Wednesday, April 22, 2026
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बाजार की तेज शुरुआत, सेंसेक्स 197 अंक उछलकर 39,799 पर खुला

नई दिल्ली। वैश्विक संकेतों और केंद्र में नई सरकार द्वारा लिए गए लोकप्रिय फैसलों के बाद जून माह में पहली बार खुले शेयर बाजारों की तेज शुरुआत रही। कारोबारी सप्ताह के पहले दिन बंबई स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 89 अंकों की तेजी के साथ 39,799 अंकों पर खुला।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों का संवेदी सूचकांक निफ्टी 11,950 के पार खुला। सुबह 9.31 बजे सेंसेक्स 197 अंकों की तेजी के साथ 39,912 अंकों पर और निफ्टी 42 अंकों की तेजी के साथ 11,965 अकों पर कारोबार कर रहा है।

इन शेयरों में तेजी का माहौल
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स में इंफो एज इंडिया लिमिटेड, सिम्फनी, अपोलो हॉस्पिटल, गोदरेज कॉरपोरेशन, स्पाइसजेट के शेयरों में तेजी का माहौल है। निफ्टी में हीरो मोटोकॉर्प, एशियन पेंट्स, आईओसी, भारती इंफ्राटेल, भारती एयरटेल के शेयरों में तेजी का माहौल है।

इन शेयरों में मंदी का माहौल
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स में मनपसंद बेवरेजेस, अरविन्दो फार्मा, आंध्रा बैंक, पीआई इंडस्ट्रीड लिमिटेड, वेंकी में मंदी का माहौल है। निफ्टी में टाटा मोटर्स, कोटक बैंक, हिंडाल्को, महिंद्रा एंड महिंद्रा, सिप्ला में मंदी का माहौल है।

गूगल आपको बताएगा किस रेस्टोरेंट से करें ऑनलाइन खाना ऑर्डर

नई दिल्ली। ऑनलाइन ऑर्डर कर खाना मंगवाना इन दिनों काफी चलन में है। भारत में स्विगी, जोमैटो, उबर ईट्स, फूड पांडा जैसी कंपनियां इस बिजनेस में होड़ कर रही हैं। यूजर्स को इन कंपनियों के एप के जरिए खाना ऑर्डर करना होता है। लेकिन, दुनिया की सबसे बड़ी इंटरनेट कंपनियों में से एक गूगल अब ऐसी सुविधा देने जा रही है जिससे यूजर्स अलग-अलग एप डाउनलोड किए बिना पसंदीदा रेस्टोरेंट से खाना ऑर्डर कर सकेंगे। गूगल अपने प्लेटफॉर्म पर फूड डिलीवरी सुविधा देने कंपनियों के साथ करार कर रही है।

गूगल पे के जरिए पेमेंट भी हो जाएगा
गूगल की पेरेंटल कंपनी अल्फाबेट अब अपने सर्च, मैप और असिस्टेंस सर्विस में भी खाना ऑर्डर करने की सुविधा देने जा रही है। यानी आप अगर गूगल सर्च का इस्तेमाल कर रहे हैं और कोई पसंदीदा खाना सर्च करते हैं तो गूगल आपको यह बताएगा कि इसे किस रेस्टोरेंट से ऑर्डर किया जा सकता है।

इतना ही नहीं वहीं से आप तत्काल खाना ऑर्डर भी कर सकेंगे और गूगल पे के जरिए ऑर्डर का पेमेंट भी कर सकते हैं। इसी तरह गूगल मैप का इस्तेमाल करते वक्त अगर आप किसी इलाके में मौजूद रेस्टोरेंट से खाना ऑर्डर कर सकेंगे। इतना ही नहीं गूगल वॉइस कमांड (गूगल असिस्टेंस) के जरिए भी यह काम किया जा सकेगा।

गूगल खुद डिलीवरी नहीं करेगा बल्कि कंपनियों से करार करेगी
गूगल खुद फूड डिलीवरी बिजनेस में नहीं आ रही है। इसके लिए वह इस बिजनेस में मौजूद कंपनियों के साथ करार कर रही है। अमेरिका में उसने इसके लिए डोर डैश, पोस्टमेट्स, डिलीवरी डॉट कॉम, स्लाइस और चाउ नाऊ के साथ करार किया है। जल्द ही जप्लर और अन्य कंपनियों को भी प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा।

कंपनी भारत सहित अन्य देशों में ऑनलाइन ऑर्डर लेकर फूड डिलीवरी का काम कर रही कंपनियों के साथ करार करने की योजना भी बना रही है। अगर आपने किसी रेस्त्रां से पहले खाना ऑर्डर किया है और वहीं से खाना फिर मंगाना चाहते हैं तो गूगल असिस्टेंस के जरिए कुछ ही सेकंड में मंगवा सकेंगे। इसके लिए फोन को हाथ में लेने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।

IOC को पछाड़ फिर से ONGC बनी सबसे अधिक मुनाफा कमाने वाली सरकारी कंपनी

नई दिल्ली। ओएनजीसी एक बार फिर देश की सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली सरकारी कंपनी बन गई है। सूचीबद्ध कंपनियों के वित्तीय परिणामों में यह जानकारी सामने आई है। इसके मुताबिक वित्त वर्ष 2018-19 में ओएनजीसी का शुद्ध मुनाफा 34% बढ़कर 26,716 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। जबकि इसी दौरान इंडियन ऑयल का शुद्ध मुनाफा 17,274 करोड़ रुपए रहा।इससे पहले लगातार दो वित्त वर्ष के दौरान इंडियन ऑयल ने ओएनजीसी से अधिक मुनाफा अर्जित किया था।

तेल की कीमतों में गिरावट के कारण इंडियन ऑयल का मुनाफा कम हुआ है। इसी कारण कंपनी ने सर्वाधिक कारोबार वाली भारतीय कंपनी का तमगा भी मुकेश अंबानी कh रिलायंस इंडस्ट्रीज के हाथों खो दिया। वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान इंडियन ऑयल का शुद्ध मुनाफा 21,346 करोड़ रुपये रहा था। इस दौरान ओएनजीसी को 19,945 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था।

दस साल पहले तक रिलायंस आईओसी के आधी थी लेकिन अब नंबर वन
रिलायंस इंडस्ट्रीज लगातार चौथे साल सर्वाधिक मुनाफा कमाने वाली भारतीय कंपनी बनी रही। एक दशक पहले रिलायंस कंपनी का आकार इंडियन ऑयल की तुलना में आधा था, लेकिन बाद में कंपनी ने दूरसंचार, खुदरा और डिजिटल सेवाओं जैसे क्षेत्रों में कारोबार की शुरुआत की, जिससे उसे तेजी से विस्तार करने में मदद मिली।

रिलायंस इंडस्ट्रीज को वित्त वर्ष 2018-19 में 39,588 करोड़ रुपए का शुद्ध मुनाफा हुआ। इस दौरान उसका कारोबार 6.23 लाख करोड़ रुपये रहा। इसकी तुलना में इंडियन मोबाइल का कारोबार 6.1 साथ लाख करोड़ रुपये रहा। रिलायंस अब राजस्व, मुनाफा और बाजार पूंजीकरण के हिसाब से भारत की सबसे बड़ी कंपनी है।

पिछले वित्त वर्ष में रिलायंस का राजस्व 44% बढ़ा। वित्त वर्ष 2010 से 2019 के दौरान रिलायंस का राजस्व सालाना 14% से अधिक की दर से बढ़ा। इसकी तुलना में इंडियन ऑयल का राजस्व वित्त वर्ष 2018-19 में 20% बढ़ा तथा 2010 से 2019 के दौरान सालाना 6.3% की दर से बढ़ा।

सैमसंग गैलेक्सी A80 की कीमत लीक, रोटेटिंग ट्रिपल कैमरा के साथ होगा लॉन्च

नई दिल्ली। पिछले महीने सैमसंग ने इनफिनिटी डिस्प्ले के साथ अपना पहला स्मार्टफोन सैमसंग गैलेक्सी A80 पेश किया था। यह स्मार्टफोन भारत में 11 जून को लॉन्च किया जाएगा। भारत में यह फोन दो स्टोरेज वेरियंट में लॉन्च किया जाएगा। अब इस फोन की शुरुआती कीमत सामने आई है। PhoneRadar की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि फोन की शुरुआती कीमत 39,990 रुपये होगी। यह फोन 3D ग्लास बॉडी और मेटल मिड फ्रेम के साथ लॉन्च किया जाएगा।

फीचर्स की अगर बात की जाए तो इस स्मार्टफोन में 6.7 इंच का फुल HD+ सुपर AMOLED इनफिनिटी डिस्प्ले है, जिसका रेजॉलूशन 2400X1080 पिक्सल है। बिना नॉच वाले इस फोन में स्नैपड्रैगन 730G ऑक्टा कोर प्रोसेसर दिया गया है। क्वॉलकम ने हाल ही में इस चिपसेट की घोषणा की थी। इस लिहाज से यह कंपनी का पहला फोन होगा जो 730G चिप के साथ आएगा।

यह फोन ऐंड्रॉयड 9 पाई बेस्ड वन UI पर चलता है। सैमसंग गैलेक्सी A80 में 8GB रैम और 128GB इंटरनल स्टोरेज दी गई है। हालांकि, मेमरी बढ़ाने के लिए माइक्रोएसडी कार्ड का स्लॉट नहीं दिया गया है। ड्यूल सिम कार्ड सपॉर्ट के साथ आने वाले इस फोन में 3700mAh बैटरी दी गई है।

Samsung A80 कंपनी का पहला फोन है जिसमें 48 मेगापिक्सल का सेंसर दिया गया है। गैलेक्सी A80 में ट्रिपल लेंस कैमरा सेटअप दिया गया है। फोन में f/2.0 के साथ 48 मेगापिक्सल का मेन सेंसर, 8 मेगापिक्सल का 123 डिग्री अल्ट्रावाइड सेंसर और एक ToF डेप्थ सेंसर दिया गया है। फोन के डिस्प्ले पर एक अल्ट्रासोनिक फिंगरप्रिंट स्कैनर भी है।

कनेक्टिविटी फीचर्स
कनेक्टिविटी की अगर बात करें तो इस स्मार्टफोन में 4G VoLTE, Wi-Fi (2.4GHz & 5GHz), ब्लूटूथ 5.0, GPS, NFC और टाइप सी यूएसबी पोर्ट दिया गया है। NFC सपॉर्ट के साथ यह फोन सैमसंग पे सपॉर्ट करता है। फोन में पावर बटन राइट साइड में दी गई है। वॉल्यूम रॉकर बाईं तरफ मौजूद है। यह फोन फैंटम ब्लैक, घोस्ट वाइट और एंजल गोल्ड कलर ऑप्शंस में अवेलेबल होगा।

केदारनाथ में VIP दर्शन पर रोक, नहीं कटेगी यात्रियों से 2100 की पर्ची

रुद्रप्रयाग। केदारनाथ में श्रद्धालुओं के भारी विरोध के चलते वीआईपी दर्शन पर रोक लगा दी गई है। अब विशेष दर्शनों के लिए बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) की ओर से मंदिर में 2100 रुपयों की विशेष पर्ची भी नहीं कटेगी।

रविवार को बीकेटीसी और प्रशासन के इस संयुक्त फैसले के बाद विशेष दर्शन की पर्ची कटवाने वाले श्रद्धालुओं को भी घंटों लाइन में लगना पड़ा। बताया गया है कि अब सिर्फ प्रोटोकॉल और हेली सेवा के तहत आने वाले श्रद्धालु ही वीआईपी दर्शन कर सकेंगे, लेकिन इसके लिए उनका सत्यापन किया जाएगा।

केदारनाथ यात्रा में पिछले दस दिनों से हर रोज श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। बाबा के दर्शनों के लिए लोग रात दो बजे से ही लाइन में लग रहे हैं, जिससे सुबह होने तक लाइन वेली ब्रिज तक पहुंच रही है। इस स्थिति में श्रद्धालु कम से कम तीन से चार घंटे लाइन में खड़े होने के बाद ही बाबा के दर्शन कर पा रहे हैं।

GST में 5 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी पर 5 साल की सजा का प्रावधान

कोटा। जीएसटी में यदि टैक्स की चोरी पकड़ी गई तो जेल के प्रावधान हैं मसलन एक करोड़ से दो करोड़ के बीच टैक्स चोरी में 1 साल तक जेल का प्रावधान है । 2 करोड़ से 5 करोड़ तक टैक्स चोरी के मामले में 3 वर्ष कारावास का प्रावधान है और यदि टैक्स चोरी 5 करोड़ से अधिक होती है तो 5 साल कारावास का प्रावधान भी है । यह जानकारी शनिवार को टैक्स बार एसोसिएशन की ओर से आयोजित टैक्स सेमिनार में सीए विरेंद्र परवाल ने दी ।

परवाल ने बताया वार्षिक रिटर्न भरने से 3 साल या 5 साल तक विभाग टैक्स रिकवरी की कार्यवाही कर सकता है। यदि किसी ने जीएसटी का रजिस्ट्रेशन नहीं लिया है और उस पर जीएसटी का दायित्व है तो विभाग उस पर भी कार्रवाई कर सकता है।

50 लाख से अधिक कृषि आय पर खेती का विवरण
इंदौर से आए सीए पंकज शाह ने बताया कि कृषि आय के संबंध में आयकर विवरणी के अंदर जिला कुल भूमि एकड़ में सिंचित असिंचित स्वयं किया, किराए की यह सब जानकारी मांगी गई है। जिन भी करदाता की कृषि आय 50 लाख से अधिक हैं, उन्हें यह जानकारी देनी पड़ेगी ।

आयकर विभाग के पास किस जिले में कौन सी मुख्य फसल होती है और किस फसल की कितनी पैदावार कितनी भूमि में होती है यह सब जानकारी है। इसके आधार पर अगर कोई कर दाता अपनी अन्य इनकम को कृषि बताता है तो उसका के स्क्रूटनी में लिया जा सकेगा।

सामान्यतः आयकर विवरण फार्म में जो बदलाव किए जाते हैं, वह बजट में आए अमेंडमेंट का इफैक्ट देने के लिए किए जाते हैं, परंतु इस बार कई अतिरिक्त जानकारियां भी फॉर्म में मांगी गई हैं, जिससे शेल कंपनियां उनके डायरेक्टर कंपनी में जमीन के लेनदेन अत्याधिक प्रीमियम पर शेयर इश्यू करके अघोषित आय को लाने के सारे माध्यम को ब्लॉक कर ऐसे करदाताओं पर नकेल डालने का प्रयास किया गया है।

महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अगर आपने किसी को कोई स्थाई संपत्ति बेची है तो खरीदने वाले का परमानेंट अकाउंट नंबर भी रिटर्न में देना पड़ेगा, जिससे अगर खरीददार अपनी अघोषित आय से भुगतान करता है या उसके आयकर विवरण में पूरी आए नहीं बताई गई है तो उस को नोटिस जारी हो सकेगा।

टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट राजकुमार विजय ने बताया कि इस अवसर पर 10 नए सदस्य का सम्मान किया गया। टैक्स बार एसोसिएशन के प्रोग्राम चेयरमैन एमडी सोनी, स्टडी सर्किल चेयरमैन देवेंद्र कटारिया, नीरज जैन, ओम बड़ोदिया भी सेमिनार में मौजूद रहे। लोकेश माहेश्वरी ने आभार जताया।

2,000 भारतीय उत्पादों को 5 जून से नहीं मिलेगी आयात शुल्क में छूट

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि भारत को जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रेफरेंसेज (जीएसपी) से बाहर करने का फैसला 5 जून से लागू हो जाएगा। क्योंकि, भारत ने अपने बाजार में अमेरिका को बराबर और मुनासिब पहुंच उपलब्ध करवाने का भरोसा नहीं दिया है। ट्रम्प ने 4 मार्च को भारत को जीएसपी से बाहर करने का ऐलान किया था। इसके लिए 60 दिन का नोटिस पीरियड तय किया था जो 3 मई को खत्म हो चुका है। जीएसपी के तहत भारत जो उत्पाद अमेरिका भेजता है उन पर वहां आयात शुल्क नहीं लगता।

2017 में भारत को 40,000 करोड़ रु. के सामान पर शुल्क में छूट मिली थी
जीएसपी कार्यक्रम में शामिल विकासशील देशों को अमेरिका में आयात शुल्क से छूट मिलती है। इसके तहत भारत करीब 2000 उत्पाद अमेरिका भेजता है। इन उत्पादों पर अमेरिका में इंपोर्ट ड्यूटी नहीं लगती। भारत 2017 में जीएसपी कार्यक्रम का सबसे बड़ा लाभार्थी देश था। उसे अमेरिका में 5.7 अरब डॉलर (40,000 करोड़ रुपए) के आयात पर छूट मिली थी।

अमेरिका की दलील है कि भारत अपने कई सामान यूएस में बिना किसी आयात शुल्क के बेचता है, लेकिन भारत में सामान बेचने के लिए अमेरिका को आयात शुल्क चुकाना होता है। अमेरिकी अधिकारी ने गुरुवार को कहा था कि भारत सरकार के साथ इस मुद्दे पर बातचीत की जाएगी। यह देखना है कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में क्या रास्ता निकलता है।

अमेरिका के फैसले पर वाणिज्य मंत्रालय ने कहा है कि भारत ने समाधान पेश किया था लेकिन अमेरिका ने स्वीकार नहीं किया। ऐसे मामलों में अमेरिका और अन्य देशों की तरह भारत भी देशहित का ध्यान रखता है। आर्थिक संबंधों के क्षेत्र में मुद्दे बने रहते हैं जिन्हें समय-समय पर आपसी सहमति से सुलझाया जाता है। ताजा मुद्दा भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है। हम अमेरिका के साथ मजबूत रिश्ते जारी रखेंगे।

जीएसपी के तहत भारत इन वस्तुओं का निर्यात करता है
प्रोसेस्ड फूड, लेदर और प्लास्टिक प्रोडक्ट, बिल्डिंग मैटेरियल प्रोडक्ट, हैंड टूल्स, इंजीनियरिंग गुड्स, तकिया-कुशन कवर, महिलाओं के बुने हुए कपड़े, ऑटोमोबाइल कंपोनेंट, ऑर्गेनिक केमिकल्स, कृषि, समुद्री और हैंडीक्राफ्ट उत्पाद।

भारत पर क्या असर पड़ेगा?
अमेरिका ने मार्च में जब भारत को जीएसपी से बाहर करने के फैसले का ऐलान किया था तब भारत के वाणिज्य सचिव अनूप धवन ने कहा था कि इस फैसले से ज्यादा असर नहीं पड़ेगा क्योंकि पिछले साल भारत ने जीएसपी के तहत अमेरिका को 560 करोड़ डॉलर (39,200 करोड़ रुपए) के सामान का निर्यात किया। इस पर सिर्फ 19 करोड़ डॉलर (1,330 करोड़ रुपए) के आयात शुल्क की बचत हुई।

अमेरिका पर असर: वहां की कंपनियों के लिए भी वस्तुएं महंगी होंगी
जीएसपी के तहत भारत मुख्य रूप से सेमी-मैन्युफैक्चर्ड वस्तुओं का निर्यात करता है। इससे अमेरिकी कंपनियों को अपने प्रोडक्ट की लागत कम रखने में मदद मिलती है। भारत को जीएसपी से बाहर करने से अमेरिका में केमिकल उत्पादों के दाम करीब 5% बढ़ेंगे। इससे अमेरिकी कंपनियां और उपभोक्ता दोनों प्रभावित होंगे।

जीएसपी कार्यक्रम क्या है?
यह कार्यक्रम 1 जनवरी 1976 को अमेरिका के ट्रेड एक्ट-1974 के तहत शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य दुनिया के विकासशील देशों के बाजारों को सहारा देना था। इसमें शामिल देशों को अमेरिका में उत्पाद बेचने पर किसी तरह का आयात शुल्क नहीं देना होता है। इस कार्यक्रम में भारत समेत 121 देश शामिल हैं।

जीएसपी में शामिल देशों के लिए शर्तें क्या हैं ?
मुकदमा होने पर अमेरिकी कंपनियों और नागरिकों को तरजीह, सामान बनाने में बाल श्रमिकों का इस्तेमाल नहीं हुआ हो, कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा करना, पेटेंट नियमों को मानना, अमेरिकी कंपनियों को अपने देश में बराबर के मौके देना।

कोटा समेत राजस्थान के छह मुख्य शहरों में पारा 47 डिग्री से ऊपर

जयपुर। नौतपा भले ही रविवार को खत्म हो गया हो, लेकिन प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर जारी है। रविवार को चुरू में सर्वाधिक 48.9 डिग्री पारा दर्ज किया गया। एक दिन पहले शनिवार को चुरू में 50.8 डिग्री पारा था। हालांकि 1.9 डिग्री की गिरावट हुई, लेकिन गर्मी का असर कम नहीं हुआ। वहीं श्रीगंगानगर में 48.6 डिग्री पारा दर्ज किया गया।

कोटा समेत प्रदेश के छह मुख्य शहरों में तापमान 47 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया। गर्मी को देखते हुए अभी भी मौसम विभाग ने 26 जिलों में दो दिन का रेड अलर्ट जारी कर रखा है। इधर शेष तीन दिन का ऑरेंल अलर्ट जारी किया है। जयपुर में इस सीजन का सर्वाधिक 45.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया है।

दिन के साथ रातें भी गर्म
प्रदेशभर में दिन के साथ रात की पारा भी बढ़ रहा है। इसी के साथ रात को कूलर, एसी फेल हो रहे हैं। रात का पारा 33 डिग्री तक आ रहा है। प्रदेश के जोधपुर में 33.3, कोटा में 33.0, जयपुर में 32.2 और अजमेर में 32.4 डिग्री पारा रात में दर्ज किया गया।

जोधपुर में इस सीजन का सर्वाधिक गर्म दिन
सूर्यनगरी में रविवार सुबह तापमान 33.3 डिग्री रहा। भोर के साथ ही तपिश ने शहर को अपनी आगोश में लेना शुरू कर दिया। जैसे-जैसे सूरज क्षितिज पर चढ़ रहा था, आसमान से गर्मी बरस रही थी। दोपहर में पारा 46.4 डिग्री को छू गया। यह सीजन का सर्वाधिक तापमान है। उस समय ऐसा लग रहा था मानो शहर तंदूर के ऊपर सिक रहा है।

दोपहर में भीड़भाड़ वाली सड़कों पर सन्नाटे जैसा माहौल था। शाम सात बजे के बाद गर्मी से मामूली राहत मिलनी शुरू हुई। जिले के अधिकांश ग्रामीण हिस्सों में तापमान 47 डिग्री से ऊपर था। फलोदी में दोपहर में तापमान 48.2 डिग्री रहा यानी पचास डिग्री के आसपास पहुंचे तापमान ने फलोदी को आग का दरिया बना दिया। बाड़मेर और जैसलमेर में भी बेजां गर्मी रही। बाड़मेर में रात का पारा 30.9 और दिन का 47.2 डिग्री रहा। जैसलमेर में यह क्रमश: 30.2 व 47.8 डिग्री मापा गया।

यह है प्रदेश की स्थिति
स्थान सर्वाधिक पारा
चुरू 48.9
श्रीगंगानगर 48.6
बीकानेर 48.1
जैसलमेर 47.8
कोटा 47.5
बाड़मेर 47.2
जोधपुर 46.4
जयपुर 45.5
अजमेर 45.2

राजस्थान बोर्ड की 10वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम आज शाम को

जयपुर/अजमेर। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की सैकण्डरी परीक्षा-2019 का परिणाम सोमवार को घोषित किया जाएगा। बोर्ड की सचिव मेघना चौधरी ने बताया कि शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा सोमवार को बोर्ड कार्यालय में शाम 4 बजे परीक्षा परिणाम की घोषणा करेंगे।

इस अवसर पर बोर्ड के प्रशासक और निदेशक माध्यमिक शिक्षा नथमल डिडेल भी उपस्थित रहेंगे। इस परीक्षा में कुल 10 लाख 88 हजार 241 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए थे। इसके साथ ही प्रवेशिका और माध्यमिक (व्यावसायिक) परीक्षा का परिणाम भी घोषित किया जाएगा।

प्रवेशिका परीक्षा में 6,924 और व्यावसायिक परीक्षा के लिए 34,460 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। यह परिणाम बोर्ड की वेबसाइट www.rajeduboard.rajasthan.gov.in पर उपलब्ध होगा। बोर्ड इस बार दसवीं का परिणाम पिछले साल के मुकाबले 8 दिन पहले जारी करेगा। पिछले साल 10वीं का परिणाम 11 जून को घोषित किया गया था।

Hyundai का लग्जरी ब्रैंड Genesis भारत में हो सकता है लॉन्च

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नई दिल्ली।भारतीय बाजार में मारुति सुजुकी को टक्कर देने वाली कंपनी Hyundai अब मर्सेडीज, आउडी और बीएमडब्लू जैसी लग्जरी कार बनाने वाली कंपनियों को भी टक्कर देने की तैयारी में है। दरअसल, कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ह्यूंदै अपने लग्जरी ब्रैंड Genesis को भारतीय बाजार में उतारने की तैयारी कर रही है। साल 2020 के बाद कंपनी जिनेसिस ब्रैंड भारत में लाॅन्च करेगी।

रिपोर्ट्स में कहा गया है कि ह्यूंदै पिछले कुछ समय से भारत में अपने लग्जरी ब्रैंड को पेश करने की संभावना का मूल्यांकन कर रही है। कंपनी देश के चुनिंदा शहरों में एक्सपीरियंस सेंटर्स और छोटे शोरूम खोलने वाली है। माना जा रहा है कि ह्यूंदै साल 2020 के ऑटो एक्सपो में जिनेसिस ब्रैंड को प्रदर्शित कर सकती है।

इंटरनैशनल मार्केट में जिनेसिस ब्रैंड के तहत ह्यूंदै की तीन लग्जरी सिडैन कारें उपलब्ध हैं। इनमें G70, G80 और G90 शामिल हैं। G70 इस ब्रैंड का एंट्री लेवल मॉडल है। इसमें 249 bhp पावर वाले 2.0-लीटर, 4-सिलिंडर पेट्रोल इंजन और 360 bhp पावर वाले 3.3-लीटर, ट्विन-टर्बो V6 इंजन का ऑप्शन उपलब्ध है।

जिनेसिस के मिड रेंज मॉडल G80 में तीन इंजन ऑप्शन उपलब्ध हैं। इनमें 307 bhp पावर वाला V6 इंजन, 360 bhp पावर वाला 3.3-लीटर इंजन और 414 bhp पावर वाला 5-लीटर V8 इंजन शामिल हैं। G90 जिनेसेस का टॉप मॉडल है। इसमें 360 bhp पावर वाले ट्विन-टर्बो V6 और 414 bhp पावर वाले 5.0-लीटर V8 इंजन का ऑप्शन उपलब्ध है।