्लैकबेरी को लॉन्च करने जा रह हैं। हमें उम्मीद है कि इस वित्त वर्ष में हम 2,000 करोड़ की सेल्स कर लेंगे।’

नोकिया और ब्लैकबेरी की भारत के मार्केट में दोबारा एंट्री ऐसे वक्त में हो रही जब मार्केट पर सैमसंग और ओप्पो, वीवो, लेनेवो जैसे कई दूसरे चाइनीज ब्रैंड के फोन्स का कब्जा है।

भारत में स्मार्टफोन्स के मार्केट पर 70% कब्जा चाइनीज फोन्स का ही है। ऐसे में नोकिया जहां अपनी हैंडसेट्स की मजबूती और सॉफ्टवेयर अपडेट्स पर फोकस करेगा, वहीं ब्लैकबरी स्मार्टफोन्स की सुरक्षा को अपना हथियार बनाएगा।

आधार कार्ड के बिना नहीं दे पाएंगे NEET, 12 लाख स्टूडेंट्स देंगे एग्जाम

-दिनेश माहेश्वरी 

कोटा। नेशनल  एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) यूजी 2017 रविवार को होगा और स्टूडेंट्स को एग्जाम सेंटर्स में आधार कार्ड भी ले जाना होगा। एग्जाम रविवार को सुबह 10 से 1 बजे होगा। सुबह 9:30 बजे के बाद एग्जाम सेंटर में प्रवेश नहीं मिलेगा। सीबीएसई ने कैंडिडेट्स को ड्रेस कोड फॉलो करने को भी कहा है। करीब 12 लाख स्टूडेंट्स देशभर के 104 शहरों में नीट एग्जाम देंगे। इस साल इस टेस्ट के लिए रिकॉर्ड रजिस्ट्रेशन हुए हैं।

साथ लाएं डॉक्युमेंट्स

मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया और डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया से अप्रूव्ड देशभर के मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में नीट के जरिए ऐडमिशन होता है। इस एग्जाम को करवाने वाले सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने स्टूडेंट्स को कहा है कि वे सेंटर में अपना आधार कार्ड जरूर लाएं। बिना इसके एग्जाम हॉल में नहीं घुसने दिया जाएगा। इस बार नीट के लिए रजिस्टर करने के लिए आधार कार्ड जरूरी किया गया था। स्टूडेंट्स को नीट की वेबसाइट से ऐडमिट कार्ड डाउनलोड कर उसमें अपनी फोटो भी लगानी होगा। इसके अलावा भी फोटो ले जानी होगी।

ये चीजें नहीं लाएं

कैंडिडेट्स सेंटर में कोई भी स्टेशनरी आइटम, मोबाइल फोन, वॉलेट, हैंडबैग, बेल्ट, कैप, घड़ी, ब्रेसलेट, ईयर रिंग्स, रिंग, नोज-पिन, चेन, नेकलेस, पेंडेंट, बैज जैसी चीजों के अलावा पानी की बोतल भी नहीं ले जा सकते। एग्जाम हॉल में ही स्टूडेंट्स को पेन दिया जाएगा। बोर्ड ने कैंडिडेट्स के लिए ड्रेस कोड भी रखा है। कैंडिडेट्स को आधी बाजू के हल्के कपड़े, पेंट या सलवार पहनने की सलाह दी है। बिना हील्स की सैंडल्स या चप्पलें पहनने को कहा गया है। जूते पहनने से मना किया गया है।

4 साल में दोनों पैरों पर खड़ा हुआ दौलतराम

मिसाल : एसएमएस, जयपुर में डॉक्टर्स ने जिस पैर को काटने की सलाह दी थी, कोटा मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राजेश गोयल ने 17 निःशुल्क ऑपरेशन कर उसे बचा लिया।

-अरविंद
कोटा। सरकारी अस्पताल में जब डॉक्टर के मन में गरीब रोगी की अटूट सेवा करने का जज्बा हो तो डॉक्टर भगवान जैसा चमत्कार कर दिखाते हैं। मेडिकल कॉलेज, कोटा में वरिष्ठ हड्डीरोग विशेषज्ञ डॉ.राजेश गोयल ने 4 वर्ष पूर्व एक सड़क हादसे दोनों पैरों से अपाहिज ऑटोचालक दौलतराम को फिर से पैरों पर खड़ा कर दिखाया।

हादसे के बाद दौलतराम को एक कृत्रिम पैर तथा दूसरे क्षत-विक्षत पैर को सरकारी अस्पताल में 17 बार ऑपरेशन कर फिर से जोड़ दिया।
एमबीएस हॉस्पिटल में महावीर विकलांग समिति की अध्यक्ष प्रसन्ना भंडारी ने दो दिन पूर्व एक कृत्रिम पैर का सहारा देकर खड़ा होने में मदद की।  समिति में सेवाएं दे रहे देवकीनंदन खुद दोनो हाथ से अपाहिज होकर अपने पैर से लिखते हैं, वे रोज दौलत को चलना सिखा रहे हैं। उसका कहना है कि वह खड़ा़ होने की उम्मीद छोड़ चुका था, लेकिन डॉ.गोयल ने उसका हौसला बढ़ाते हुए निरंतर इलाज जारी रखा।

सड़क हादसे में टूटे थे दोनों पैर
18 जून,2013 को ड्राइवर दौलतराम (50) अड़ीला से रणथम्भौर एक मैजिक में सवारियां लेकर जा रहे थे, रात्रि 12.30 बजे अचानक सामने से तेज आ रहे एक ट्रोले ने उसे टक्कर मार दी। जिससे उसका एक पैर कट गया तथा दूसरा भी ट्रोले से कुचला गया। उसे एमबीएस हॉस्पिटल में भर्ती कराने के बाद एसएमएस, जयपुर रैफर किया।

गंभीर हालात देख विशेषज्ञों ने दूसरा पैर भी कटवाने की सलाह दी। तब, कोटा के डॉ. राजेश गोयल ने उसे संभाला और निःशुल्क इलाज की जिम्मेदारी ली। नर्सिगकर्मी शशिकांत, स्नेहलता सहित 7 साथियों ने एक माह का वेतन तथा अलग-अलग ऑपरेशन में 20 यूनिट रक्त देकर उसकी मदद की।

डेरा स़च्चा सौदा ने की मदद 

गरीबी से जूझ रहा दौलतराम बेघर होकर एक खाली मकान में रहने लगा। पत्नी सावित्री ने बताया कि डेरा स़च्चा सौदा की टीम उन्हें 4 वर्ष से हर माह राशन सामग्री की मदद कर रही है। शिक्षा विभाग अरनेठा, केपाटन के शिक्षक, रोहित मोदी एवं पत्थर व्यवसायी अशोक जैन सहित कई नागरिक उसे निरंतर आर्थिक संबल देते रहे।

‘शहद से मीठी तेरी बातें, आशीष तेरा जैसे हों बरसातें..’

अनूठी पहल : सेंट जोसेफ किड्स कैम्पस के बच्चों ने वृद्धाश्रम जाकर मनाया मदर्स डे

झालावाड़/कोटा। ‘शहद से मीठी तेरी बातें, आशीष तेरा जैसे हों बरसातें..’ बच्चों के मन में अपनी मां के प्रति यह कोमल भाव जगाने के उद्देश्य से सेंट जोसेफ किड्स कैम्पस के बच्चों ने झालरापाटन के श्रीमन् नारायण वृद्धाश्रम में बुजुर्ग महिलाओं के साथ मदर्स डे मनाया।

प्रिंसीपल वैशाली शर्मा ने बताया कि स्कूल में ग्रीष्मावकाश से पूर्व नन्हें बच्चों को त्याग, समर्पण और प्यार-दुलार देने वाली बुजुर्ग महिलाओं से मिलावाया तो इस उम्र में मां को अकेले देख बच्चों की आंखें नम हो गईं। बच्चों ने अपने हाथों से बुजुर्ग महिलाओं को साड़ी देकर पैर छुए और आशीर्वाद लिया। वे मासूम बच्चों से लिपटकर गले मिलीं।

वृद्धाश्रम में नन्हें बच्चो के हाथों ऐसा सम्मान और लगाव पाकर महिलाओं ने एक-एक बच्चे को बाहों में भरकर प्यार किया। बच्चे उनके साथ घर-आंगन की तरह हसंते-झूमते हुए खेले। एक बुजुर्ग महिला ने दादी माँ बनकर बच्चों को कविता सुनाई। बच्चों ने अपने हाथ से बनाई ग्रीटिंग्स भी उन्हें दीं।

सेंट जोसेफ ग्रुप ऑफ स्कूल के चेयरमैन डॉ.अजय शर्मा ने कहा कि बच्चों को स्कूल में क्वालिटी एजुकेशन के साथ बचपन से अच्छे संस्कार देना आज की जरूरत है। जिनसे बच्चों को स्नेह और अपनत्व मिलता है, वे अपने परिवार में माँ का आदर करना एवं सम्मान करना भी सीखें।

सीएम को लिखा- ‘आप पूरे राज्य की माँ हो’

सेंट जोसेफ किड्स कैम्पस के नन्हे बच्चों आर्थव, मेहरीन, तनिष्का, सोरफिना व अनिष्का ने ‘मदर्स डे’ से पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे के नाम हाथों से एक ग्रीटिंग बनाकर उसमें लिखा- मैडम, आप एक परिवार और झालावाड़ जिले के साथ पूरे राज्य की माँ हैं। राज्य के बच्चों को आपका स्नेह और आशीर्वाद इसी तरह मिलता रहे।

नशे सी चढ़ गयी’ गाना यूट्यूब पर 23.4 करोड़ बार देखा गया

मुंबई। आदित्य चोपड़ा की निर्देशित फिल्म ‘बेफिक्रे’ का गाना ‘नशे सी चढ़ गयी’ यूट्यूब पर अब तक का सबसे ज्यादा देखा जाने वाला हिंदी गाना बन गया है। इससे पहले विशाल-शेखर के गाने ने 24 घंटे के भीतर सबसे ज्यादा देखे जाने वाले गाने का रेकार्ड तोडा था।

6 महीने के अंदर इसे यूट्यूब पर 23.4 करोड़ बार देखा गया। यह सबसे तेजी से न केवल 20 करोड़ बार देखे जाने का आंकड़ा पार करने वाले हिंदी फिल्म विडियो में से एक बन गया बल्कि इसने विडियो शेयरिंग साइट पर सबसे ज्यादा देखे जाने वाले हिंदी गाने का मुकाम भी हासिल किया।

‘यशराज फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड की डिजिटल शाखा के उपाध्यक्ष आनंद गुरनानी ने कहा कि यशराज फिल्म्स इस गाने को मिली शानदार प्रतिक्रिया, सराहना से अभिभूत है। रणवीर सिंह और वाणी कपूर पर फिल्माए इस गाने को पैरिस में शूट किया गया था। रणवीर सिंह ने ट्विटर पर लिखा,’यूट्यूब पर अब तक सबसे ज्यादा देखा जाने वाला हिंदी गाना। यह शानदार है।’

बैंकों के NPA का फैसला अब RBI के हाथों में 

नई दिल्ली। सरकार ने बैंकों के फंसे कर्ज (एनपीए) की समस्या को हल करने के लिए अमोघ अस्त्र छोड़ दिया है। सरकार ने फंसे कर्ज की पहचान करने और उनका हल निकालने का अधिकार बैंकों से लेकर रिजर्व बैंक को दे दिया है। अब रिजर्व बैंक एक उच्च स्तरीय समिति बनाएगा जो यह तय करेगा कि फंसे कर्ज के मामलों को किस तरह निपटाया जाए।

सरकार ने आरबीआई को यह अधिकार “बैंक नियमन (संशोधन), कानून, 2017” के जरिये दिया है जिसे बृहस्पतिवार देर रात राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने मंजूरी दी है। इस संशोधन के जरिये सरकार ने रिजर्व बैंक को यह अधिकार दिया है कि अगर कोई व्यक्ति या कंपनी कर्ज चुकाने में नाकाम रहता है या डिफॉल्ट होता है तो आरबीआई बैंकों को दिवालियेपन पर बने नए कानून के तहत कार्रवाई करने को कह सकता है।

 फंसे कर्ज के 60 मामले सरकार चिन्हित भी कर चुकी है, जिन पर आरबीआई को कदम उठाने हैं।अध्यादेश के जरिये सरकार ने “बैंक नियमन, कानून, 1949” की धारा 35ए के बाद दो नई धाराएं- 35एए और 35एबी जोड़ी हैं। धारा 35एए के तहत केंद्र सरकार आरबीआई को डिफॉल्टरों के दिवालियेपन की प्रक्रिया शुरू करने के लिए बैंकों को निर्देश देने के अधिकार का प्रावधान किया गया है।

इसी तरह धारा 35एबी के तहत रिजर्व बैंक एक समिति का गठित करेगा जो बैंकों को फंसे कर्ज के मामलों को सुलझाने के लिए परामर्श देगी। बैंक इस समिति को प्रस्तावित हल के विकल्प सौंप देंगी जिसके बाद यह समिति बेहतर विकल्प का चयन कर बैंकों को कदम उठाने का निर्देश देगी।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शुक्रवार को कहा कि फंसे कर्ज का हल तलाशने के लिए परिसंपत्तियों की बिक्री, अलाभकारी शाखाओं को बंद करने और कारोबार बढ़ाने की पहल जैसे उपाय शामिल हैं। जेटली ने कहा कि जब भी नॉर्थ ब्लॉक यानी वित्त मंत्रालय ने बिना शक्तियों के बैंकों के कामकाज में दखल दिया है, उससे बैंकों का भला नहीं हुआ है।

उल्लेखनीय है कि बैंकों के फंसे कर्ज की राशि बढ़कर उनके कुल लोन की 17 प्रतिशत हो गयी है जो कि देश की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सर्वाधिक है। ताजा आंकड़े बताते हैं कि दिसंबर, 2016 तक देश के बैंकों के पास 6.40 लाख करोड़ रुपये का सकल एनपीए हो चुका है।

बढ़ते एनपीए से सरकारी बैंकों की स्थिति बेहद खराब है। इन्हें घाटा हो रहा है और इनकी स्थिति सुधारने के लिए सरकारी खजाने से राशि दी जा रही है। यही नहीं बढ़ते एनपीए की वजह से ये बैंक कर्ज की दर भी सस्ता नहीं कर पा रहे हैं जिससे आम जनता के हित प्रभावित हो रहे हैं।

कोटा के निखिल और श्रेयांश का स्टार्टअप दुनिया के टॉप-10 में

दिनेश माहेश्वरी 
कोटा । देश में कोचिंग हब के रूप में प्रसिद्ध शहर के दो युवाओं ने मेडिकल से संबंधित रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने के लिए एक विशेष ऐप तैयार किया है। इस ऐप से मरीज का मेडिकल रिकॉर्ड हमेशा सुरक्षित रखा जा सकेगा। इस ऐप को दुनिया के टॉप-10 स्टार्टअप में शामिल किया गया। इस ऐप की शुरुआत नौ मई को कोटा के भीमगंज मंडी से होगी।

देश के करीब दस लाख मेडिकल स्टोर को इस ऐप से जोड़ा जा सकेगा।इस ऐप को अमेरिका में एक और दो मई को आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल किया गया है। इस आयोजन में विभिन्न देशों से करीब एक लाख आवेदन आए थे, लेकिन कोटा के युवक निखिल बाहेती और श्रेयांश मेहता द्वारा बनाए गए ऐप को दुनिया के टॉप-10 स्टार्टअप में शामिल किया गया।

ऐप के माध्यम से चिकित्सकों द्वारा दिए जाने वाला प्रिसक्रिप्शन, रिपोर्ट व दवाईयां एक ही स्थान पर आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी। ऐप तैयार करने वाले श्रेयांश मेहता का कहना है कि पांच वर्ष में पांच करोड़ मरीजों को इससे जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।श्रेयांश का कहना है कि ऐप तैयार करने की सोच उस समय उनके दिमाग में आई जब एक बार वह अपने पिता के साथ भवानी मंडी चिकित्सालय स्वास्थ्य परीक्षण कराने गए। साथ में पुरानी पर्ची न ले जाने से चिकित्सक ने उन्हें पूरा रिकॉर्ड लाने के लिए कहा। काफी मुश्किल के बाद पिता का इलाज शुरू हो सका। इसके बाद उन्होंने यह ऐप बनाने का निर्णय लिया। 

अंबुजा सीमेंट के साथ होगा एसीसी का विलय

नई दिल्ली। करीब 12 वर्षों के बाद स्विटजरलैंड की सीमेंट दिग्गज होल्सिम सीधे तौर पर भारत में प्रवेश की तैयारी में है। इसके लिए कंपनी भारत में दो बड़ी सीमेंट कंपनियों – एसीसी और अंबुजा का अधिग्रहण करेगी। प्रवर्तक कंपनी ने इन दोनों कंपनियों के विलय की तैयारी भी शुरू कर दी है। लाफार्ज होल्सिम की इकाई एसीसी लिमिटेड समूह की कंपनी अंबुजा सीमेंट्स के साथ विलय की संभावनाओं को तलाशेगी।
 
कंपनी ने अपने बयान में कहा कि एसीसी ने निदेशक मंडल की आज हुई बैठक में संभावित विलय का मूल्यांकन करने का निर्णय किया। कंपनी की ओर से कहा गया कि यह कदम दोनों कारोबार को एकीकृत करने को ध्यान में रखकर उठाया जा रहा है ताकि सभी हितधारकों को इसका लाभ मिल सके।

कंपनी ने कहा कि इसका मूल्यांकन करने के लिए निदेशकों की एक विशेष समिति का गठन किया गया है, जिसमें स्वतंत्र निदेशकों की संख्या संख्या ज्यादा है। हालांकि विलय पर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है और इस बारे में विशेष समिति और लेखा समिति की सिफारिशों के आधार पर निदेशक मंडल द्वारा अंतिम निर्णय किया जाएगा।

मार्च 2017 को खत्म हुई तिमाही में अंबुजा सीमेंट के पास एसीसी की 50.05 फीसदी हिस्सेदारी थी जबकि लाफार्ज के पास 4.48 फीसदी हिस्सेदारी थी। दूसरी ओर प्रवर्तक कंपनी लाफार्ज होल्सिम का अंबुजा सीमेंट में 63.62 फीसदी की हिस्सेदारी है। अगस्त 2016 में होल्सिम (इंडिया) प्रा. लि. (एचआईपीएल) के साथ विलय के बाद एसीसी अंबुजा की सहायक इकाई बन गई थी।

विलय के बाद एसीसी की प्रवर्तक अंबुजा सीमेंट कंपनी बन गई। अगर प्रस्तावित विलय पूरा होता है तो एकीकृत इकाई का सालाना कारोबार 20,425 करोड़ रुपये से ज्यादा का होगा। जनवरी-दिसंबर वित्त वर्ष का पालन करने वाली एसीसी ने 2016 में 11,158.34 करोड़ रुपये की आय अर्जित की थी। इसी तरह अंबुजा सीमेंट ने 2016 में 9,267.82 करोड़ रुपये की आय हासिल की थी।

NCDEX पर मार्जिन में 7.5% की बढ़ोतरी, गोदाम में माल रखने पर अतिरिक्त चार्ज भी बढ़ा

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मुंबई। धनिया की कीमतों में आ रही एकतरफा गिरावट को देखते हुए कमोडिटी एक्सचेंज NCDEX ने और ज्यादा मार्जिन लगाने का फैसला किया है । नया 7.5 फीसदी मार्जिन सोमवार 8 मई से लागू होगा। एक्सचेंज ने पहले बुधवार को धनिया में बिकवाली पर स्पेशल मार्जिन लगाने की घोषणा की थी, लेकिन इसके बावजूद गुरुवार को फिर से धनिया में निचला सर्किट देखने को मिला। अब एक्सचेंज ने एक बार फिर से बिकवाली पर और 7.5 फीसदी स्पेशल मार्जिन लगाने का ऐलान किया है। 

एक्सचेंज ने इसके अलावा गोदामों में रखे जाने वाले धनिया पर लगने वाले अतिरिक्त चार्ज की लिमिट में भी बदलाव किया है। अब तक गोदामों में रखने जाने वाले 2000 टन से ऊपर के धनिया पर अतिरिक्त चार्ज लगता लेकिन 8 मई से 1,000 टन से ऊपर के धनिया पर अतिरिक्त चार्ज की लिमिट लागू होगी। इस हफ्ते वायदा बाजार में धनिया की कीमतों में एकतरफा गिरावट देखने को मिली है। 

बीते 3 दिन से रोजाना धनिया निचले सर्किट के साथ बंद हो रहा है, महज 3 दिन में भाव 700 रुपये  प्रति क्विंटल से ज्यादा घट चुका है, पिछले शुक्रवार को NCDEX पर धनिया 6,567 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ था और गुरुवार को भाव घटकर 5,860 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गया है। महीने भर में तो इसकी कीमतों में 2,000 रुपये से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है। 

11.38 लाख परीक्षार्थियों का नीट में होगा मुकाबला

  • नीट-यूजी 2017 : राज्य के 5 शहरों में 88000 परीक्षार्थी देंगे परीक्षा
  • डॉक्टर बनने के लिए 17 से 30 वर्ष उम्र के परीक्षार्थियों के बीच फाइनल 

-अरविंद

कोटा। मेडिकल की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी,2017 में 7 मई को 11 लाख  38 हजार 888 परीक्षार्थियों के बीच रोचक दिमागी मुकाबला होगा। 12वीं के बाद डॉक्टर बनने के लिए 17 वर्ष के लाखों फ्रेशर्स विद्यार्थी 30 वर्ष के रिपीटर्स परीक्षार्थियों से स्पर्धा करेंगे।

31 मार्च को सुप्रीम कोर्ट द्वारा नीट-यूजी के लिए केवल इस वर्ष अधिकतम उम्र सीमा में छूट दिए जाने से 4-5 वर्ष से तैयारी कर रहे रिपीटर्स की संख्या अचानक कई गुना बढ़ गई। सामान्य वर्ग के 25 वर्ष तथा एससी, एसटी व ओबीसी वर्ग के 30 वर्ष तक के रिपीटर्स इस वर्ष नीट-2017 में बैठेंगे। परीक्षा देने के लिए अधिकतम तीन अवसर मिलेंगे, जिसमें इस वर्ष से पहला अटैम्प्ट होगा।

नीट,यूजी में 11.38 लाख परीक्षार्थी पंजीकृत होने से 103 शहरों के 1921 सेंटर्स पर परीक्षा होगी। राज्य के 5 शहरों कोटा, जयपुर, उदयपुर, अजमेर व जोधपुर में 57 परीक्षा केंद्रों पर 88000 परीक्षर्थी पेपर देंगे। कोटा के 14 केंद्रों पर 8160 में  से  8000 गर्ल्स होंगी।  जयपुर के 24 केंद्रों पर 53,000, उदयपुर के 14 केंद्रों पर 7100, जोधपुर के 9 केंद्रों पर 4564 परीक्षार्थी पेपर देंगे। सीबीएसई ने कोटा में गर्ल्स को सेंटर आवंटित करने में वरीयता दी है 

नीट-यूजी, 2017 एक नजर में –

  • 11,38,888  देश में कुल पंजीकृत परीक्षार्थी
  • 6.41 लाख गर्ल्स 
  • 4.97 लाख बॉयज
  • 1.45 लाख  गर्ल्स ज्यादा
  • 8 ट्रांसजेंडर परीक्षार्थी
  • 3.33  लाख रु (41.42 प्रतिशत) परीक्षार्थी बढे़
  • 103  शहरों में 1921 परीक्षा केंद्र
  • 10  भाषाओं में होगी प्रवेश परीक्षा
  • 8  जून को रिजल्ट

राजस्थान की स्थिति 

  • 88000 राजस्थान में परीक्षार्थी
  • 53000 जयपुर में सर्वाधिक
  • 16000 अजमेर में
  • 8160 कोटा में