Wednesday, April 22, 2026
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बढ़ सकती है आईटीआर फाइल करने की अंतिम तारीख: CBDT

नई दिल्ली। यदि आप इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) फाइल करते हैं तो इस खबर को ध्यान से पढ़ लें। इस बार आईटीआर फाइल करने की अंतिम तारीख में बदलाव हो सकता है। ऐसा केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के फैसले के कारण हो सकता है। इस फैसले से सबसे ज्यादा असर नौकरीपेशा लोगों पर पड़ेगा।

असेसमेंट ईयर 2019-20 के लिए आईटीआर फाइल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2019 है। लेकिन सीबीडीटी की ओर से हाल ही में जारी किए गए आदेश के बाद इस तिथि में बदलाव हो सकता है। सीबीडीटी ने हाल ही में फॉर्म 16 जारी करने की आखिरी तारीख 15 जून को बढ़ाकर 10 जुलाई 2019 कर दिया गया है।

इसके अलावा वित्त वर्ष 2018-19 के लिए फॉर्म 24Q फाइल करने की आखिरी तारीख को भी बढ़ाकर 30 जून कर दिया गया है। ऐसे में बिना फॉर्म 16 के नौकरीपेशा लोग अपना आईटीआर दाखिल नहीं कर पाएंगे।

ये होता है फॉर्म-16
फॉर्म-16 नौकरीपेशा लोगों को कंपनी की ओर से दिया जाता है। आमतोर पर कंपनियां जून मध्य तक फॉर्म 16 अपने कर्मचारियों को दे देती हैं। इस फॉर्म के जरिए कंपनी अपने कर्मचारियों को बताती है कि उनकी सैलरी पर काटे गए TDS को आयकर विभाग के पास जमा कर दिया गया है।

इसके अलावा फॉर्म 16 में आईटीआर भरने के लिए वह सभी जानकारियां होती हैं, जिनकी जरूरत पड़ती है। इसके अलावा फॉर्म 24Q में भी कई अहम बदलाव किए गए हैं। नए बदलाव के बाद कंपनी को फॉर्म 16 के पार्ट B में सही TDS सर्टिफिकेट की जानकारी देनी होगी। फॉर्म 24Q में सैलरी पर कटने वाले टैक्स का तिमाही विवरण दिया जाता है।

लाल निशान में खुले बाजार, सेंसेक्स में 130 अंकों की गिरावट

नई दिल्ली। वैश्विक बाजारों में छाई मंदी के कारण भारतीय शेयर बाजार गुरुवार एक बार फिर गिरावट के साथ लाल निशान में खुले। बंबई स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 130 अंकों की गिरावट के साथ 39,626 अंकों पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों का संवेदी सूचकांक निफ्टी 39 अंकों की गिरावट के साथ 11,866 अंकों पर खुला। सुबह 9.27 बजे सेंसेक्स 59 अंकों की गिरावट के साथ 39,697 अंकों पर और निफ्टी 14 अंकों की गिरावट के साथ 11,891 अंकों पर कारोबार कर रहे हैं।

इन शेयरों में तेजी का माहौल
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स में हिन्दुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड, स्पाइसजेट, अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड, टाइम टेक्नोप्लास्ट लिमिटेड, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम के शेयरों में तेजी का माहौल है। निफ्टी में टाटा स्टील, गेल, ओएनजीसी, वीईडीएल, टीसीएस में तेजी का माहौल है।

इन शेयरों में मंदी का माहौल
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स में जेट एयरवेज, यस बैंक, जेएंडके बैंक, मनपसंद बेवरेजेस, इंडियाबुल्स इंटीग्रेटिड सर्विसेज लिमिटेड में मंदी का माहौल है। निफ्टी में इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस, यस बैंक, भारती इंफ्राटेल, टेक महिंद्रा, हीरो मोटोकॉर्प में मंदी का माहौल है।

चम्बल को प्रदूषण से बचाने की सभी की जिम्मेदारी : हेमा सरस्वती

कोटा। गंगा अवतरण दिवस पर बुधवार को प्रातः चम्बल संसद द्वारा मौजीबाबा की गुफा पर आध्यात्मिक संगोष्ठी आयोजित की गई। महामण्डलेश्वर हेमा सरस्वती ने कहा कि चम्बल को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए व्यापक जनजागृति के साथ सांझा प्रयासों से अभियान चलाया जाना चाहिए। नदियां हमारे लिए पूजनीय ही नहीं पेयजल का स्त्रोत भी है। सरकारों के साथ व्यक्ति को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। चम्बल भी गंगा परम्परा की वाहक है।

गोदावरीधाम के संचालक एवं वानर सेना के संयोजक गजेंद्र भार्गव ने कहा कि गोदावरीधाम के पास दो बड़े गंदे नाले चम्बल में गिर रहे है। अमर निवास के बीच पॅालीथीन की 10 फुट की दीवार बन गई है,जिसमें आग लगती रहती है। प्रशासन को चाहिए कि अधरशिला व गोदावरी के बीच की प्राचीन तलाई को बहाल कर चम्बल में गिरने वाले सोलिडवेस्ट को तुरंत रोके। इससे जन भावना प्रभावित हो रही है।

गायत्री परिवार के मुख्य ट्रस्टी एवं संसद के सभापति जीडी पटेल ने बताया कि चम्बल संसद चम्बल नदी अपने विचार रखने का साझा मंच है। इस पर हर नागरिक को बोलने का अधिकरी है। हाड़ौती किसान यूनियन के महामंत्री दशरथ कुमार ने कहा कि नदियों को पवित्र रखना और बचाना सामुहिक जवाबेदही है। किसान चम्बल को बचाने ही मुहिम में शामिल रहेंगे।

चम्बल संसद के सचिव एवं जल बिरादरी के प्रदेश उपाध्यक्ष बृजेश विजयवर्गीय ने कहा कि चम्बल का प्रदूषित रहना गंभीर पर्यावरणीय संकट है। सामाजिक संस्थाऐं व सरकार इतने विनाश पर कुछ तो हिलने लगी है, लेकिन कहीं पर्यावरणीय आपातकाल के हालात न बन जाऐं उससे पहले ही चम्बल को बचाना होगा।

पूर्व देहात जिला अध्यक्ष भाजपा डॉ. एलएन शर्मा ने चम्बल को बचाने के लिए जागरूकता पर जोर दिया। बॉयोलोजिस्ट डॉ. कृष्णेंद्र सिंह ने चम्बल पर उत्पन्न खतरों से आगाह करते हुए कहा कि स्मार्ट सिटी की कल्पना चम्बल के बिना नहीं हो सकती। आईएसटीडी की चेयरपर्सन अनिता चौहान ने चम्बल को बचाने में आध्यात्मिक पहल की आवश्यकता बताई और कहा कि केवल गंगा को पूजना पर्याप्त नहीं है, चम्बल समेत हर नदी हमारी लापरवाही से संकटग्रस्त हो गई।

किसान नेता जगदीश कुमार ने कहा कि चम्बल हमारी मां है कहने से काम नहीं चलेगा, उसके लिय काम करना होगा। आजादी बचाओ के राजेंद्र जैन, डॉ किरण चौधरी, अखिलेश बेगरी, हनुमंत कटारिया, अर्जुन क्लासेज के निर्देशक मुकेश सुमन,सोमेश्वर महादेव मंदिर के विनोद चतुर्वेदी आदि ने विचार व्यक्त किए। सायंकाल गोदावरीधाम के पुजारी गजेंद्र भार्गव के सानिध्य में चम्बल की आरती की गई, जिसमें सैकड़ों पर्यावरणप्रेमी व धर्म बंधु शामिल हुए।

AIIMS Toppers : कैसे पाई सफलता, जानिए उन्हीं से

जेईई एडवांस्ड के लेवल पर मेडिकल की तैयारी
एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के क्लासरूम स्टूडेंट चैतन्य मित्तल ने एम्स प्रवेश परीक्षा 2019 में ऑल इंडिया चौथी रैंक हासिल की है। चैतन्य इससे पहले नीट में ऑल इंडिया 261, जिपमेर में 5वीं रैंक हासिल कर चुका है। इसी वर्ष 12वीं कक्षा 97.8 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण की है। चैतन्य ने बताया कि वो पिछले पांच साल से एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट का स्टूडेंट है। मेरा सपना था कि डॉक्टर बनूं और यह सपना अब साकार होने जा रहा है।

मम्मी-पापा दानों डॉक्टर है इसलिए घर में शुरू से पढ़ाई का माहौल रहा। उन्होने मुझे हमेशा मोटिवेट किया। चैतन्य ने बताया कि मैं रात में 12 बजे सोता था और सुबह करीब 9 बजे उठता था। उसके बाद एक घंटे पापा के साथ जोगिंग करने जाता था। क्योंकि दिमाग को फ्रेश रखने के लिए 8 घंटे की नींद लेना व शरीर को फिट रखना जरूरी है।

रेगुलर क्लासरूम के अलावा 6 से 7 घंटे सेल्फ स्टडी करता था। मैंने एम्स के लिए फिजिक्स व कैमेस्ट्री की जेईई एडवांस्ड के लेवल पर जाकर तैयारी की। बॉयोलॉजी की तैयारी एनसीईआरटी बेस्ड सिलेबस से की। एक्यूरेसी पर फोकस किया। एलन के टीचर्स का सहयोग मिला। भविष्य में ऑन्कोलॉजिस्ट बनना चाहता हूं।

टारगेट तय करके करता था पढ़ाई
कोटा में महावीर नगर द्वितीय निवासी हर्ष अग्रवाल ने एम्स में एआईआर-5 प्राप्त की है। इससे पहले नीट में ऑल इंडिया 30वीं रैंक प्राप्त कर चुका है। हर्ष ने बताया कि मेरा शुरु से डॉक्टर बनने का लक्ष्य था और इसीलिए तीन वर्ष पहले एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट में एडमिशन लिया था। तीन सालों के दौरान मैंने खुद की नींव को मजबूत किया। तीनों विषयों में महत्वपूर्ण टॉपिक्स का कई बार अध्ययन किया।

एलन के टीचर्स ने जैसे-जैसे गाइड किया, मैंने उसे फॉलो करता गया। सबसे महत्वपूर्ण बात कि मैंने कभी भी घंटों बैठकर पढ़ाई नहीं की। रोजाना सिर्फ 4 घंटे सेल्फ स्टडी करता था। रोजाना का टारगेट निर्धारित कर तीनों विषयों को कवर करता था। इसी वर्ष 12वीं कक्षा 94.2 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण की। एनटीएसई क्वालिफाईड कर चुका हूं।

एम्स की तैयारी पूरी तरह से एनसीईआरटी सिलेबस पर बेस्ड रही। मैंने फिजिक्स और कैमेस्ट्री की तैयारी जेईई एडवांस के लेवल पर जाकर की। इसके अलावा एलन के मॉड्यूल्स से भी मदद मिली। मैं एमबीबीएस करने के बाद कार्डिएक या न्यूरो में स्पेशलाइजेशन करना चाहता हूं। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम मेरे आदर्श हैं।

ज्यादा से ज्यादा रिवीजन पर जोर दिया
जिपमेर में ऑल इंडिया टॉप तथा नीट 2019 में ऑल इंडिया 19वीं रैंक प्राप्त कर चुके एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के क्लासरूम स्टूडेंट अरूणांग्शु भट्टाचार्य ने एम्स-2019 में आल इंडिया रैंक 06 प्राप्त की है। गुजरात के सूरत निवासी अरूणांग्शु ने बताया कि जिपमेर व नीट क्रेक करने के लिए मैंने ज्यादा से ज्यादा रिवीजन पर जोर दिया, जो रोजाना क्लास में पढ़ाया जाता, उसे उसी दिन रिवाइज करता।

जिस तरह बॉयोलॉजी के टॉपिक्स हैं तो मेरा प्रयास रहता था कि सप्ताह में कम से कम एक बार एक चैप्टर को रिवाइज जरूर कर लूं। फिजिक्स मुझे आसान लगती है, पढ़ने में मजा भी आता है। रेगुलर क्लास के समय मैं 5 से 6 घंटे सेल्फ स्टडी करता था जबकि अन्य दिनों 10 से 12 घंटे पढ़ता था। सात घंटे की नींद लेता हूं, क्योंकि मेरा मानना है कि पढ़ाई से पहले नींद पूरी होना जरूरी है। मम्मी-पापा दोनों इंजीनियर हैं लेकिन, मेरी रूचि शुरू से बॉयोलॉजी में थी। एमबीबीएस के बाद न्यूरो या कार्डियो में स्पेशलाइजेशन करना चाहता हूं।

खुद पर विश्वास था और मैंने कर दिखाया
एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के छात्र मध्यप्रदेश के होशंगाबाद निवासी एम्स में एआईआर-8 प्राप्त की तथा राघव दुबे ने नीट में 10वीं रैंक प्राप्त की है। राघव ने बताया कि डॉक्टर बनने का लक्ष्य लेकर कोटा आया था। मुझे खुद पर विश्वास था कि मैं कर सकता हूं और मैं उत्साह के साथ तैयारी में जुट गया। कोटा में रहकर बोर्ड परीक्षा और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी बैलेन्स बनाकर की।

कंसेप्ट शुरुआत से क्लीयर थे इसलिए एम्स की तैयारी के दौरान ज्यादा परेशानी नहीं आई। मैंने कभी भी रैंक को लक्ष्य मानकर पढ़ाई नहीं की। लेकिन अच्छे परिणाम की उम्मीद थी। इसी वर्ष 12वीं कक्षा 88.8 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण की है। कोटा में एलन की पढ़ाई का कोई मुकाबला नहीं है।

राघव ने बताया कि रोजाना क्लासरूम स्टडी के अलावा 7 से 8 घंटे एवरेज स्टडी करता था। किसी डिफिकल्ट क्वेशचन को ग्रुप डिस्कशन करता था। क्लासरूम में जो पढ़ाया जाता, उसे रोजाना रिवाइज करता था। सबसे महत्वपूर्ण था कि होमवर्क कम्पलीट करना। एमबीबीएस के बाद कॉर्डियोलॉजी में स्पेशलाइजेशन करना चाहता हूं।

डाउट्स को नजर अंदाज नहीं किया
स्टूडेंट स्तुति ने एम्स प्रवेश परीक्षा 2019 में ऑल इंडिया 10वीं रैंक हासिल की है। स्तुति ने बताया कि इन सभी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए उसे ज्यादा परेशान नहीं होना पड़ा। क्योंकि मेडिकल, इंजीनियरिंग एंट्रेन्स व बोर्ड के काफी टॉपिक्स कॉमन होते हैं। टेक्सट बुक्स से पढ़ाई की और उनका ज्यादा से ज्यादा रिवीजन किया। एलन की फैकल्टीज ने जैसा गाइड किया, उसे फॉलो करती गई।

रेगुलर टेस्ट देने से परफॉर्मेन्स में सुधार आता चला गया। रेगुलर क्लासरूम व सेल्फ स्टडी को मिलाकर करीब 12 से 13 घंटे पढ़ाई करती थी। चारों विषयों (पीसीएमबी) को बराबर समय देती थी। कोई भी चैप्टर पढती थी तो उसका समय पर रिवीजन करती थी। डाउट होने पर तुरंत फैकल्टी से पूछकर उसे क्लीयर करती थी। क्योंकि किसी भी डाउट को नजरअंदाज कर आप आगे नहीं बढ़ सकते।

AIIMS-2019 Result: टॉप-10 में एलन के 9 स्टूडेंट्स

कोटा। देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा एम्स के परिणामों में एक बार फिर एलन ने श्रेष्ठता सिद्ध की है। एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के विद्यार्थियों ने अखिल भारतीय स्तर पर टॉप 10 में से 9 स्थानों पर कब्जा किया है।

संस्था के निदेशक बृजेश माहेश्वरी ने बताया कि मेडिकल की पढ़ाई के लिए देश में सबसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान माने जाने वाले अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) एमबीबीएस प्रवेश परीक्षा का परिणाम खुशियां लेकर आया है। एलन स्टूडेंट्स ने एम्स की टॉप 10 सीटों में से 9 पर जगह बनाई है। इनमें सात विद्यार्थी क्लासरूम कोचिंग से तथा 2 विद्यार्थी डीएलपी से एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट से है।

माहेश्वरी ने बताया कि एलन से डिस्टेंस लर्निंग से जूड़े भाविक बंसल ने रैंक 1 प्राप्त की है। वहीं क्लासरूम कोचिंग से जुड़े विश्व हितेन्द्र वडोदरिया ने रैंक 2, चैतन्य मित्तल ने रैंक 4, हर्ष अग्रवाल ने रैंक 5, अरूणांग्शु भट्टाचार्य ने रैंक 6, गगन दलाल ने रैंक 7, राघव दुबे ने रैंक 8 तथा स्तुति खांडवाला ने रैंक 10 प्राप्त की है। इसके साथ ही डिस्टेंस लर्निंग की इशिका गुप्ता ने रैंक 9 प्राप्त की है।

माहेश्वरी ने बताया कि 15 एम्स की 1207 सीटों के लिए यह परीक्षा आयोजित की गई है। इसमें 7 सीटें फॉरेन नेशनल कोटे से हैं। एम्स के न्यू दिल्ली, भोपाल, भुवनेश्वर, गुंटूर, जोधपुर, नागपुर, पटना, रायपुर व ऋषिकेश की 100-100 तथा भटिंडा, देवगढ़, गोरखपुर, कल्याणी, रायबरेली, तेलंगाना की 50-50 एमबीबीएस की सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। परीक्षा में करीब चार लाख विद्यार्थी शामिल हुए। परीक्षा 25 व 26 मई को पूरी तरह से ऑनलाइन आयोजित की गई थी।

अब आपके घर में स्मार्टफोन से जलेंगे स्मार्ट बल्ब, जानिए खासियत

नई दिल्ली। फैन और टीवी के बाद अब घरों में रोशनी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले बल्ब भी हाईटेक होते जा रहे हैं। स्मार्ट टीवी और एसी की तरह ही स्मार्ट बल्ब भी मार्केट में मिलने लगेंगे। ये स्मार्ट बल्ब आपके स्मार्टफोन से ऑपरेट किए जा सकेंगे और आपके बेडरूम के लिए बेहतर ऑप्शन हो सकते हैं। बताते चलें कि, चीनी कंपनी Xiaomi Mi ने हालही में भारतीय बाजार में ऐसा ही स्मार्ट बल्ब लांच किया है, जो आपके बेडरूम के लिए परफेक्ट एक्सेसरीज और आइडिया हो सकता है।

Led बल्ब से अलग है स्मार्ट बल्ब
Mi का यह स्मार्ट बल्ब साधारण led बल्ब से काफी अलग है। Mi ने हालही में वर्ल्ड कांग्रेस 2019 में अपने स्मार्ट बल्ब के दो रेंज की घोषणा की है। इसमें एक भारत में लांच कर दिया गया है। इसका नाम Mi LED Smart Bulb (E27 Base) है। इसकी कीमत ₹999 रखी गई है। यह आपके wifi या इंटरनेट कनेक्शन से ही चलेगा। इसका सेटअप भी आपको अलग से करना होगा। लेकिन, एक बार सेटअप पूरा होने के बाद आप इसे मोबाइल से बैठे बिठाए भी ऑपरेट कर सकते हैं।

जानें स्मार्ट बल्ब की खासियत-

  1. इसे आप अपने स्मार्टफोन से ऑपरेट कर सकते हैं। इसके लिए आपको अपने स्मार्टफोन पर Mi का एप्प डाउनलोड करना होगा। इसके बाद आने वाले सारे आप्शन आपको खुद-ब-खूद नजर आ जाएंगे।
  2. इसमें आपको एक हजार से भी ज्यादा कलर ऑप्शन मिलेंगे। यानी आप इसे जिस कलर में जलाना चाहे उस कलर में यह एप्प के माध्यम से कन्वर्ट हो जाएगा।
  3. मोबाइल से ही आप इसे ऑन या ऑफ कर सकते हैं। फिर चाहे वो लाइट बैडरूम, बाथरूम, किचन या फिर आपके पार्किंग या लोन में ही क्यों न जल रही हो। इसे ऑन या ऑफ करने के लिए आपको अपने बिस्तर से उठने की भी जरुरत नहीं है।
  4. कई स्मार्ट बल्ब को आपके घर पर होने और न होने के अनुसार शेड्यूल किया जा सकता है। अगर घर पर नहीं हैं, तो भी आप इन्हें कंट्रोल कर सकते हैं।
  5. स्मार्ट बल्ब के बिल्ट-इन स्पीकर्स इस समस्या से भी छुटकारा दिलाते हैं। यकीन मानिए, इन स्मार्ट बल्ब की रोशनी में अच्छी खासी पार्टी की जा सकती है। ये संगीत तो सुनाएंगे ही, उसके अनुसार अपना रंग भी बदलेंगे। कुछ बल्ब में तो बढ़िया क्वालिटी के स्पीकर्स भी आ रहे हैं, जो तेज आवाज में संगीत प्ले कर सकते हैं।
  6. अच्छी नींद के लिए ये काफी मददगार हैं। “सीस्लीप’ जैसे प्रोडक्ट तमाम रंगों से तापमान तो कंट्रोल करते ही हैं, इन्हें ऐसे डिजाइन किया गया है कि यह प्राकृतिक तरीके से शरीर में मेलाटॉनिन प्रोडक्शन बनाए रखते हैं। दिन के समय मेलाटॉनिन स्तर को दबाए रखने में स्मार्ट बल्ब मदद करते हैं जिससे नींद नहीं आती। कुल मिलाकर ये स्मार्ट बल्ब आपके लिए फायदे और आराम का सौदा हो सकता है।

डीओसी निर्यात में कमी से इस बार तिलहन की पैदावार घटने की आशंका

इंदौर। डीओसी का निर्यात लगातार घटने की वजह से सोयाबीन के साथ ही अन्य तिलहन से जुड़ी उद्योगिक मांग कम होने के कारण आगामी फसल की बोवनी घटने की आशंका है। अप्रैल और मई में सभी तरह की डीओसी (खली) का निर्यात घटने से स्थानीय बाजार में सोयाबीन और सरसों के भाव घटे हैं।

डीओसी का निर्यात घटने की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी मांग में कमी और चीन की अमेरिका से सोयाबीन खरीदी कम होने के कारण वहां बड़े पैमाने पर स्टॉक बचना है।अंतरराष्ट्रीय बाजार में भाव कम होने के कारण मई में डीओसी का निर्यात 78 प्रतिशत घटकर महज 58,549 टन रह गया, जबकि पिछले साल मई में 2,63,644 टन डीओसी का निर्यात हुआ था।

वित्त वर्ष 2019-20 के पहले दो महीनों अप्रैल से मई के दौरान डीओसी का निर्यात 36 प्रतिशत घटकर 3,13,134 टन रह गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में इनका निर्यात 4,87,995 टन का निर्यात हुआ था। सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए) के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोया डीओसी के साथ ही सरसों डीओसी की कीमतें भी काफी घटी हैं। इसके कारण निर्यात भाव कम होते जा रहे हैं।

अप्रैल के मुकाबले मई में सोया डीओसी के साथ ही सरसों डीओसी, राइसब्रान और केस्टर डीओसी के निर्यात में भी भारी गिरावट आई है। अप्रैल में 40,829 टन सोया डीओसी का निर्यात हुआ था, जो मई में घटकर 18,470 टन रह गया। सरसों डीओसी का निर्यात अप्रैल में 1,20,630 टन रहा था, जो मई में घटकर 19,519 टन का रह गया।

राइब्रान, केस्टर डीओसी निर्यात भी कम
एसईए के मुताबिक मई में राइब्रसान डीओसी का निर्यात घटकर 4,200 टन रह गया, जो अप्रैल में 26,750 टन निर्यात हुआ था। केस्टर खली का निर्यात भी अप्रैल के 66,285 टन से घटकर 16,360 टन रह गया।

भाव में लगातार गिरावट
भारतीय बंदरगाह पर मई में सोया डीओसी के भाव घटकर 447 डॉलर प्रति टन रह गया, जबकि अप्रैल में इसका भाव 460 डॉलर प्रति टन था। इस दौरान सरसों डीओसी का भाव 220 डॉलर प्रति टन से घटकर 218 डॉलर प्रति टन रह गया। हालांकि इस दौरान केंस्टर डीओसी का भाव 77 डॉलर प्रति टन से बढ़कर 101 डॉलर प्रति टन हो गया।

कीमतें घटने के कारण
दुनियाभर में डीओसी की कीमतें घटने की बड़ी वजह अमेरिका के पास जमा स्टॉक और आगामी फसल का दबाव है। अमेरिका में भले ही शुरुआती तौर पर फसल की बोवनी लगातार जारी बरसात के कारण देरी से हो रही हो, लेकिन कुल बोवनी के मुकाबले मांग को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। जब तक अमेरिका से चीन को होने वाला सोयाबीन का निर्यात सुगम नहीं होता तब तक दुनियाभर के दूसरे सोयाबीन बाजारों की हालत में सुधार के आसार कम हैं।

राजस्थान में अब वेब पोर्टल पर सेल्फ डिक्लेरेशन से ही मिलेगी उद्योगों की मंजूरी

जयपुर। राजस्थान देश में पहला राज्य बन गया है जहां पर उद्यमियों को एमएसएमई उद्योग लगाने के लिए सरकारी विभागों की एनओसी लेने के लिए चक्कर नहीं लगाने होंगे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को एमएसएमई वेबपोर्टल लांच किया है जिस पर उद्यमी सेल्फ डिक्लेरेशन भर कर बिना एनओसी लिए तीन साल तक अपना उद्योग चला सकेंगे। इसके बाद अगले छह महीनों में उन्हें एनओसी लेनी होगी।

गहलोत ने कहा कि सरकार ने 6 महीनों में ही ऐसे कदम उठाए हैं, जिससे निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और राजस्थान इन्वेस्टर फ्रेंडली स्टेट बनेगा। उन्होंने पिछली भाजपा सरकार में हुई निवेश समिट पर तंज कसते हुए कहा कि रिसर्जेंट राजस्थान स्नेह मिलन से ज्यादा कुछ भी नहीं लेकिन हम निवेश लाने पर फोकस करेंगे। इसके लिए नई उद्योग नीति लाई जाएगी।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार पर एनएसएसओ आंकड़ों को छुपाने का आरोप लगाते हुए कहा कि बेरोजगारी के आकंड़ों को छुपाया, जबकि इन्हीं से विभागों की योजना तैयार होती है। उद्योग विभाग मार्च में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (फैसिलिटेशन ऑफ एस्टेब्लिशमेंट एण्ड ऑपरेशन) अध्यादेश- 2019 लाया था।

अध्यादेश में नए एमएसएमई उद्यमों को राज्य सरकार के अधिनियमों से संबंधित स्वीकृतियों से मुक्ति तो दी ही गई है, साथ ही केंद्र सरकार के जिन अधिनियमों में राज्य सरकार को छूट प्रदान करने की शक्ति मिली हुई है, उनमें भी छूट का प्रावधान किया गया है। सरकार उद्यमियों को राहत देने के लिए प्रतिबद्ध है।

सौलर व विंड एनर्जी पॉलिसी को भी बेहतर बनाएंगे :
गहलोत ने कहा कि मैंने मुख्यमंत्री के रूप में अपने पहले कार्यकाल में प्रदेश में विंड एनर्जी की संभावनाओं को पहचानते हुए इस दिशा में शुरुआत की थी। आज राजस्थान में करीब 4500 मेगावाट विंड एनर्जी का उत्पादन हो रहा है। हमारी सरकार सौलर एवं विंड एनर्जी पॉलिसी को भी बेहतर बनाएगी।

लाएंगे नई उद्योग नीति, बनाएंगे एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल :
प्रदेश में एग्रो प्रोसेसिंग यूनिट लगाने के लिए भी 10 हैक्टेयर तक कृषि भूमि का लैंड यूज बदलने की आवश्यकता नहीं है। नेशनल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल की तर्ज पर ही प्रदेश में भी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल बनाई जाएगी तथा सिंगल विंडो सिस्टम को भी प्रभावी बनाया जाएगा।

JEE अडवांस्ड 2019 का Result 14 को घोषित किया जायेगा

कोटा। देश की प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई एडवांस परीक्षा का परिणाम शुक्रवार को सुबह 10:00 बजे घोषित कर दिया जाएगा। आईआईटी रुड़की द्वारा जारी इनफॉरमेशन ब्रोशर के अनुसार कॉमन रैंक लिस्ट में स्थान पाने के लिए सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों को कुल न्यूनतम 35% अंक तथा प्रत्येक विषय में 10% अंक हासिल करने हैं।

प्रतिष्ठित आईआईटी संस्थानों में प्रवेश के लिए निश्चित तौर पर कड़ी परीक्षा ली जाती है। सभी विषयों के साथ, विद्यार्थी की प्रत्येक विषय पर पकड़ को जांचा जाता है। करियर प्वाइंट के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट देव शर्मा ने बताया कि कॉमन रैंक लिस्ट में स्थान पाकर जोसा द्वारा आयोजित काउंसलिंग में भाग लेने हेतु विद्यार्थी को कुल अंकों की एक न्यूनतम पात्रता के साथ ही प्रत्येक विषय में न्यूनतम अंको की पात्रता भी हासिल करनी होती है।

देव शर्मा ने स्पष्ट किया कि जेईई एडवांस 2019 का प्रश्न पत्र के लिए कुल अधिकतम अंक 372 है। फिजिक्स, केमिस्ट्री तथा मैथमेटिक्स प्रत्येक विषय के अधिकतम अंक 124 है। अर्थात यदि सामान्य वर्ग के विद्यार्थी को कॉमन रैंक लिस्ट में स्थान प्राप्त करना है तो निश्चित तौर पर कुल अंक 130 से अधिक होने आवश्यक है। तथा फिजिक्स केमेस्ट्री,मैथमेटिक्स प्रत्येक विषय में कुल 12 अंकों से अधिक अंकों की आवश्यकता है।

देव शर्मा ने यहां जोर देकर स्पष्ट किया कि प्रत्येक विषय के कुल अंको से तात्पर्य उस विषय के पेपर-1 व पेपर- 2 के अंकों का योग है। इसी प्रकार कुल अंकों का तात्पर्य पेपर -1 एवम् पेपर-2 के अंको के योग से है। ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए प्रत्येक विषय में 11 से अधिक अंक तथा कुल अंको का 117 से अधिक होना आवश्यक है।

एससी, एसटी तथा दिव्यांग श्रेणी के विद्यार्थियों के लिए प्रत्येक विषय में 6 से अधिक अंक तथा कुल अंकों का 65 से अधिक होना आवश्यक है। आरक्षित वर्ग के विद्यार्थी यदि महत्वपूर्ण प्रीपरेटरी कोर्स की पात्रता हासिल करना चाहते हैं तो प्रत्येक विषय में 3 से अधिक अंक तथा कुल अंक 32 से अधिक होना आवश्यक है।

अत्यंत तार्किक है टाई से संबंधित नियम टाई होने की स्थिति में धनात्मक अंको को सर्वोच्च प्राथमिकता अधिक उम्र सहायक नहीं देव शर्मा ने स्पष्ट किया कि जेईई एडवांस-2019 के परीक्षा परिणाम जारी करने के लिए टाइ होने की स्थिति के नियम बिल्कुल अलग एवं अत्यधिक तार्किक है।

यदि दो या दो से अधिक विद्यार्थियों के कुल अंक समान है तो निश्चित तौर पर टाई होता है। टाई की स्थिति में विद्यार्थी के धनात्मक अंको को प्राथमिकता दी जाती है। अर्थात जिस विद्यार्थी के धनात्मक अंक ज्यादा है, उसे बेहतर रैंक प्राप्त होती है। यदि धनात्मक अंक भी समान है तो फिर गणित विषय के अंकों को प्राथमिकता दी जाती है। तत्पश्चात भौतिक विज्ञान के अंको की प्राथमिकता के आधार पर रैंक निर्धारित होती है।

देव शर्मा ने स्पष्ट किया एम्स जैसी प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा में जो कि हाल ही में 25 एवं 26 मई को संपन्न हुई है, टाई होने की स्थिति में क्रमशः बायोलॉजी, रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान, सामान्य ज्ञान तथा विद्यार्थी की अधिक उम्र को प्राथमिकता दी जाती है।

किंतु जेईई एडवांस में टाई होने की स्थिति में रसायन विज्ञान विषय को तथा विद्यार्थी की उम्र को कोई प्राथमिकता नहीं दी जाती। निश्चित तौर पर विद्यार्थी की उम्र को प्राथमिकता देना तार्किक नहीं है। जेईई एडवांस विद्यार्थी की उम्र को प्राथमिकता ना देकर तर्कपूर्ण निर्णय लेता है।

इंदौर बाजार: मूंगफली तेल सस्ता, कपास्या तेल में तेजी

इंदौर। स्थानीय खाद्य तेल बाजार में बुधवार को मूंगफली तेल 10 रुपये प्रति 10 किलोग्राम सस्ता बिका। सोयाबीन रिफाइंड तेल दो रुपये और कपास्या तेल के भाव में पांच रुपये (मंगलवार की तुलना में) प्रति 10 किलोग्राम की वृद्धि दर्ज की गई।

तिलहन सरसों 3650 से 3700रायडा 3400 से 3450सोयाबीन 3650 से 3700 रुपये प्रति क्विंटल। तेल मूंगफली तेल इंदौर 1020 से 1040, सोयाबीन रिफाइंड इंदौर 752 से 755, सोयाबीन साल्वेंट 710 से 715, पाम तेल 620 से 625 रुपये प्रति 10 किलोग्राम।

पशु आहार कपास्या खली इंदौर 1900, देवास 1900, उज्जैन 1900, खंडवा 1885, बुरहानपुर 1885, अकोला 2800 रुपये प्रति 60 किलोग्राम बोरी। कपास्या तेल कपास्या तेल इंदौर 710 से 715, महाराष्ट्र 695 से 700, तथा गुजरात 715 से 720 रुपये प्रति 10 किलोग्राम।