Thursday, May 7, 2026
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कर्ज संकट से जूझ रही रिलायंस कम्युनिकेशंस के खातों की जांच!

कंपनी के शेयर में गिरावट से बैंकर चिंतित ,फॉरेंसिक ऑडिट का बन सकता है दबाव

मुंबई। कर्ज संकट से जूझ रही रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। भारतीय बैंक कंपनी के कर्ज पुनर्गठन प्रस्ताव पर विचार करने से पहले दूरसंचार कंपनी के खातों की स्वतंत्र फॉरेंसिक जांच का दबाव डालने की योजना बना रहे हैं।

एक वरिष्ठ बैंकर ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा, ‘कंपनी की वित्तीय स्थिति की सही तस्वीर का पता लगाने के लिए हम उसके खातों की फॉरेंसिक ऑडिट करा सकते हैं।’ आरकॉम के शेयरों में लगातार आ रही गिरावट के बीच बैंकरों की अगले हफ्ते कंपनी के साथ बैठक होगी, जिसमें इसके कर्ज चुकाने की क्षमता और कर्ज भुगतान की योजना का आकलन किया जाएगा।

बैंकर ने कहा कि मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली जियो के आने से दूरसंचार क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा काफी बढ़ गई है। उन्होंने कहा, ‘जियो के आने से आरकॉम के राजस्व पर भी असर पड़ा है। इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए तकनीकी-आर्थिक अध्ययन कर यह देखना जरूरी हो गया है कि आरकॉम कर्ज चुकाने में सक्षम होगी या नहीं।’

 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के एक अधिकारी ने कहा कि अनिल अंबानी समूह की कंपनी पर इस साल मार्च तक 45,733 करोड़ रुपये का कर्ज था और उसके कर्ज का व्यापक पुनर्गठन करने की जरूरत होगी। इसलिए व्यवहार्यता के आकलन के लिए उसके वित्तीय प्रदर्शन का मूल्यांकन की प्रक्रिया अपनानी होगी।

पिछले हफ्ते 1,283 करोड़ रुपये का घाटा दिखाने के बाद लगभग सभी रेटिंग एजेंसियों ने कंपनी की रेटिंग घटा दी है। रेटिंग एजेंसियों के मुताबिक मार्च 2017 तक कंपनी के पास 1,400 करोड़ रुपये की नकदी और समतुल्य रकम थी, जो अल्पावधि के 10,900 करोड़ रुपये के कर्ज को चुकाने के लिए अपर्याप्त थी।

फिच ने भी आज आरकॉम के कर्ज की रेटिंग घटा दी और कहा कि ऋण भुगतान में किसी तरह की चूक वास्तविकता हो सकती है। इससे पहले मूडीज इनवेस्टर्स सर्विस, इक्रा और केयर ने भी इसकी रेटिंग घटा दी थी। इससे पहले कंपनी अपने वायरलेस टेलीफोनी कारोबार को अलग किया था, जिसे भारत में एयरसेल के कारोबार के साथ विलय किया जाएगा।

कंपनी ने कनाडा की ब्रूकफील्ड को 11,000 करोड़ रुपये में दूरसंचार टावरों को बेचने की योजना की भी घोषणा की है। अगर दोनों सौदा होता है तो कंपनी का कर्ज करीब 25,000 करोड़ रुपये तक घट सकता है। लेकिन अभी सौदे को लेकर स्पष्टता नहीं है क्योंकि एयरसेल के विदेशी प्रवर्तक का मामला उच्चतम न्यायालय में लंबित है।

सरकारी बैंक भी कंपनी के मामले में फूंक कर कदम रख रहे हैं और स्वतंत्र फॉरेंसिक ऑडिट की मांग कर रहे हैं। वास्तव में बैंक नहीं चाहते कि बाद में उन्हें किसी निर्णय के लिए जिम्मेदारा ठहराया जाए। इस साल के शुरू में किंगफिशर एयरलाइंस के चूक करने के मामले में आईडीबीआई बैंक के अधिकारियों के फंसने के बाद भारतीय बैंक सतर्क हो गए हैं।

आरकॉम में संकट की शुरुआत तब हो गई जब 10 बैंकों ने कंपनी के खाते को विशेष निगरानी खाते में डाल दिया। गैर-निष्पादित परिसंपत्ति घोषित करने से पहले यह कदम उठाया जाता है। तमाम आशंका और अनिश्चितताओं के बीच कंपनी निवेशकों का विश्वास बरकरार रखने के लिए कदम उठा रही है।

माना जा रहा है कि  कंपनी के चेयरमैन अनिल अंबानी शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन में नजर आ सकते हैं। कंपनी ने पहले कहा था कि यह कर्ज चुकाने के लिए मुंबई के निकट 130 एकड़ परिसर और नई दिल्ली में रिलायंस सेंटर अगले एक से दो साल में बेचेगी। 

 

आधार से लिंक नहीं तो कभी भी बंद हो सकता है मोबाइल नंबर

नई दिल्ली। आपने भी अपना मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं करवाया है तो यह काम तुरंत कर लें। लापरवाही बरतेंगे तो हो सकता है सालों पुराने मोबाइल नंबर से हाथ धोना पड़ जाए। इस साल मार्च में टेलिकॉम विभाग ने कंपनियों से कहा था कि वे आधार से लिंक करवाकर अपने सभी मौजूदा ग्राहकों की पहचान की पुष्टि करें।

अब एयरटेल और आइडिया जैसी कंपनियों ने ग्राहकों को एसएमएस भेजकर अपनी आधार कार्ड डिटेल्स उपलब्ध कराने को कहा है।मोबाइल ग्राहकों से कहा जा रहा है कि एक्टिव बने रहने के लिए अपने मोबाइल नंबर को आधार से लिंक कराएं। भारत सरकार के आदेश के मुताबिक यह अनिवार्य है।

यह है आधार को मोबाइल नंबर से लिंक करने का तरीका

इसको लेकर दो स्थितियां हो सकती है। 1. आप पहली बार मोबाइन नंबर को आधार से लिंक करवा रहे हैं 2. आपका मोबाइल नंबर बदल गया है और आप पुराने नंबर के स्थान पर नया नंबर आधार डेटा से अपडेट करना चाहते हैं।यदि पहली बार मोबाइल नंबर से आधार लिंक करवा रहे हैं तो यह काम आधार सेंटर पर जाकर होगा। वहां से एक फॉर्म मिलेगा। यह फॉर्म ऑनलाइन भी डाउनलोड किया जा सकता है।

(फॉर्म डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें)

फॉर्म पूरी तरह से भरें और आधार सेंटर पर संबंधित अधिकारी को जमा करवा दें। फॉर्म पर जरूर जिक्र करें कि आप पहली बार आधार लिंक करवा रहे हैं।इस फॉर्म के साथ आधार की फोटोकॉपी और कोई एक पहचान प्रमाण जैसे पैन कार्ड, पासपोर्ट, वोटर आईडी कार्ड की फोटोकॉपी भी लगाना जरूरी है।इसके बाद बायोमेट्रिक से जुड़ी कार्रवाई होगी। थम्ब इम्प्रेशन लिए जाएंगे।

2 से 5 दिन में मोबाइल से आधार कार्ड की लिंकिंग हो जाएगा। ज्यादा से ज्यादा 10 दिन का वक्त भी लग सकता है।ऑनलाइन हो सकता है अपडेशन का कामएक बार मोबाइल नंबर लिंक करवा चुके हैं और नंबर बदलने पर अपडेशन करना है तो यह काम ऑनलाइन हो सकता है। आपके पुराने नंबर पर एक ओटीपी जनरेट होगा, जिसकी मदद से आप नया नंबर आधार से लिंक कर पाएंगे। यह काम बड़ी आसानी से यूआईडीएआई की वेबसाइट पर जाकर किया जा सकता है।

इस पोर्टल पर सीधे जाने के लिए यहां क्लिक करें।

कोटा में दो वर्ष से विमंदित बच्चों को संभाल रही तुर्की की जूलेहा

कोटा। जिन मानसिक विमंदित बच्चों को देख हम मुंह मोड़ लेते हैं। ऐसे ही बच्चों की तीन साल पहले 7000 किमी दूर तुर्की से आई जूलेहा कोटा में निशुल्क केयर कर रही हैं। कोटा के आर्टिस्ट सर्वेश हाड़ा से फेसबुक से फ्रेंडशिप होने के बाद ऐसे बच्चों की सेवा के लिए यहां रहने का मन बना लिया।

जूलेहा पिछले दो साल से जरूरतमंद परिवारों से जुड़े पांच बच्चों की केयर कर उन्हें सोशल बना रही है। उन्होंने बताया कि वो अंकारा में एक लाख रुपए महीने के पैकेज पर रिहेबिलिटी सेंटर में टीचर थी। फादर उसके बिल्डर्स और ब्रदर कनाड़ा में इंजीनियर है।  यहां सर्वेश से फेस बुक पर फ्रेंडशिप हुई। इसी से पता चला कि कोटा में करीब 800 मानसिक विमंदित बच्चे हैं।

जूलेहा का कहना है कि मेरा सब्जेक्ट भी यही रहा है।  ऐसे बच्चे मेरे लिए आत्मा के समान है। मैं इंडिया में रहकर इनकी निशुल्क सेवा करूंगी। मेरे लिए पैसा इम्पॉर्टेंट नहीं हैं। मेरे फादर बिल्डर है। मैं उनकी इकलौती बेटी हूं। मेरी सेलरी एक लाख रुपए महीने थी। लेकिन, ऐसे बच्चों की सेवा का जुनून है, इसीलिए यहां हूं।

रेगुलर कक्षाएं
पिछले दो साल से पांच बच्चों की रेगुलर कक्षाएं ले रही है। एक बच्चे के लिए एक घंटा और ग्रुप क्लास के लिए अलग से समय लेकर उनकी केयर करती है। यहां छोटे से बच्चे सौरभ की मम्मी ने बताया कि उनका बेटा 12 साल का है, लेकिन इसकी दिमाग तीन साल के बच्चे की तरह का है। 

कोटा में डिस्प्ले हुई पौने 3 करोड़ की निशान स्पोर्ट्स कार जीटीआर

कोटा। राजस्थान में पहली बार निसान की पौने 3 करोड़ रुपए की स्पोर्ट्स कार जीटीआर का डिस्प्ले गुरुवार को कोटा में हुआ। कार देश में अभी 3 लोगों के पास है और तीन जनों ने बुकिंग करवा रखी है। मुंबई, दिल्ली, मद्रास, बैंगलूर और कोलकाता के बाद ये कार कोटा आई है। कार का डिस्प्ले इनकम टैक्स कमिश्नर नरेंद्र गौड़, सेल्स टैक्स डिप्टी कमिश्नर एनके गुप्ता ने किया।

विश्व में 5 मैकेनिक बनाते हैं यह कार
राजस्थान के एरिया मैनेजर प्रशांत फड़ेरा ने बताया कि यूएस, जापान सहित 44 देशों में यह कार उपलब्ध है। यह दुनिया की सबसे तेज दौड़ने वाली कार है। 2013 में बेस्ट कार का अवॉर्ड भी मिल चुका है। जापान के एक ही प्लांट में 5 लोग जिनको ताकुमी बोला जाता है, वे ही बनाते हैं। इस कार को गॉडजिला के नाम से भी जाना जाता है। यूएई सरकार इसे अपराधियों का पीछा करने के लिए ले रही है। धावक उसैन बोल्ट कार के ब्रांड एंबेसडर हैं। इस कार पर अब तक बच्चों के सबसे ज्यादा वीडियो गेम बने हैं।

ये हैं खास बातें

  • 3सेकंड में 100 की स्पीड पकड़ती है।
  • बुकिंग 25 लाख में होती है और यह नॉन रिफंडेबल है।
  • इंजन दो महीने में बनता है और उस पर मैकेनिक का नाम लिखा जाता है।
  • एक्टर जॉन इब्राहिम को ब्लैक कलर उनकी डिमांड पर दिया गया था। इसके अलावा देश में कहीं ब्लैक रंग की कार नहीं है।
  • इसका शोरूम और सर्विस सेंटर नोएडा में है। कार की बुकिंग देश में कहीं भी हो सकती है।
  • कार में स्टीरियो सिस्टम के लिए 13 स्पीकर लगे हुए हैं। इसमें 10 लाख का म्यूजिक सिस्टम लगा हुआ है।
  • कार की डिजाइन और अंदर के कलर ग्राहक अपने अनुसार करवा सकता है।

अनीता चौहान निर्विरोध ISTD कोटा चैपटर की चौथी बार चेयरपर्सन बनी

चैप्टर की आम सभा और वार्षिक सम्मान समारोह संम्पन्न, सुजाता ताथेड़ लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित

कोटा। इंडियन सोसाइटी फॉर ट्रेनिग एंड डेवलॅपमेंट की वार्षिक आम सभा का आयोजन होटल सूर्या प्राइम में में किया गया। चेयरपर्सन अनीता चौहान ने वर्ष 2015-16 की गतिविधियों का ब्यौरा प्रसतुत करते हुए बताया की कोटा व् आस पास के क्षेत्रों में इस वर्ष चैप्टर ने कुल 56 ट्रेनिंग कार्यक्रमों का आयोजन कर बेस्ट तीसरी बार चैप्टर अवार्ड प्राप्ति के लिए मार्ग प्रशस्त कर लिया है |

 कोषाध्यक्ष  अशोक कुमार सक्सेना ने वार्षिक एकाउंट्स की ऑडिटेड रिपोर्ट प्रस्तुत की। और बताया की वर्ष 2016-17 की दौरान चैप्टर द्वारा आयोजित रीजनल वर्कशॉप व् कलकत्ता से आये ट्रेनर्स के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के चलते चैप्टर सरप्लस इनकम कर पाया है |

इस दौरान स्प्रिन्ग डेलस चिल्ड्रेन स्कूल, नयागांव की एडवाइजर व आई एस टी डी कोटा चैप्टर की आजीवन सदस्या  सुजाता ताथेड़ को आई एस टी डी कोटा चैप्टरमें उनके उत्कर्ष कार्यो के लिए LIFE TIME ACHIEVMENT अवार्ड से सम्मानित किया गया। सभी सदस्यों को चैप्टर के सदस्य  एन एन दिवेदी द्वारा सम्मान स्वरुप प्रतिक चिन्ह से समानित किया  गया | 

वर्ष पर्यन्त चैप्टर गतिविधियों के आयोजन हेतु भवन की मुफ्त सुविधा देने के लिए एल बी एस के कुलदीप माथुर , सूर्या ग्रुप ऑफ़ होटल्स के सूर्या राजावत , ॐ कोठारी इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट , इंस्ट्रूमेंटेशन लिमिटेड, एस एस आई एसोसिएशन,इंस्टिट्यूट ऑफ़ एन्जीनीर्य्स आदि को धन्यवाद स्वरुप प्रतीक चिन्ह दिए गए |

इसके बाद वर्ष2017-18 के लिए नयी टीम की घोषणा प्रदीप शर्मा ने की| अनीता चौहान अध्यक्ष  कैलाश भार्गव उपाध्यक्ष, नवीन अग्रवाल सचिव, अशोक सक्सेना कोषाध्यक्ष, डॉ कपिल देव शर्मा का चयन किया गया | कुलदीप माथुर , मीता अग्रवाल , गोविन्द कुमार , अनिता गौतम कोऑपटीड सदस्य चुना गया। 

 

 

शुक्रवार को देख सकेंगे जेईई एडवांस्ड की ओआरएस

कोटा। एग्जाम में बैठे सभी स्टूडेंट्स शुक्रवार को इसके लिए जेईई-एडवांस्ड की वेबसाइट पर दिए गए केंडिडेट पोर्टल पर जाकर अपना जेईई-एडवांस का रजिस्ट्रेशन नम्बर, जन्म दिनांक, रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर व ई-मेल आईडी डालकर लॉगइन करना होगा। 

इस एग्जाम के जरिए देश के 23 आईआईटी की लगभग 10 हजार 570 सीटों पर प्रवेश होगा। गौरतलब है कि यह एग्जाम गत 21 मई देश के 120 शहरों में आयोजित हुआ था। जेईई-एडवांस की आंसर की 4 जून को जारी होगी। स्टूडेंट्स आंसर-की के लिए 6 जून तक अपना फीडबैक दे सकेंगे।

प्रत्येक प्रश्न के लिए 500 रुपए भुगतान
स्टूडेंट्स आंसर-की में अपने द्वारा भरे गए उत्तरों एवं मशीन द्वारा पढ़े गए रिकॉर्डेड रेस्पोंस में संशय होने पर शनिवार तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। स्टूडेंट को प्रत्येक प्रश्न के लिए 500 रुपए का शुल्क अदा करना होगा। 

जेईई-एडवांस के आधार पर स्टूडेंट्स आईआईटी के अतिरिक्त आईआईएसईआर, राजीव गांधी पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट रायबरेली, आईआईएसटी त्रिवेन्द्रम, आईआईएससी बेंगलूरु एवं आईआईपी विशाखापट्टनम संस्थानों में एडमिशन ले सकते हैं।

पहले टिकट खरीदिए, बाद में कीजिये भुगतान

IRCTC ने Book Now and Pay later का विकल्प पेश किया है

नई दिल्ली । भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सहूलियत के लिहाज से एक बड़ा फैसला किया है। इस फैसले के मुताबिक आप किसी भी एक्सप्रेस ट्रेन में अब यात्री टिकट पहले खरीदकर बाद में भुगतान कर सकते हैं। यह जानकारी आईआरसीटीसी के एक अधिकारी ने गुरुवार को दी है। अधिकारी के मुताबिक जल्द ही यात्री आईआरसीटीसी की वेबसाइट से टिकट खरीद कर बाद में भुगतान कर सकते हैं।

आईआरसीटीसी के प्रवक्ता ने कहा, “आईआरसीटीसी ने मुंबई आधारित फर्म इपेलेटर (ePayLater) के साथ साझेदारी कर इस नई सेवा के लिए विकल्प की पेशकश की है। इस सेवा के जरिए यात्री अपनी यात्रा के पांच दिन पहले तक टिकट बुक कर सकते हैं । इसपर 3.5 फीसद की सेवा कर लगाया जाएगा और इसका भुगतान अगले 14 दिनों तक किया जा सकेगा।” साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया है यह विकल्प केवल ई टिकटों पर ही मान्य है।

इस नए विकल्प पर विस्तार में बात करते हुए कहा जिस तरह क्रेडिट कार्ड ग्राहक के सिबिल स्कोर को जांचने के बाद जारी किया जाता है, इसी तरह की प्रक्रिया इस विकल्प में भी इस्तेमाल की जाएगी।आईआरसीटीसी के अधिकारी ने बताया कि जो लोग इस सर्विस का लाभ उठाना चाहते हैं उन्हें अपना नाम, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर, पैन कार्ड या आधार डिटेल्स देनी होंगी।  एक बार जब कस्टमर को इस फीचर को इस्तेमाल करने के लिए मंजूरी मिल जाएगी, उन्हें ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) भेजा जाएगा। 

सेबी पोर्टल के जरिए अब आप ऑनलाइन रजिस्टर कर पाएंगे म्युचुअल फंड

नई दिल्ली । ईज ऑफ डुइंग बिजनेस में सुधार के बाद गुरुवार को पूंजी बाजार नियामक सेबी ने म्युचुअल फंड के लिए एक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन मैकेनिज्म को लॉन्च कर दिया है। यह कदम मौजूदा और नए फंड हाउसों की राह को आसान करने में मदद करेगा। इससे वो सेबी के साथ अपनी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को तेजी के साथ पूरा कर पाएंगे। सेबी ने इसके लिए एक सर्कुलर भी जारी किया है।

सेबी की ओर से जारी किए गए सर्कुलर में कहा गया, संस्थाओं के लिए ‘सेबी मध्यस्थ पोर्टल’ (Sebi Intermediary Portal) को लागू करने का निर्णय लिया गया है, ताकि म्युचुअल फंड पंजीकरण का आवेदन ऑनलाइन माध्यम से जमा कराया जा सके। इस पोर्टल का परिचालन आज से शुरू कर दिया गया है।

म्युचुअल फंड के पंजीकरण के लिए सभी आवेदन केवल इस पोर्टल के माध्यम से ही किए जाएंगे। इसमें आगे कहा गया, “आवेदकों के लिए संबंधित दस्तावेजों को अलग-अलग प्रस्तुत करने की आवश्यकता होगी जिसके लिए प्रासंगिक नियमों में निर्धारित आवेदन फार्म के एक हिस्से के रूप में declarations/ undertakings की जरूरत होगी, जबकि फिजिकल फॉर्म सिर्फ रिकॉर्ड के लिए होंगे जो कि रजिस्ट्रेशन के लिए ऑनलाइन एप्लीकेशन प्रक्रिया को प्रभावित नहीं करेंगे।”

एयरटेल-टेलिनॉर मर्जर को सेबी और स्टॉक एक्सचेंज की मंजूरी

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नई दिल्ली। भारती एयरटेल ने मंगलवार को घोषणा की कि उसे टेलिनॉर इंडिया से मर्जिंग के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड(सेबी), बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज(BSE) और नैशनल स्टॉक एक्सचेंज(NSE) की अनुमति मिल गई है। इसके लिए टेलिनॉर को अपनी भारतीय इकाई का सारी सम्पत्ति और सारे ग्राहक ट्रांसफर करने होंगे। एयरटेल ने बताया कि इसके लिए उसने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में जॉइंट कंपनी ऐप्लिकेशन फाइल कर दिया है।

इस मर्जर के बाद एयरटेल को 43.4 MHZ का अतिरिक्त स्पेक्ट्रम मिलने से वह सात महत्वपूर्ण सर्कल में खुद को मजबूत कर सकेगी। टेलिनॉर की भारतीय यूनिट देश के सात अहम सर्कल्स आंध्र प्रदेश, बिहार और झारखंड, गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश (ईस्ट), उत्तर प्रदेश (वेस्ट) और असम में अपनी सेवाएं देती है, यह सर्कल अब एयरटेल का हिस्सा होंगे।

इसी साल दोनों कंपनियों ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा था, ‘इस अधिग्रहण से कोई नुकसान नहीं होना है। 2016 की चौथी तिमाही में टेलिनॉर की कुल वैल्यू NOK 0.3 बिलियन थी। अग्रीमेंट के अनुसार एयरटेल टेलिनॉर की स्पैक्ट्रम पेमेंट और दूसरे कॉन्ट्रैक्ट्स का अपने हाथ मे ले लेगा।’

रिलायंस जियो की ओर से फ्री वॉइस कॉलिंग और डेटा सर्विसेज के बाद से मार्केट में उथल-पुथल की स्थिति है और इससे देश की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी एयरटेल को भी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि टेलिनॉर का अधग्रहण करने से एयरटेल को अतिरिक्त 1800 Mhz बैंड में 4जी स्पेक्ट्रम मिल सकेगा।

सोयाबीन के गिरते दाम से किसान परेशान, 2700 रुपये से नीचे वायदा

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मुंबई। मॉनसून की तेज रफ्तार के साथ कृषि जिंसों के दाम भी लुढ़क रहे हैं। सोयाबीन की कीमतों में सबसे ज्यादा गिरावट देखी जा रही है। सोयाबीन के दाम पिछले पांच साल के निम्नतम स्तर पर पहुंच गए। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम दाम पर खरीद किए जाने से नाराज किसान अब सोयाबीन की खेती को ही बंद करने की बात कर रहे हैं। वायदा बाजार में तो सोयाबीन 2,700 रुपये के नीचे पहुंच गई। 
 
एनसीडीईएक्स पर सोयाबीन की कीमत गिरकर 2,696 रुपये पर आ गई। हाजिर बाजार में सोयाबीन 2,700 रुपये में खरीदी जा रही है। सबसे बड़ी सोयाबीन मंडी इंदौर में सोयाबीन की खरीद 2,700 रुपये पर हुई तो किसान और कारोबारियों के बीच कल झड़प भी हो गई जिसके कारण आज इंदौर मंडी बंद रही।

किसानों का कहना है कि एनसीडीईएक्स पर सोयाबीन का हाजिर भाव 2,860 रुपये दिखाया जा रहा है और सरकार ने एमएसपी 2,775 रुपये प्रति क्ंिवटल तय किया है लेकिन कारोबारी आपसी सांठगांठ करके कीमतें गिराते हैं और सरकार द्वारा तय की गई कीमत से कम पर माल खरीदते हैं। 

मंडी में मिलने वाली कीमत और व्यवस्था से परेशान किसान इस बार सोयाबीन की फसल छोडऩे की बात कर रहे हैं। सोयाबीन कारोबारी नरेश जैन कहते हैं कि किसानों को उचित कीमत मिलनी चाहिए, वर्ष 2016-16 के लिए केंद्र सरकार की तरफ से सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,775 रुपये प्रति क्ंिवटल तय किया गया है लेकिन म ज्यादातर मंडियों में सोयाबीन 2,700 रुपये के नीचे बिक रहा है। 
 
किसानों का सोयाबीन की फसल से मोहभंग हुआ तो वे दूसरी फसल की बुआई करेंगे जिसका नुकसान सोयाबीन उद्योग को होगा। इसीलिए इस मामले में सरकार को ध्यान देना चाहिए। ऐंजल कमोडिटीज के रितेश साहू के मुताबिक सोयाबीन की बुआई शुरू हो चुकी है। पिछले खरीफ सीजन के दौरान देश में सोयाबीन फसल का रकबा बढ़कर 23,000 हेक्टेयर हुआ था।

उससे पिछले साल देश में 20,000 हेक्टेयर में सोयाबीन की बुआई हुई थी। सोयाबीन का उत्पादन सबसे ज्यादा मध्य प्रदेश में होता है, ऐसे में किसानों की नाराजगी बुआई पर असर डाल सकती है। इस साल देश में सोयाबीन की कीमतों में 30 फीसदी से ज्यादा की गिरावट हुई है। जुलाई 2012 में सोयाबीन की कीमत 5,000 रुपये के करीब बोली जा रही थी जो अब तक का सबसे ऊंचा भाव है।

जिसके बाद किसानों का सोयाबीन की तरफ आकर्षण बढ़ा लेकिन अब एमएसपी से भी कम दर पर खरीदारी की जाएगी तो किसान दोबारा दूसरी फसलों की तरफ जा सकते हैं जो उद्योग के लिए सही नहीं होगा। सोयाबीन की कीमतों में गिरावट की वजह देश में बंपर उत्पादन को माना जा रहा है। अधिक उत्पादन के साथ ही पिछले साल का स्टॉक भी बचा हुआ है जिससे मांग कमजोर बनी हुई है।

जबकि मंडियों में आपूर्ति अधिक हो रही है। सोयाबीन उद्योग की मानी जाए तो 2016-17 के दौरान देश मेंं सोयाबीन का उत्पादन करीब 115 लाख टन हुआ है। इसकेसाथ ही चार लाख टन सोयाबीन पिछले साल के स्टॉक के तौर पर बाजार में जमा था। इस तरह इस साल देश में सोयाबीन का स्टॉक कुल 119 लाख टन हो गया है।