Thursday, April 23, 2026
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2,000 भारतीय उत्पादों को 5 जून से नहीं मिलेगी आयात शुल्क में छूट

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि भारत को जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रेफरेंसेज (जीएसपी) से बाहर करने का फैसला 5 जून से लागू हो जाएगा। क्योंकि, भारत ने अपने बाजार में अमेरिका को बराबर और मुनासिब पहुंच उपलब्ध करवाने का भरोसा नहीं दिया है। ट्रम्प ने 4 मार्च को भारत को जीएसपी से बाहर करने का ऐलान किया था। इसके लिए 60 दिन का नोटिस पीरियड तय किया था जो 3 मई को खत्म हो चुका है। जीएसपी के तहत भारत जो उत्पाद अमेरिका भेजता है उन पर वहां आयात शुल्क नहीं लगता।

2017 में भारत को 40,000 करोड़ रु. के सामान पर शुल्क में छूट मिली थी
जीएसपी कार्यक्रम में शामिल विकासशील देशों को अमेरिका में आयात शुल्क से छूट मिलती है। इसके तहत भारत करीब 2000 उत्पाद अमेरिका भेजता है। इन उत्पादों पर अमेरिका में इंपोर्ट ड्यूटी नहीं लगती। भारत 2017 में जीएसपी कार्यक्रम का सबसे बड़ा लाभार्थी देश था। उसे अमेरिका में 5.7 अरब डॉलर (40,000 करोड़ रुपए) के आयात पर छूट मिली थी।

अमेरिका की दलील है कि भारत अपने कई सामान यूएस में बिना किसी आयात शुल्क के बेचता है, लेकिन भारत में सामान बेचने के लिए अमेरिका को आयात शुल्क चुकाना होता है। अमेरिकी अधिकारी ने गुरुवार को कहा था कि भारत सरकार के साथ इस मुद्दे पर बातचीत की जाएगी। यह देखना है कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में क्या रास्ता निकलता है।

अमेरिका के फैसले पर वाणिज्य मंत्रालय ने कहा है कि भारत ने समाधान पेश किया था लेकिन अमेरिका ने स्वीकार नहीं किया। ऐसे मामलों में अमेरिका और अन्य देशों की तरह भारत भी देशहित का ध्यान रखता है। आर्थिक संबंधों के क्षेत्र में मुद्दे बने रहते हैं जिन्हें समय-समय पर आपसी सहमति से सुलझाया जाता है। ताजा मुद्दा भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है। हम अमेरिका के साथ मजबूत रिश्ते जारी रखेंगे।

जीएसपी के तहत भारत इन वस्तुओं का निर्यात करता है
प्रोसेस्ड फूड, लेदर और प्लास्टिक प्रोडक्ट, बिल्डिंग मैटेरियल प्रोडक्ट, हैंड टूल्स, इंजीनियरिंग गुड्स, तकिया-कुशन कवर, महिलाओं के बुने हुए कपड़े, ऑटोमोबाइल कंपोनेंट, ऑर्गेनिक केमिकल्स, कृषि, समुद्री और हैंडीक्राफ्ट उत्पाद।

भारत पर क्या असर पड़ेगा?
अमेरिका ने मार्च में जब भारत को जीएसपी से बाहर करने के फैसले का ऐलान किया था तब भारत के वाणिज्य सचिव अनूप धवन ने कहा था कि इस फैसले से ज्यादा असर नहीं पड़ेगा क्योंकि पिछले साल भारत ने जीएसपी के तहत अमेरिका को 560 करोड़ डॉलर (39,200 करोड़ रुपए) के सामान का निर्यात किया। इस पर सिर्फ 19 करोड़ डॉलर (1,330 करोड़ रुपए) के आयात शुल्क की बचत हुई।

अमेरिका पर असर: वहां की कंपनियों के लिए भी वस्तुएं महंगी होंगी
जीएसपी के तहत भारत मुख्य रूप से सेमी-मैन्युफैक्चर्ड वस्तुओं का निर्यात करता है। इससे अमेरिकी कंपनियों को अपने प्रोडक्ट की लागत कम रखने में मदद मिलती है। भारत को जीएसपी से बाहर करने से अमेरिका में केमिकल उत्पादों के दाम करीब 5% बढ़ेंगे। इससे अमेरिकी कंपनियां और उपभोक्ता दोनों प्रभावित होंगे।

जीएसपी कार्यक्रम क्या है?
यह कार्यक्रम 1 जनवरी 1976 को अमेरिका के ट्रेड एक्ट-1974 के तहत शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य दुनिया के विकासशील देशों के बाजारों को सहारा देना था। इसमें शामिल देशों को अमेरिका में उत्पाद बेचने पर किसी तरह का आयात शुल्क नहीं देना होता है। इस कार्यक्रम में भारत समेत 121 देश शामिल हैं।

जीएसपी में शामिल देशों के लिए शर्तें क्या हैं ?
मुकदमा होने पर अमेरिकी कंपनियों और नागरिकों को तरजीह, सामान बनाने में बाल श्रमिकों का इस्तेमाल नहीं हुआ हो, कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा करना, पेटेंट नियमों को मानना, अमेरिकी कंपनियों को अपने देश में बराबर के मौके देना।

कोटा समेत राजस्थान के छह मुख्य शहरों में पारा 47 डिग्री से ऊपर

जयपुर। नौतपा भले ही रविवार को खत्म हो गया हो, लेकिन प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर जारी है। रविवार को चुरू में सर्वाधिक 48.9 डिग्री पारा दर्ज किया गया। एक दिन पहले शनिवार को चुरू में 50.8 डिग्री पारा था। हालांकि 1.9 डिग्री की गिरावट हुई, लेकिन गर्मी का असर कम नहीं हुआ। वहीं श्रीगंगानगर में 48.6 डिग्री पारा दर्ज किया गया।

कोटा समेत प्रदेश के छह मुख्य शहरों में तापमान 47 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया। गर्मी को देखते हुए अभी भी मौसम विभाग ने 26 जिलों में दो दिन का रेड अलर्ट जारी कर रखा है। इधर शेष तीन दिन का ऑरेंल अलर्ट जारी किया है। जयपुर में इस सीजन का सर्वाधिक 45.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया है।

दिन के साथ रातें भी गर्म
प्रदेशभर में दिन के साथ रात की पारा भी बढ़ रहा है। इसी के साथ रात को कूलर, एसी फेल हो रहे हैं। रात का पारा 33 डिग्री तक आ रहा है। प्रदेश के जोधपुर में 33.3, कोटा में 33.0, जयपुर में 32.2 और अजमेर में 32.4 डिग्री पारा रात में दर्ज किया गया।

जोधपुर में इस सीजन का सर्वाधिक गर्म दिन
सूर्यनगरी में रविवार सुबह तापमान 33.3 डिग्री रहा। भोर के साथ ही तपिश ने शहर को अपनी आगोश में लेना शुरू कर दिया। जैसे-जैसे सूरज क्षितिज पर चढ़ रहा था, आसमान से गर्मी बरस रही थी। दोपहर में पारा 46.4 डिग्री को छू गया। यह सीजन का सर्वाधिक तापमान है। उस समय ऐसा लग रहा था मानो शहर तंदूर के ऊपर सिक रहा है।

दोपहर में भीड़भाड़ वाली सड़कों पर सन्नाटे जैसा माहौल था। शाम सात बजे के बाद गर्मी से मामूली राहत मिलनी शुरू हुई। जिले के अधिकांश ग्रामीण हिस्सों में तापमान 47 डिग्री से ऊपर था। फलोदी में दोपहर में तापमान 48.2 डिग्री रहा यानी पचास डिग्री के आसपास पहुंचे तापमान ने फलोदी को आग का दरिया बना दिया। बाड़मेर और जैसलमेर में भी बेजां गर्मी रही। बाड़मेर में रात का पारा 30.9 और दिन का 47.2 डिग्री रहा। जैसलमेर में यह क्रमश: 30.2 व 47.8 डिग्री मापा गया।

यह है प्रदेश की स्थिति
स्थान सर्वाधिक पारा
चुरू 48.9
श्रीगंगानगर 48.6
बीकानेर 48.1
जैसलमेर 47.8
कोटा 47.5
बाड़मेर 47.2
जोधपुर 46.4
जयपुर 45.5
अजमेर 45.2

राजस्थान बोर्ड की 10वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम आज शाम को

जयपुर/अजमेर। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की सैकण्डरी परीक्षा-2019 का परिणाम सोमवार को घोषित किया जाएगा। बोर्ड की सचिव मेघना चौधरी ने बताया कि शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा सोमवार को बोर्ड कार्यालय में शाम 4 बजे परीक्षा परिणाम की घोषणा करेंगे।

इस अवसर पर बोर्ड के प्रशासक और निदेशक माध्यमिक शिक्षा नथमल डिडेल भी उपस्थित रहेंगे। इस परीक्षा में कुल 10 लाख 88 हजार 241 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए थे। इसके साथ ही प्रवेशिका और माध्यमिक (व्यावसायिक) परीक्षा का परिणाम भी घोषित किया जाएगा।

प्रवेशिका परीक्षा में 6,924 और व्यावसायिक परीक्षा के लिए 34,460 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। यह परिणाम बोर्ड की वेबसाइट www.rajeduboard.rajasthan.gov.in पर उपलब्ध होगा। बोर्ड इस बार दसवीं का परिणाम पिछले साल के मुकाबले 8 दिन पहले जारी करेगा। पिछले साल 10वीं का परिणाम 11 जून को घोषित किया गया था।

Hyundai का लग्जरी ब्रैंड Genesis भारत में हो सकता है लॉन्च

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नई दिल्ली।भारतीय बाजार में मारुति सुजुकी को टक्कर देने वाली कंपनी Hyundai अब मर्सेडीज, आउडी और बीएमडब्लू जैसी लग्जरी कार बनाने वाली कंपनियों को भी टक्कर देने की तैयारी में है। दरअसल, कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ह्यूंदै अपने लग्जरी ब्रैंड Genesis को भारतीय बाजार में उतारने की तैयारी कर रही है। साल 2020 के बाद कंपनी जिनेसिस ब्रैंड भारत में लाॅन्च करेगी।

रिपोर्ट्स में कहा गया है कि ह्यूंदै पिछले कुछ समय से भारत में अपने लग्जरी ब्रैंड को पेश करने की संभावना का मूल्यांकन कर रही है। कंपनी देश के चुनिंदा शहरों में एक्सपीरियंस सेंटर्स और छोटे शोरूम खोलने वाली है। माना जा रहा है कि ह्यूंदै साल 2020 के ऑटो एक्सपो में जिनेसिस ब्रैंड को प्रदर्शित कर सकती है।

इंटरनैशनल मार्केट में जिनेसिस ब्रैंड के तहत ह्यूंदै की तीन लग्जरी सिडैन कारें उपलब्ध हैं। इनमें G70, G80 और G90 शामिल हैं। G70 इस ब्रैंड का एंट्री लेवल मॉडल है। इसमें 249 bhp पावर वाले 2.0-लीटर, 4-सिलिंडर पेट्रोल इंजन और 360 bhp पावर वाले 3.3-लीटर, ट्विन-टर्बो V6 इंजन का ऑप्शन उपलब्ध है।

जिनेसिस के मिड रेंज मॉडल G80 में तीन इंजन ऑप्शन उपलब्ध हैं। इनमें 307 bhp पावर वाला V6 इंजन, 360 bhp पावर वाला 3.3-लीटर इंजन और 414 bhp पावर वाला 5-लीटर V8 इंजन शामिल हैं। G90 जिनेसेस का टॉप मॉडल है। इसमें 360 bhp पावर वाले ट्विन-टर्बो V6 और 414 bhp पावर वाले 5.0-लीटर V8 इंजन का ऑप्शन उपलब्ध है।

मौद्रिक नीति, वृहद आर्थिक आंकड़ों से तय होगी बाजार की दिशा

नयी दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा, वृहद आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक संकेतों से इस सप्ताह शेयर बाजारों की दिशा तय होगी। ईद-उल-फितर के मौके पर बुधवार को बाजार बंद रहेंगे।

इसी बीच, शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद सरकार की ओर से जारी आधिकारिक आंकड़ों में कहा गया है कि भारत की आर्थिक वृद्धि की रफ्तार वित्त वर्ष 2018-19 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में पांच साल के न्यूनतम स्तर 5.8 प्रतिशत पर पहुंच गयी। कृषि एवं विनिर्माण क्षेत्र के कमजोर प्रदर्शन को आर्थिक वृद्धि दर में कमी का मुख्य कारक बताया गया है।

वहीं अप्रैल में आठ बुनियादी क्षेत्र के उद्योगों की वृद्धि दर भी घटकर 2.6 प्रतिशत के स्तर पर आ गयी। हालांकि, वित्त वर्ष 2018-19 में राजकोषीय घाटे के लक्ष्य के अनुरूप रहने से सरकार को थोड़ी राहत मिली है। संशोधित बजट अनुमान में राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 3.4 प्रतिशत पर सीमित रखने का लक्ष्य रखा गया था।

बाजार विश्लेषकों का कहना है कि इन आर्थिक आंकड़ों का असर सोमवार को बाजार पर देखने को मिल सकता है लेकिन जीडीपी की सुस्त पड़ती रफ्तार से इस बात की संभावना बढ़ गयी है कि केंद्रीय बैंक छह जून को ब्याज दरों में कटौती करे। निवेशक इसका स्वागत करेंगे।

शेयरखान बाई बीएनपी परिबा के प्रमुख सलाहकार हेमांग जानी ने कहा, ”वैश्विक मोर्चे पर अमेरिका-चीन के बीच व्यापार युद्ध और तेल के दाम में इजाफे से बाजार की आगे की दिशा तय होगी। हम शेयर बाजार को लेकर अब भी आशान्वित हैं।”

विशेषज्ञों का मानना है कि नयी सरकार में मंत्रिमंडल के बंटवारे के बाद अब ध्यान मुख्य आर्थिक सुधारों और नीतियों पर रहेगा। एपिक रिसर्च के सीईओ मुस्तफा नदीम ने कहा, ”वित्त मंत्रालय की अगुवाई अब निर्मला सीतारमण कर रही हैं और उनसे कई उम्मीदें हैं। सबसे पहले नकदी का मुद्दा आता है, उसके बाद बैंकों के पुनर्पूंजीकरण और अर्थव्यवस्था में मांग में सुधार की बात आती है।”

सैमको सिक्योरिटीज एंड स्टॉकनोट के मुताबिक अगला सप्ताह बाजार की मध्यम अवधि की दिशा के लिहाज से बहुत अहम है। इस सप्ताह विनिर्माण क्षेत्र से संबंधित पीएमआई आंकड़े और वाहन की बिक्री के आंकड़े भी जारी किये जाएंगे।

शुक्रवार को बीएसई सेंसेक्स काफी उतार-चढ़ाव के बाद 118 अंक की गिरावट के साथ 39,714.20 अंक पर बंद हुआ। हालांकि, साप्ताहिक आधार पर 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 279.4 अंक चढ़कर बंद हुआ।

चैंपियंस लीग फाइनल में स्विमसूट पहन मैदान पर पहुंची महिला फैन

नई दिल्ली। चैंपियंस लीग के फाइनल मैच के दौरान एक महिला मैदान पर पहुंच गई जिससे कुछ देर के लिए मुकाबला रोकना पड़ा। मैड्रिड में टॉटनहैम को लिवरपूल ने 2-0 से मात दी। इस मुकाबले में मोहम्मद सालाह और दिवोच ओरिजी ने 1-1 गोल किया।

रिपोर्ट के मुताबिक, एक महिला बीच मैच के दौरान मैदान पर पहुंच गई। हालांकि बाद में सुरक्षा अधिकारियों ने उसे पकड़कर बाहर किया। इस महिला का नाम किंसी वोलांस्की बताया जा रहा है।

काले रंग का स्विमसूट पहने यह महिला सुरक्षा घेरे को तोड़कर पहले हाफ के दौरान मैदान पर पहुंच गई लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत उसे बाहर कर दिया। उसके सूट पर लिखा था- विताली अनसेंसर्ड।

https://youtu.be/-zIv4-Nxb7E

रिपोर्ट की मानें तो यह महिला विताली ज्दोरोवेत्सिकी की गर्लफ्रेंड है। ज्दोरोवेत्सिकी वही शख्स है जो 2014 फीफा वर्ल्ड कप फाइनल के दौरान ‘नैचरल बोर्न प्रैंक्स्टर’ लिखकर मैदान पर पहुंच गया था। इस वाकये के बाद वोंलास्की के इंस्टाग्राम पर फॉलोअर की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ।

RBI मौद्रिक नीति समिति की बैठक 4 से, ब्याज दरों में कटौती संभव

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति की तीन दिवसीय समीक्षा बैठक 4 जून 2019 से मुंबई में शुरू होगी। 6 जून को बैठक में लिए गए फैसलों की घोषणा होगी। जानकारों का मानना है कि अर्थव्यवस्था में तेजी लाने के लिए आरबीआई एक बार फिर रेपो रेट में कटौती का तोहफा दे सकता है। यदि ऐसा होता है तो यह लगातार तीसरा मौका होगा, जब आरबीआई रेपो रेट में कटौती करेगा। इससे ब्याज दरों में भी कमी आएगी।

हाल ही में देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने अपनी एक रिसर्च रिपोर्ट में कहा था कि अर्थव्यवस्था की मंदी को दूर करने के लिए आरबीआई को 25 बेसिस प्वाइंट या इससे ज्यादा बड़े रेपो कट की आवश्यकता है।

सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी का कहना है कि आरबीआई को अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन देने के लिए ब्याज दरों में कमी करने की आवश्यकता है। उनका कहना है कि प्रोडक्शन में सुधार, कंज्यूमर गुड्स और नॉन ड्यूरेबल सामान की बिक्री बढ़ाने के लिए ब्याज दरों में कटौती की आवश्यकता है। बनर्जी का कहना है कि इस समय महंगाई दर आरबीआई के चार फीसदी के लक्ष्य से नीचे चल रही है। ऐसे में रेपो रेट में कटौती के लिए यह काफी बेहतर समय है।

आरबीआई के अनुकूल है माहौल
कोटक महिंद्रा बैंक की कंज्यूमर बैंकिंग प्रेसीडेंट शांति इकमबरम का कहना है कि रेपो रेट में कटौती के लिए आरबीआई के पास इस समय बेहतर माहौल है। ऐसे में तरलता बढ़ाने के उपाय और रेपो रेट में कटौती की उम्मीद कर सकते हैं। शांति ने रेपो रेट में 25 से 50 बेसिस प्वाइंट में कमी की उम्मीद जताई है।

रेटिंग एजेंसी इक्रा के कार्तिक श्रीनिवासन का कहना है जुलाई में पेश होने वाले पूर्ण बजट से पहले आरबीआई वेट एंड वॉच की नीति अपना सकता है। ऐसे में रेपो रेट में बदलाव की उम्मीद नहीं है। आपको बता दें कि कृषि और निर्माण क्षेत्र के धीमे प्रदर्शन के कारण वित्त वर्ष 2018-19 की चौथी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ पांच साल के निम्नतम स्तर 5.8 फीसदी पर आ गई है।

दाल की बढ़ती कीमतों पर मोदी सरकार का एक्शन, 16 लाख टन दाल का होगा भंडारण

नई दिल्ली। लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख राम विलास पासवान ने एक बार फिर खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री का कार्यभार संभाल लिया। मंत्रालय में उन्होंने अफसरों को ताकीद दी कि किसी भी हालात में दाल की कीमत बेकाबू नहीं होनी चाहिए। पासवान ने शुरुआती 100 दिनों में 16 लाख टन दाल और 50,000 टन प्याज के भंडारण के लिए जरूरी कदम उठाने का लक्ष्य रखा है। सरकार भंडारण की मदद से बाजार में बढ़ती कीमतों को थामेगी।

15 से 20 रुपए महंगी हो गई है दाल
दाल की फसल कमजोर होने और आयात के कड़े नियमों के चलते दालों के दाम आसमान छूने लगे हैं। महीनेभर पहले 72 रुपये बिकने वाली अरहर दाल प्रति किलो 15 से 18 रुपये तक महंगी हो गई है। वहीं, मसूर दाल व चना दाल की कीमतें भी तेजी से बढ़ी हैं। दिल्ली में खुदरा बाजार में अरहर 90 से 100 रुपए प्रति किलो तक बिक रही है।

इंडियन पल्सेज ऐंड ग्रेंस एसोसिएशन के वाइस-प्रेसिडेंट बिमल कोठारी ने कहा, ‘दो साल से ज्यादा लंबे समय के बाद तुअर की कीमतों में तेजी का रुख है। हमें लगता है कि दलहन की खेती वाले इलाकों में मॉनसून अनियमित रहा है। इन स्थिति के बाद सरकार तूअर और अन्य दालों का इंपोर्ट कोटा बढ़ा सकती है।’

दिल्ली के एक व्यापारी ने बताया, ‘सरकार सिर्फ अरहर के 7-8 लाख टन अतिरिक्त कोटा की मंजूरी दे सकती है। वहीं, सरकार और सरकारी एजेंसियों के पास दूसरी दालों का स्टॉक है और वे जरूरत पड़ने पर सप्लाई बढ़ा सकती हैं।’

कई देशों से दाल आयात करता है भारत
कोठारी ने कहा कि दुनियाभर में अरहर की पैदावार कम रही थी, वहीं भारत ने पिछले कुछ साल से इसके आयात पर पाबंदी लगा रखी है। भारत मोजांबिक, मलावी और तंजानिया से अरहर के अलावा म्यांमार से उड़द और कनाडा, यूक्रेन और रूस से पीली मटर का आयात करता है।

ऑल इंडिया मिलर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट सुरेश अग्रवाल का कहना है कि उन्होंने देश में पीली मटर की कम आपूर्ति को देखते हुए वाणिज्य मंत्री से 4 लाख टन अतिरिक्त आयात की मंजूरी देने की अपील की थी। उन्होंने कहा, ‘मॉनसून और सरकार की रणनीति से दालों के भाव पर बड़ा असर पड़ेगा। अगर मॉनसून कमजोर रहता है तो हमें आयात बढ़ाना पड़ सकता है।’ गौरतलब है कि रबी सीजन में अरहर की पैदावार में 12-15 फीसदी तक गिरावट आई है।

100 दिवसीय कार्ययोजना में यह भी
मंत्री पासवान ने बताया कि ई-वाणिज्य दिशानिर्देशों को अंतिम रूप देने, उपभोक्ता अदालतों और बीआईएस प्रयोगशालाओं का उन्नयन करने इत्यादि को भी इस कार्ययोजना का हिस्सा बनाया गया है। इसके अलावा मंत्रालय ने उपभोक्ता मामले विभाग में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के पांच पदों को भरने की भी पहचान की है।

नई महेंद्रा Scorpio की तस्वीरें लीक, अल्टूरस जी4 से प्रेरित है डिजाइन

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नई दिल्ली। महिंद्रा ने अपनी पॉप्युलर एसयूवी Scorpio को नए अवतार में लाने की तैयारी में है। कंपनी लगातार नई Mahindra Scorpio की टेस्टिंग कर रही है। हाल में एक बार फिर इसे तमिलनाडु में टेस्टिंग के दौरान देखा गया है। नई स्कॉर्पियो में बाहर और अंदर मॉडर्न बदलावों के अलावा लेटेस्ट फीचर्स भी शामिल होंगे।

नई स्कॉर्पियो अपडेटेड लैडर फ्रेम चेसिस पर आधारित होगी और वर्तमान मॉडल की तुलना में बड़ी होगी। लीक तस्वीरों से साफ हुआ है कि नई स्कॉर्पियो लंबी और ऊंची होगी। इसका वीलबेस ज्यादा होगा, जिससे कैबिन में ज्यादा जगह मिलेगी। ग्राउंड क्लियरेंस भी वर्तमान मॉडल से अधिक होगा।

नेक्स्ट जनरेशन स्कॉर्पियो के फ्रंट में नई ग्रिल दी गई है, जो कंपनी की प्रीमियम एसयूवी अल्टूरस जी4 की तरह है। इसका सेंट्रल एयरडैम भी चौड़ा है। पीछे की तरफ नई डिजाइन का गेट दिया गया है। पीछे की लाइट्स भी छोटी हैं। नई स्कॉर्पियो के मिड और टॉप वेरियंट्स में इंटीग्रेटेड स्पॉइलर और हाइ-माउंटेड स्टॉप लैम्प दिए जाने की संभावना है।

नई स्कॉर्पियो के इंटीरियर की तस्वीरें या इससे जुड़ी जानकारी अभी सामने नहीं आई है, लेकिन संभावना है कि इसके फीचर्स में बदलाव देखने को मिलेंगे। साथ ही एसयूवी में मॉडर्न कनेक्टिविटी टेक्नॉलजी भी दी जा सकती है। नई स्कॉर्पियो को साल 2020 में होने वाले ऑटो एक्सपो में पेश किया जाएगा।

इंजन :रिपोर्ट्स के मुताबिक, नई स्कॉर्पियो में महिंद्रा का नया 2-लीटर, 4-सिलिंडर डीजल इंजन होगा, जो करीब 160 Bhp का पावर जनरेट करेगा। इंजन 6-स्पीड मैन्युअल या ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन से लैस होगा। यह इंजन बीएस6 के अनुकूल होगा।

मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या में दो करोड़ से अधिक की कमी

नई दिल्ली।भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने कहा है कि हाल में मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या में आई कमी चिंता की बात नहीं है और नियामक को किसी तरह का हस्तक्षेप करने की जरूरत नहीं है। ट्राई के चेयरमैन आर. एस. शर्मा ने कहा कि यह उतार-चढ़ाव न्यूनतम रिचार्ज प्लान की वजह से है और समय के साथ चीजें ठीक हो जाएंगी।

ट्राई के आंकड़ों के अनुसार, देश में मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या 31 मार्च, 2019 को घटकर 116.18 करोड़ पर आ गई। यह इससे पिछले महीने की तुलना में 2.18 करोड़ की कमी है। मार्च के अंत तक देश में कुल फोन घनत्व घटकर 90.11 रह गया, जो फरवरी के अंत तक 91.86 था।

शर्मा ने हालांकि मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या में कमी को नजरअंदाज करते हुए कहा कि इस तरह का उतार-चढ़ाव कई कारणों से है। मसलन दूरसंचार आपरेटरों ने कनेक्शनों को सक्रिय रखने के लिए मासिक न्यूनतम रिचार्ज शुरू किया है। इससे ऐसे कनेक्शन हट गए हैं, जो सक्रिय नहीं थे। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता है कि यह चिंता की बात है।

यह पूछे जाने पर कि क्या नियामक इस मामले में हस्तक्षेप करेगा, शर्मा ने कहा कि हस्तक्षेप करने का सवाल नहीं खड़ा होता। ट्राई प्रमुख ने कहा कि जिस तरह से लोग डेटा सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं, मुझे विश्वास है कि बाजार ठहरेगा नहीं।

ट्राई के आंकड़ों के अनुसार मार्च के अंत तक इससे पिछले महीने की तुलना में वोडाफोन आइडिया तथा भारती एयरटेल के मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या में क्रमश: 1.45 करोड़ और 1.51 करोड़ की कमी आई। वहीं माह के दौरान रिलायंस जियो ने 94 लाख नए ग्राहक जोड़े। मार्च, 2019 के अंत तक कुल मोबाइल ग्राहकों की संख्या घटकर 116.18 करोड़ पर आ गई, जो फरवरी के अंत तक 118.36 करोड़ थी।