Monday, May 4, 2026
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कार में 100% इथेनॉल वाले पेट्रोल का होगा इस्तेमाल: नितिन गडकरी

नई दिल्ली। 100% Ethanol Mix Petrol: देश के अंदर अब E20 यानी 20% इथेनॉल मिक्स पेट्रोल मिलने लगा है। सरकार पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा को धीरे-धीरे करके बढ़ाएगी। हालांकि, अब सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भारत से पेट्रोल में “100% इथेनॉल ब्लेंडिंग” की तरफ बढ़ने का एक अपील की है।

उन्होंने इंडियन फेडरेशन ऑफ ग्रीन एनर्जी के ग्रीन ट्रांसपोर्ट कॉन्क्लेव में बोलते हुए कहा कि ऊर्जा के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर होना अब सिर्फ एक पर्यावरणीय लक्ष्य नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी बेहद जरूरी है।

गडकरी का ये बयान ऐसे समय में आया हैं जब ग्लोबल एनर्जी मार्केट पश्चिम एशिया में चल रहे लंबे संघर्ष से जूझ रहे हैं, जिसने पारंपरिक तेल सप्लाई चेन को काफी हद तक बाधित कर दिया है। साथ ही, आयात बिलों को बढ़ा दिया है।

उनके इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य का मुख्य कारण जीवाश्म ईंधन के आयात पर भारत की भारी निर्भरता है। वर्तमान में देश अपनी तेल जरूरतों का लगभग 87% आयात के जरिए पूरा करता है, जिससे सरकारी खजाने से सालाना लगभग 22 लाख करोड़ रुपए खर्च हो जाते हैं।

गडकरी ने बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे “संकट” ने इस व्यवस्था की कमजोरी को उजागर कर दिया है, जिससे भारत के लिए अपने ट्रांसपोर्ट सेक्टर को इंटरनेशनल कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव से अलग करना जरूरी हो गया है।

अधिकारियों का कहना है कि 100% इथेनॉल (E100) मॉडल की तरफ बढ़कर (जैसा ब्राजील में सफलतापूर्वक लागू किया गया है) भारत अपने विशाल कृषि अधिशेष का लाभ उठा सकता है। यह बदलाव न केवल ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगा, बल्कि किसानों को “अन्नदाता” से “ऊर्जादाता” में बदलकर उन्हें सीधा आर्थिक बढ़ावा भी देगा।

ICE इंजन में बदलाव की जरूरत
भारत ने पिछले तीन सालों में अपने बायोफ्यूल प्रोग्राम में तेजी से प्रगति की है। 1 अप्रैल, 2026 को पूरे देश में E20 (20% इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल) को लागू करने के बाद, सरकार अब अगले लक्ष्य की ओर देख रही है। जहां E20 का उपयोग मौजूदा इंटरनल कम्बशन इंजन (ICE) में मामूली बदलावों के साथ किया जा सकता है। वहीं E100 या E85 की ओर बढ़ने के लिए फ्लेक्स-फ्यूल व्हीकल (FFVs) की तरफ एक मजबूत बदलाव की आवश्यकता है।

गडकरी ने बताया कि आने वाले CAFE III (कॉर्पोरेट औसत ईंधन दक्षता) स्टैंडर्ड, जो 1 अप्रैल 2027 से लागू होने वाले हैं, ये इलेक्ट्रिक और फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी को अपनाने के लिए प्रोत्साहन देंगे। बताया जा रहा है कि E85 फ्यूल के लिए एक मसौदा अधिसूचना पहले से ही अंतिम चरण में है, जो इस बात का संकेत है कि हाी ब्लेंडिंग स्तरों के लिए बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता दी जा रही है।

अल्टरनेटिव फ्यूल को बढ़ावा
गडकरी ने साफ किया कि जहां एक तरफ सरकार अल्टरनेटिव फ्यूल को बढ़ावा दे रही है। वहीं, ग्राहकों को इस बदलाव के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। इसके बजाय, ध्यान टेक्नोलॉजी और प्रोडक्ट की क्वालिटी को बेहतर बनाने पर होगा, ताकि ग्रीन गाड़ियां ज्यादा आकर्षक लगें। मैन्युफैक्चरर्स के लिए चुनौती ऐसे इंजन बनाने में है जो ज्यादा इथेनॉल कंसंट्रेशन को संभाल सकें, क्योंकि यह आम पेट्रोल के मुकाबले ज्यादा कोरोसिव होता है।

ग्रीन हाइड्रोजन में भी संभावनाएं
इथेनॉल के अलावा, गडकरी ने ग्रीन हाइड्रोजन की संभावनाओं को भी “फ्यूचर फ्यूल” के तौर पर खास तौर पर बताया। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर प्रोडक्शन लागत को घटाकर लगभग $1 प्रति किलोग्राम तक लाया जा सके, तो यह भारी ट्रांसपोर्ट सेक्टर में क्रांति ला सकता है। हालांकि, अभी के लिए, इथेनॉल ही “जहरीले” फॉसिल फ्यूल का सबसे ज्यादा मुमकिन और तुरंत मिलने वाला ऑप्शन बना हुआ है। यह एक ऐसा सर्कुलर इकोनॉमी मॉडल पेश करता है जो खेती के कचरे को भारत के भविष्य की तरक्की के लिए ईंधन में बदल देता है।

MCX पर 4700 रुपये महंगी हुई चांदी, सोना 2000 रुपये उछला, जानिए आज के भाव

नई दिल्ली। Gold Silver Rate Update 22 April: भारतीय बाजार में सोने-चांदी के भाव में जोरदार उछाल आया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के भाव ₹2,000 (1.3%) से अधिक चढ़कर ₹1,53,699 प्रति 10 ग्राम हो गए।

वहीं, चांदी के रेट में ₹4,700 (2%) की तेजी आई और यह ₹2,49,423 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। दूसरी ओर इंटरनेशनल मार्केट में भी सोने की कीमतें बढ़ीं। स्पॉट गोल्ड 0.8% चढ़कर 4,755 डॉलर प्रति औंस से ऊपर पहुंच गया। इससे पिछले सत्र में इसमें 2% से अधिक की गिरावट आई थी।

सीजफायर का असर
सोने-चांदी के भाव में आज की उछाल के पीछे कई कारण हैं। इनमें से एक कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ संघर्ष विराम को बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि जब तक ईरान कोई नया प्रस्ताव नहीं लाता और बातचीत पूरी नहीं हो जाती, तब तक और हमले नहीं किए जाएंगे।

हालांकि, होर्मूज स्ट्रेट अब भी व्यापार के लिए बंद है। ईरान ने साफ किया है कि जब तक अमेरिका उसके जहाजों पर अपनी नाकाबंदी जारी रखेगा, वह इस जलमार्ग को नहीं खोलेगा। यह जलडमरूमध्य दुनिया के 20% तेल की सप्लाई का रास्ता है।

सर्राफा बाजारों में सोना-चांदी के भाव गिरे
शादियों के सीजन के बीच सोने-चांदी के जेवर खरीदने वालों के लिए अच्छी खबर है। सर्राफा बाजारों में सोना-चांदी के भाव में गिरावट आई है। आज बुधवार 22 अप्रैल को सोने का भाव में जहां 105 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट आई वहीं, चांदी 836 रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई है। अब चांदी के रेट 249677 रुपये प्रति किलो पर आ गए हैं। जबकि, 24 कैरेट सोने का भाव 152250 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है।

22 कैरेट गोल्ड और 18 कैरेट के रेट
आईबीजेए के मुताबिक आज 10 ग्राम 22 कैरेट गोल्ड के भाव 96 रुपये गिरकर 139461 रुपये पर आ गया है। इस पर जीएसटी नहीं लगा है। 18 कैरेट गोल्ड का रेट भी आज 78 रुपये सस्ता हुआ है। अब 10 ग्राम 18 कैरेट गोल्ड की कीमत 114188 रुपये हो गई है। इस पर भी जीएसटी नहीं लगा है।

डॉलर में कमजोरी का असर
क्रूड तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब बने हुए हैं, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा बना हुआ है। वहीं, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में 0.1% की गिरावट आई, जिससे सोना दूसरी मुद्राओं वालों के लिए सस्ता हो गया। कमजोर डॉलर से सोने की कीमतों को आमतौर पर सपोर्ट मिलता है।

Stock Market: मार्केट की तेजी पर ब्रेक, सेंसेक्स 646 अंक गिरा, निफ्टी 24408 पर

नई दिल्ली। Stock Market Update 9:45 AM, April 22, 2026 :: एशियाई बाजारों से कमजोर संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार बुधवार (22 अप्रैल) को गिरावट में खुले।  सेंसेक्स अब 646 अंकों की भारी गिरावट के साथ 78627 के लेवल पर आ गया है। निफ्टी 167 अंक नीचे 24408 पर आ गया है।

एचसीएलटेक, टेक महिंद्रा, टीसीएस और इन्फोसिस सेंसेक्स में सबसे अधिक गिरने वाले शेयर हैं। केवल हिन्दुस्तान यूनीलीवर, एनटीपीसी, टाटा स्टील और अल्ट्राटेक ही हरे निशान पर हैं। शुरुआती कारोबार में ही एचसीएलटेक 8.62 प्रतिशत टूटकर 1317 रुपये पर आ गया है।

टेक महिंद्रा में 4.32 पर्सेंट की गिरावट है औऔर यह 1436 पर है। इन्फोसिस में 2.79 प्रतिशत का नुकसान है और यह 1276.50 रुपये पर ट्रेड कर रहा है। टीसीएस में 1.48 प्रतिशत की गिरावट है और यह 2571.80 रुपये पर आ गया है।

अमेरिका और ईरान के बीच मंगलवार को समझौता नहीं हो पाने के बाद निवेशकों को डर है कि यह भू-राजनीतिक तनाव लंबे समय तक चल सकता है। इसका असर बाजार पर देखने को मिल रहा है। इसके अलावा एचसीएल टेक के नेतृत्व में आईटी शेयरों में बिकवाली ने बाजार को नीचे खींचा है।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 79,019 पर खुला। जबकि मंगलवार को यह 79,273 पर बंद हुआ था। सुबह 9:25 बजे यह 453.05 अंक या 0.57 प्रतिशत की गिरावट लेकर 78,820.28 पर चल रहा था।

इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) 24,470 पर खुला। जबकि मंगलवार को यह 24,500 के ऊपर बंद हुआ था। सुबह 9:28 बजे यह 117.90 अंक या 0.48 फीसदी की गिरावट लेकर 24,495 . 20 पर ट्रेड कर रहा था।

टॉप लूजर्स एंड गेनर्स
सेंसेक्स के शेयरों में एचसीएल टेक सबसे ज्यादा टूट गया। इसमें 9 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिल रहीहै। टेक महिंद्रा, इंफोसिस, टीसीएस, आईसीआईसीआई बैंक और पावर ग्रिड सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर रहे। वहीं, हिंदुस्तान यूनिलीवर, ट्रेंट, एनटीपीसी, अल्ट्राटेक और बजाज फाइनेंस में बढ़त देखी गई।

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 3 प्रतिशत गिरा। इसके बाद बैंक, फाइनेंशियल सर्विसेज, फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में भी कमजोरी रही। इसके उलट, निफ्टी एफएमसीजी, मीडिया, मेटल, पीएसयू बैंक, रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में तेजी देखने को मिली। ब्रॉडर मार्केट में निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स लगभग सपाट रहा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.42 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है।

अमेरिका-ईरान युद्ध विराम बढ़ा
अमेरिका ने ईरान के साथ युद्धविराम को तब तक बढ़ा दिया है, जब तक ईरान एक साझा समाधान प्रस्ताव पेश नहीं करता। राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने इस विस्तार की घोषणा करते हुए ‘ईरान की सरकार में गंभीर अंदरूनी विभाजन’ का हवाला दिया और यह जानकारी ट्रुथ सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में दी। निवेशकों को चिंता है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत विफल होने के बाद भू-राजनीतिक तनाव लंबे समय तक बना रह सकता है।

ग्लोबल मार्केट के संकेत
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा युद्धविराम बढ़ाने के बाद एशियाई सत्र में अमेरिकी शेयर फ्यूचर्स में तेजी देखी गई। यह फैसला तब तक लागू रहेगा, जब तक ईरान एक साझा समाधान प्रस्ताव पेश नहीं करता। एसएंडपी 500 और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल फ्यूचर्स क्रमशः 0.60 प्रतिशत और 0.51 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। वहीं, पिछले सेशन में नैस्डैक कंपोजिट और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज दोनों 0.59 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए। एसएंडपी 500 भी 0.63 प्रतिशत नीचे बंद हुआ।

ज्यादातर एशियाई बाजारों में बुधवार सुबह गिरावट देखी गई। निवेशकों को चिंता है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत विफल होने के बाद भू-राजनीतिक तनाव लंबे समय तक बना रह सकता है। हैंग सेंग और कोस्पी क्रमशः 1.11 प्रतिशत और 0.54 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। वहीं, इस रुझान के उलट जापान का निक्केई 225 सूचकांक 0.83 प्रतिशत चढ़ गया।

बिरला ने लाड़पुरा में 84 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया

16 करोड़ की लागत से होगा चन्द्रलोई नदी पर पुलिया का पुनर्निर्माण

कोटा। कोटा के लाड़पुरा विधानसभा क्षेत्र में मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 84 करोड़ रूपए से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। शिवपुरी धाम के पास आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं क्षेत्र के विकास को नई दिशा देंगी और वर्षों से चली आ रही मूलभूत समस्याओं का समाधान करेंगी।

उन्होंने कहा कि लाड़पुरा में लंबे समय से जिन अभावों और चुनौतियों का सामना लोग कर रहे थे, उन्हें दूर करने के लिए अब ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। प्रत्येक कॉलोनी तक सड़क, पेयजल, बिजली और बेहतर आवागमन की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य आगे बढ़ रहा है।

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि अब विकास कार्य बिना किसी भेदभाव के किए जा रहे हैं। जनता के विश्वास को ध्यान में रखते हुए हर क्षेत्र की मूलभूत आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी जा रही है। लाड़पुरा क्षेत्र को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के लिए ग्रीनफील्ड प्लानिंग अपनाई गई है। उन्होंने कहा कि आने वाले 20 वर्षों को ध्यान में रखते हुए सड़क चौड़ीकरण, फ्लाईओवर, नालियों, पेयजल और बिजली जैसी सुविधाओं के विस्तार की व्यापक योजना बनाई गई है। वर्तमान में ही क्षेत्र में 700 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य प्रगति पर हैं।

कार्यक्रम के दौरान लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से कोटड़ी तालाब लिंक रोड, करीब 28 करोड़ रुपये की लागत से रायपुरा से थेकड़ा तक सड़क चौड़ीकरण, थेकड़ा मुख्य नहर पर नई पुलिया तथा उम्मेदगंज से डाढ़ देवी तक 5 किमी सीसी रोड सहित कई कार्यों का शुभारंभ किया गया।

बिरला ने कहा कि इन कार्यों से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि किसानों और आमजन को भी बड़ी राहत मिलेगी। डाढ़ देवी मंदिर मार्ग के विकास से श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी और दुर्घटनाओं में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अस्पताल, पार्क, खेल मैदान और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार तेजी से किया जा रहा है। उद्देश्य है कि हर नागरिक को उसके नजदीक ही बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों और जीवन स्तर में सुधार आए।

जनता के धन का हो पारदर्शी उपयोग
लोकसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जनता का धन जिम्मेदारी के साथ खर्च होना चाहिए और उसका अधिकतम लाभ आमजन तक पहुंचे, यह प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कोटा बेहतर कनेक्टिविटी, उद्योग और पर्यटन क्षेत्र में अग्रणी शहर के रूप में उभरेगा।

कार्यक्रम के बाद लोकसभा अध्यक्ष ने रायपुरा चौराहे पर प्रस्तावित फ्लाईओवर के स्थल का निरीक्षण भी किया, ताकि आने वाले समय में यातायात को और बेहतर बनाया जा सके।

पिछली सरकार में हुई लाडपुरा क्षेत्र की अनदेखी
कार्यक्रम में विधायक कल्पना देवी ने लोकसभा अध्यक्ष का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में लाड़पुरा क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि कोटड़ी तालाब लिंक रोड से करीब 8 लाख लोगों को लाभ मिलेगा, वहीं रायपुरा-थेकड़ा सड़क चौड़ीकरण और पुलिया निर्माण से किसानों को मंडी पहुंचने में सुविधा होगी। इसके अलावा उम्मेदगंज में अस्पताल, पॉलिटेक्निक कॉलेज और फायर स्टेशन की स्थापना भी प्रस्तावित है।

कल्पना देवी ने कहा कि पिछली सरकार में लाड़पुरा क्षेत्र की अनदेखी की गई। पूर्व सरकार ने 3500 करोड़ रुपये के बजट का बड़ा हिस्सा केवल रिवरफ्रंट और सौंदर्यीकरण पर खर्च किया, जबकि जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसती रही। इसके विपरीत, वर्तमान सरकार ने कोटा क्षेत्र में लगभग 2500 करोड़ रुपये के विकास कार्य स्वीकृत किए हैं। अकेले लाड़पुरा विधानसभा में अब तक 712 करोड़ रुपये की लागत से 212 विकास कार्यों को स्वीकृति मिल चुकी है और ‘अमृत 2.0’ सहित अन्य योजनाओं पर भी कार्य जारी है।

एयरपोर्ट का जिक्र करते हुए विधायक ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष के प्रयासों से एयरपोर्ट का शिलान्यास हो चुका है और कार्य तेजी से जारी है। अगले वर्ष के अंत तक कोटा से उड़ानें शुरू होने की पूरी उम्मीद है।

चन्द्रलोई नदी पर पुलिया का पुनर्निर्माण
इसी क्रम में लोकसभा अध्यक्ष ने कैथून में चन्द्रलोई नदी पर पुलिया पुनर्निर्माण सहित अन्य विकास कार्यों का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि कैथून और कोटा का गहरा संबंध है और इस क्षेत्र के विकास को भी समान प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि कैथून एवं आसपास की आठ पंचायतों में करीब 100 करोड़ रुपये के विकास कार्य प्रस्तावित हैं। प्रत्येक पंचायत में सामुदायिक भवन, बेहतर सड़क कनेक्टिविटी और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

बिरला ने कहा कि क्षेत्र के अंतिम खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए लिफ्ट योजना का विस्तार किया जा रहा है, जिसे सौर ऊर्जा से संचालित करने की दिशा में भी काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अस्पताल का कार्य प्रगति पर है और जल्द ही कन्या महाविद्यालय भी शुरू किया जाएगा। साथ ही आधुनिक खेल मैदान का निर्माण कर युवाओं को बेहतर सुविधाएं दी जाएंगी।

कार्यक्रम में प्रदेश महामंत्री सुनीता व्यास, देहात जिलाध्यक्ष प्रेम गोचर, प्रदेश महामंत्री एस.सी. मोर्चा अशोक मीणा, योगेन्द्र नन्दवाना अल्कू, निवर्तमान नगर पालिका चेयरमैन हरिओम पुरी सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

उत्तराखंड की चार धाम यात्रा शुरू, बाबा केदारनाथ धाम के कपाट कल खुलेंगे

हरिद्वार। Kedarnath Temple Mystery: उत्तराखंड में चार धाम यात्रा की शुरुआत अक्षय तृतीया से हो चुकी है। गंगोत्री और यमुनोत्री के बाद कल यानी 22 अप्रैल 2026 को सुबह 8 बजे बाबा केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। इसके अगले दिन 23 अप्रैल 2026 को बद्रीनाथ धाम के कपाट खोले जाएंगे।

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित केदारनाथ धाम भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। भगवान शिव के इस धाम को पंच केदार में से सर्वोच्च माना जाता है। पांडवों द्वारा निर्मित केदारनाथ धाम में महादेव कूबड़ के आकार में विराजमान हैं। यहां स्वयंभू शिवलिंग की पूजा होती है। भगवान शिव का यह धम कई रहस्यों को अपने अंदर संजोए हुए हैं। भक्तों के लिए केदारनाथ की यात्रा केवल एक तीर्थयात्रा नहीं, बल्कि खुद को शिव की ऊर्जा में विलीन करने का एक अलौकिक अनुभव है। आइए जानते हैं केदारनाथ धाम के अनसुने रहस्य।

बैल रूप धारण कर धरती में समा गए शिव
केदारनाथ धाम का इतिहास महाभारत काल से जुड़ा हुआ बताया जाता है। महाभारत के युद्ध के बाद पांडव भगवान शिव को खोजते हुए केदार घाटी पहुंचे। भगवान शिव उन्हें दर्शन नहीं देना चाहते थे इसलिए यहां बैल का रूप धारण कर छिपे हुए थे। लेकिन भीम ने उन्हें पहचान लिया और उनकी पीठ को पकड़ लिया। जिसके बाद भगवान शिव धरती में समा गए और उनका पीठ का हिस्सा ऊपर ही रह गया। तब से शिवलिंग से रूप में इसकी पूजा होती है।

पंच केदार का रहस्य
पौराणिक मान्यता है कि जब भगवान शंकर बैल के रूप में अंतर्ध्यान हुए तो उनके धड़ से ऊपर का भाग काठमांडू, नेपाल में प्रकट हुआ। नेपाल में वहां पशुपतिनाथ मंदिर स्थित है। इसके अलावा भुजाएं तुंगनाथ में, मुख रुद्रनाथ में, नाभि मद्महेश्वर में और जटा कल्पेश्वर में प्रकट हुईं। इसलिए केदारनाथ सहित इन चारों स्थानों को पंच केदार कहा जाता है।

केदारनाथ धाम में स्वयंभू शिवलिंग
केदारनाथ धाम को स्वयंभू कहा जाता है यानी अपने आप प्रकट हुआ शिवलिंग। शिवपुराण के अनुसार, केदारनाथ मंदिर का निर्माण पांडवों के पौत्र महाराज जनमेजय ने कराया था और आदिशंकराचार्य ने इसका जीर्णोद्धार कराया था। भगवान शिव के अन्य शिवलिंग के विपरीत केदारनाथ धाम का शिवलिंग गोल नहीं, बल्कि एक त्रिकोणीय चट्टान की तरह है। जिसे पीठ के आकार का बताया जाता है।

भू वैज्ञानिकों के अनुसार, केदारनाथ मंदिर लगभग 400 सालों तक बर्फ में दबा रहने के बाद भी पहले की तरह ही सुरक्षित था। 13वीं से 17वीं शताब्दी छोटा हिमयुग आया था, जिसमें यह मंदिर बर्फ और ग्लेशियर के नीचे दब गया था। इसके बाद भी शिव के इस मंदिर की संरचना को नुकसान नहीं पहुंचा। वैज्ञानिकों के अनुसार मंदिर की दीवारों पर आज भी ग्लेशियर में दबे होने से साक्ष्य मौजूद हैं। कत्यूरी शैली से बने इस मंदिर में विशाल पत्थरों का उपयोग किया गया है।

लुप्त हो जाएगा केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम
पौराणिक कथा के अनुसार भगवान विष्णु के अवतार नर और नारायण ऋषि तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव प्रकट हुए और ज्योतिर्लिंग के रूप में यहां वास कर गए। केदारनाथ धाम के पीछे दो पर्वत श्रृंखलाएं हैं, जिन्हें नर और नारायण पर्वत कहा जाता है। माना जाता है कि जिस दिन नर और नारायण पर्वत आपस में मिल जाएंगे उस दिन बद्रीनाथ धाम और केदारेश्वर धाम लुप्त हो जाएंगे। इसके बाद भविष्य में भविष्य बद्री नाम से नए तीर्थ का उद्गम होगा।

Kota Mandi: वायदा तेज रहने से दो दिन में धनिया का भाव 400 रुपये उछला

कोटा। Kota Mandi Price Today: एनसीडीईएक्स पर वायदा तेज रहने से भामाशाह अनाज मंडी में मंगलवार को धनिया 200 रुपये और उछल गया। दो दिन में धनिया का भाव 400 रुपये तेज हो चुका है। एनसीडीईएक्स पर धनिया का मई वायदा 306 रुपये उछल कर 13656 रुपये, जून वायदा 224 रुपये तेज होकर 13788 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

आवक की कमी से सरसों, सोयाबीन 50 रुपये तेज बिकी। गेहूं का भाव 40 रुपये मजबूत रहा। मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब एक लाख कट्टे और लहसुन की 10000 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

गेहूं नया मिल लस्टर 2325 से 2425, गेहूं एवरेज टुकड़ी 2420 से 2550, बेस्ट टुकड़ी 2550 से 2720, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 1800 से 2050, मक्का लाल 1400 से 1700, मक्का सफेद 1600 से 2200, जौ नया 2100 से 2350 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3801, धान (1509) 3400 से 4450, धान (1847) 3200 से 4401, धान (1718-1885) 4000 से 4670, धान (पूसा-1) 3000 से 4300, धान (1401-1886) 4100 से 4550, धान दागी 1500 से 3900 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 4500 से 5700, सोयाबीन बीज क्वालिटी 5600 से 5800, सरसों 6200 से 6851, अलसी 6800 से 7600, तिल्ली 7000 से 8500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 7000, उड़द 4500 से 7600, चना देशी 4800 से 5350, चना मौसमी नया 5100 से 5150, चना पेप्सी 5100 से 5351, चना डंकी पुराना 4000 से 4600, चना काबुली 5500 से 6500 रुपये प्रति क्विंटल।

लहसुन 2500 से 14000, मैथी नयी 5800 से 6250, धनिया बादामी 11000 से 12000, धनिया ईगल 12000 से 12800, धनिया रंगदार 13000 से 15000 रुपये प्रति क्विंटल।

गेहूं की सरकारी खरीद का जब तक लक्ष्य पूरा न हो, केंद्र बंद न हो: लोकसभा अध्यक्ष

गेहूं खरीद की समीक्षा, मंडियों-क्रय केन्द्रों में खरीद का लक्ष्य बढ़ाने के निर्देश

कोटा। कोटा-बूंदी क्षेत्र में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं खरीद की व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को सीएडी सभागार में भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई), राजफैड, तिलमसंघ, एनसीसीएफ और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की।

बैठक में बिरला ने मंडियों एवं सभी खरीद केन्द्रों में गेहूं खरीद का लक्ष्य बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एफसीआई सहित सभी खरीद एजेंसियां यह सुनिश्चित करें कि एमएसपी पर बेचने के लिए गेहूं लेकर मंडी एवं खरीद केन्द्र पर आए किसान को खाली हाथ नहीं लौटना पड़े। समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने में किसानों को कोई समस्या नहीं आए, अधिकारी इसका ध्यान रखें। उन्होंने निर्देश दिए कि जब तक जिले का तय लक्ष्य पूरा न हो, कोई भी खरीद केंद्र बंद न किया जाए।

बिरला ने कहा कि आगामी दिनों में गेहूं की खरीद दुगुनी होने की संभावना को देखते हुए गेहूं के उठाव एवं गोदामों में अनलोडिंग की गति बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि एफसीआई के गोदामों के बाहर गाड़ियां दो दिन से अधिक खड़ी नहीं रहे, इसके लिए एफसीआई गोदामों में लेबर बढ़ाई जाए।

उन्होंने राजफैड एवं तिलमसंघ को निर्देश दिए कि एक रेक की क्षमता के गेहूं की खरीद पूरी होने पर एफसीआई अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर क्रय केन्द्रों से गेहूं रेलवे यार्ड तक पहुंचाया जाए ताकि वहां से रेक की व्यवस्था की जा सके।

लॉजिस्टिक और भंडारण व्यवस्था पर लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि बारदाने के अभाव में किसानों के गेहूं की तुलाई नहीं हो, ऐसा नहीं होना चाहिए। कोटा-बूंदी में बारदाने की कोई कमी नहीं हो, अधिकारी यह सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग शीघ्र अपने स्तर पर टेंडर प्रक्रिया पूरी कर बारदाना खरीद के लिए वर्क ऑर्डर जारी करे। उन्होंने इस संबंध में शासन सचिव सहकारिता डॉ. समित शर्मा एवं खाद्य सचिव अम्बरीश कुमार से फोन पर बात कर उन्हें निर्देश दिए कि बारदाना की समस्या का समाधान कर गेहूं की खरीद बढ़ाएं।

उन्होंने एफसीआई अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि राजफैड सहित अन्य एजेंसियों को यदि खराब बारदाना उपलब्ध कराया गया है तो उसे वापस लिया जाए। बिरला ने एमडी राजफैड सौरभ स्वामी से बात कर जिले में गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा नहीं होने तक राजफैड के किसी भी खरीद केन्द्र को बंद नहीं करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि किसी खरीद का लक्ष्य पूरा हो जाए तो भी राजफैड उसे तब तक खुला रखें जब तक पूरे जिले में गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा नहीं हो। उन्होंने मंडियों में जिंसों की आवक, किसानों के लिए उपलब्ध सुविधाएं, तुलाई और खरीद प्रक्रिया को सरल व सुचारू बनाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने खरीद केन्द्रों पर तुलाई कांटों की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए। साथ ही, मंडियों में तिरपाल, छाया-पानी इत्यादि का इंतजाम करने के निर्देश मंडी सचिवों को दिए।

बैठक में एफसीआई के जीएम विजय चौधरी ने बताया कि कोटा संभाग में गेहूं खरीद का जो लक्ष्य रखा गया है उसके अनुसार खरीद की पूरी तैयारियां की गई हैं। उन्होंने कहा कि मंडियों से गेहूं के उठाव के लिए रेक की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही, रोड़ ट्रांसपोर्ट के माध्यम से भी गेहूं भेजा जा रहा है।

बैठक में संभागीय आयुक्त अनिल कुमार अग्रवाल, कलक्टर पीयूष समारिया, एफसीआई, राजफैड, तिलम संघ, सहकारिता, रसद विभाग आदि के अधिकारी उपस्थित रहे।

यूएस -ईरान सीजफायर बढ़ने की उम्मीद से सेंसेक्स 753 अंक चढ़ कर 79273 पर बंद

नई दिल्ली। Stock Market Closed, April 21 2026: एशियाई बाजारों में बढ़त के बीच भारतीय शेयर बाजार मंगलवार (21 अप्रैल) को मजबूती के साथ बंद हुए। कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स में 800 अंक से ज्यादा उछला जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी50 इंडेक्स 24,600 अंक के करीब पहुंचा।

आखिरकार सेंसेक्स 753.03 अंक यानी 0.96% तेजी के साथ 79,273.33 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी भी 211.75 अंक यानी 0.87% तेजी के साथ 24,576.60 अंक पर पहुंच गया। सेल का शेयर कारोबार के दौरान 15 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।

अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर आगे बढ़ने की उम्मीद से बाजार में पॉजिटिव माहौल देखने को मिला। आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक समेत अन्य बैंकिंग शेयरों और एफएमसीजी शेयरों में खरीदारी से भी बाजार को सपोर्ट मिला।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 78,617.16 अंक पर खुला। कारोबार के दौरान यह 79,367 अंक के हाई तक गया। अंत में 753.03 अंक या 0.96 फीसदी की बढ़त लेकर 79,273.33 पर बंद हुआ।

इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी मजबूती के साथ 24,374 अंक पर खुला। कारोबार के दौरान यह 24,600 के पार तक गया। अंत में 211.75 अंक या 0.87 फीसदी की बढ़त के साथ 24,576 . 60 पर बंद हुआ।

टॉप गेनर्स एंड लूजर्स
सेंसेक्स की कंपनियों में ट्रेंट सबसे ज्यादा 3.55 फीसदी चढ़कर बंद हुआ। हिन्दुस्तान यूनिलीवर, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, इटरनल और टीसीएस प्रमुख रूप से लाभ में रहे। दूसरी तरफ, भरता इलेक्ट्रॉनिक्स, टाइटन, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एनटीपीसी, पावर ग्रिड, टेक महिंद्रा गिरावट में रहे।

ब्रोडर मार्केट में निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स क्रमशः 0.49 प्रतिशत और 0.88 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी रियल्टी ने अन्य सेक्टरों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया। वहीं, निफ्टी फार्मा सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा।

Redmi A7 स्मार्टफोन सीरीज भारत में लॉन्च, जानिए कीमत और फीचर्स

नई दिल्ली। Xiaomi ने अपनी नई REDMI A7 स्मार्टफोन सीरीज भारत में लॉन्च कर दी है। इस सीरीज में दो नए मॉडल्स REDMI A7 और REDMI A7 Pro शामिल हैं, जो खासतौर पर उन यूजर्स के लिए डिजाइन किए गए हैं जो कम बजट में अच्छी परफॉर्मेंस और लंबी बैटरी लाइफ चाहते हैं। आइए आपको इनके फीचर्स और कीमत के बारे में विस्तार से बताते हैं।

REDMI A7 में 6.88 इंच का बड़ा डिस्प्ले दिया गया है, जबकि REDMI A7 Pro में 6.9 इंच का HD+ डिस्प्ले मिलता है, जो 120Hz तक के रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। इसका मतलब है कि यूजर्स को स्क्रॉलिंग और वीडियो देखने के दौरान ज्यादा स्मूद और फ्लूइड एक्सपीरियंस मिलेगा। इसके साथ ही, TUV Rheinland सर्टिफिकेशन के साथ आंखों की सुरक्षा का भी ध्यान रखा गया है।

बैटरी
दोनों स्मार्टफोन 15W चार्जिंग सपोर्ट के साथ आते हैं और बॉक्स में चार्जर भी मिलता है। साथ ही, 7.5W रिवर्स चार्जिंग फीचर की मदद से आप दूसरे डिवाइस भी चार्ज कर सकते हैं। वहीं, स्मार्ट बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम बैटरी को लंबे समय तक टिकाए रखने में मदद करता है। REDMI A7 सीरीज में 64GB स्टोरेज के साथ LPDDR4X RAM दी गई है, जिसे वर्चुअल RAM के साथ बढ़ाया भी जा सकता है। इसके साथ मल्टीटास्किंग और ऐप्स का इस्तेमाल स्मूद रहता है।

फीचर्स
फोटोग्राफी के लिए नई सीरीज में 13MP का रियर कैमरा और 8MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है, जो रोज के इस्तेमाल के लिए अच्छा है। इसके अलावा, साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर, IP52 रेटिंग और 3.5mm हेडफोन जैक जैसे फीचर्स इस लाइनअप को और प्रैक्टिकल बनाते हैं।

बता दें, REDMI A7 Pro में Google Gemini और Circle to Search जैसे एडवांस फीचर्स दिए गए हैं, जो यूजर एक्सपीरियंस को और बेहतर बनाते हैं। इसके साथ ही, डुअल सिम सपोर्ट और 2TB तक एक्सपेंडेबल स्टोरेज का ऑप्शन भी मिलता है।

कीमत
नए REDMI A7 (3GB + 64GB) की कीमत 10,499 रुपये रखी गई है, वहीं REDMI A7 Pro (4GB + 64GB) भारतीय मार्केट में 11,499 रुपये में उपलब्ध होगा। दोनों नए स्मार्टफोन 23 अप्रैल से Mi.com, Amazon, Flipkart और Xiaomi के रिटेल स्टोर्स पर सेल के लिए उपलब्ध होंगे।

मोबाइल पर आया DAC नंबर नहीं बताया तो नहीं मिलेगा LPG सिलेंडर

नई दिल्ली। LPG गैस सिलेंडर से जुड़े नियमों में लगातार बदलाव हो रहे हैं और अब एक नया सिस्टम तेजी से लागू हो रहा है, जिसे DAC नंबर कहा जा रहा है। अगर आप भी घर पर गैस सिलेंडर मंगवाते हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है।

दरअसल, गैस कंपनियों ने डिलीवरी को ज्यादा सुरक्षित और ब्लैक मार्केटिंग को कम करने के लिए DAC यानी Delivery Authentication Code सिस्टम शुरू किया है। हालांकि, कई लोगों को अभी भी DAC नंबर के बारे में पूरी जानकारी नहीं है, जिसके कारण डिलीवरी के समय दिक्कतें आती हैं।

OTP जैसा होता है DAC नंबर
DAC नंबर OTP की तरह ही होता है, जो गैस बुकिंग के बाद आपके मोबाइल पर भेजा जाता है और डिलीवरी के समय इसे दिखाना जरूरी होता है। इस नए नियम का मकसद फर्जी डिलीवरी, गलत बिलिंग और गैस चोरी जैसी समस्याओं को रोकना है। अब बिना इस कोड के डिलीवरी पूरी नहीं मानी जाएगी, जिससे ग्राहकों को ज्यादा सुरक्षा मिलती है।

क्या है DAC नंबर
DAC नंबर का मतलब होता है Delivery Authentication Code। यह एक यूनिक कोड होता है, जो हर बार गैस सिलेंडर बुक करने के बाद ग्राहक को भेजा जाता है। जब आपका सिलेंडर डिलीवरी के लिए आता है, तो डिलीवरी बॉय आपसे यही कोड मांगता है। सही कोड देने के बाद ही सिलेंडर आपको दिया जाता है।

कैसे मिलता है DAC नंबर
जब आप LPG सिलेंडर बुक करते हैं, तो गैस कंपनी की तरफ से आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, ऐप या WhatsApp पर एक DAC कोड भेजा जाता है। यह कोड उसी डिवाइस पर भी भेजा जाता है जिससे आपने बुकिंग की होती है, ताकि किसी तरह की तकनीकी दिक्कत न आए।

ऐसे काम करता है यह नया रूल
जब डिलीवरी बॉय आपके घर आता है, तो वह आपसे DAC नंबर पूछता है। आपको अपने मोबाइल में आए इस कोड को उसे बताना होता है। अगर कोड सही होता है, तभी डिलीवरी पूरी मानी जाती है। अगर आप कोड नहीं देते हैं, तो सिलेंडर की डिलीवरी रोक दी जा सकती है।

DAC नंबर नहीं मिला तो क्या करें
कई बार नेटवर्क या टेक्निकल समस्या की वजह से DAC नंबर समय पर नहीं मिलता। ऐसे में आप घबराएं नहीं। आप डिलीवरी बॉय से कोड दोबारा भेजने के लिए कह सकते हैं। इसके अलावा गैस एजेंसी या ऐप के जरिए भी इसे फिर से प्राप्त किया जा सकता है।