Saturday, May 2, 2026
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बिरला ने लाड़पुरा में 84 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया

16 करोड़ की लागत से होगा चन्द्रलोई नदी पर पुलिया का पुनर्निर्माण

कोटा। कोटा के लाड़पुरा विधानसभा क्षेत्र में मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 84 करोड़ रूपए से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। शिवपुरी धाम के पास आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं क्षेत्र के विकास को नई दिशा देंगी और वर्षों से चली आ रही मूलभूत समस्याओं का समाधान करेंगी।

उन्होंने कहा कि लाड़पुरा में लंबे समय से जिन अभावों और चुनौतियों का सामना लोग कर रहे थे, उन्हें दूर करने के लिए अब ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। प्रत्येक कॉलोनी तक सड़क, पेयजल, बिजली और बेहतर आवागमन की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य आगे बढ़ रहा है।

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि अब विकास कार्य बिना किसी भेदभाव के किए जा रहे हैं। जनता के विश्वास को ध्यान में रखते हुए हर क्षेत्र की मूलभूत आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी जा रही है। लाड़पुरा क्षेत्र को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के लिए ग्रीनफील्ड प्लानिंग अपनाई गई है। उन्होंने कहा कि आने वाले 20 वर्षों को ध्यान में रखते हुए सड़क चौड़ीकरण, फ्लाईओवर, नालियों, पेयजल और बिजली जैसी सुविधाओं के विस्तार की व्यापक योजना बनाई गई है। वर्तमान में ही क्षेत्र में 700 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य प्रगति पर हैं।

कार्यक्रम के दौरान लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से कोटड़ी तालाब लिंक रोड, करीब 28 करोड़ रुपये की लागत से रायपुरा से थेकड़ा तक सड़क चौड़ीकरण, थेकड़ा मुख्य नहर पर नई पुलिया तथा उम्मेदगंज से डाढ़ देवी तक 5 किमी सीसी रोड सहित कई कार्यों का शुभारंभ किया गया।

बिरला ने कहा कि इन कार्यों से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि किसानों और आमजन को भी बड़ी राहत मिलेगी। डाढ़ देवी मंदिर मार्ग के विकास से श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी और दुर्घटनाओं में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अस्पताल, पार्क, खेल मैदान और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार तेजी से किया जा रहा है। उद्देश्य है कि हर नागरिक को उसके नजदीक ही बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों और जीवन स्तर में सुधार आए।

जनता के धन का हो पारदर्शी उपयोग
लोकसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जनता का धन जिम्मेदारी के साथ खर्च होना चाहिए और उसका अधिकतम लाभ आमजन तक पहुंचे, यह प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कोटा बेहतर कनेक्टिविटी, उद्योग और पर्यटन क्षेत्र में अग्रणी शहर के रूप में उभरेगा।

कार्यक्रम के बाद लोकसभा अध्यक्ष ने रायपुरा चौराहे पर प्रस्तावित फ्लाईओवर के स्थल का निरीक्षण भी किया, ताकि आने वाले समय में यातायात को और बेहतर बनाया जा सके।

पिछली सरकार में हुई लाडपुरा क्षेत्र की अनदेखी
कार्यक्रम में विधायक कल्पना देवी ने लोकसभा अध्यक्ष का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में लाड़पुरा क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि कोटड़ी तालाब लिंक रोड से करीब 8 लाख लोगों को लाभ मिलेगा, वहीं रायपुरा-थेकड़ा सड़क चौड़ीकरण और पुलिया निर्माण से किसानों को मंडी पहुंचने में सुविधा होगी। इसके अलावा उम्मेदगंज में अस्पताल, पॉलिटेक्निक कॉलेज और फायर स्टेशन की स्थापना भी प्रस्तावित है।

कल्पना देवी ने कहा कि पिछली सरकार में लाड़पुरा क्षेत्र की अनदेखी की गई। पूर्व सरकार ने 3500 करोड़ रुपये के बजट का बड़ा हिस्सा केवल रिवरफ्रंट और सौंदर्यीकरण पर खर्च किया, जबकि जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसती रही। इसके विपरीत, वर्तमान सरकार ने कोटा क्षेत्र में लगभग 2500 करोड़ रुपये के विकास कार्य स्वीकृत किए हैं। अकेले लाड़पुरा विधानसभा में अब तक 712 करोड़ रुपये की लागत से 212 विकास कार्यों को स्वीकृति मिल चुकी है और ‘अमृत 2.0’ सहित अन्य योजनाओं पर भी कार्य जारी है।

एयरपोर्ट का जिक्र करते हुए विधायक ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष के प्रयासों से एयरपोर्ट का शिलान्यास हो चुका है और कार्य तेजी से जारी है। अगले वर्ष के अंत तक कोटा से उड़ानें शुरू होने की पूरी उम्मीद है।

चन्द्रलोई नदी पर पुलिया का पुनर्निर्माण
इसी क्रम में लोकसभा अध्यक्ष ने कैथून में चन्द्रलोई नदी पर पुलिया पुनर्निर्माण सहित अन्य विकास कार्यों का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि कैथून और कोटा का गहरा संबंध है और इस क्षेत्र के विकास को भी समान प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि कैथून एवं आसपास की आठ पंचायतों में करीब 100 करोड़ रुपये के विकास कार्य प्रस्तावित हैं। प्रत्येक पंचायत में सामुदायिक भवन, बेहतर सड़क कनेक्टिविटी और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

बिरला ने कहा कि क्षेत्र के अंतिम खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए लिफ्ट योजना का विस्तार किया जा रहा है, जिसे सौर ऊर्जा से संचालित करने की दिशा में भी काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अस्पताल का कार्य प्रगति पर है और जल्द ही कन्या महाविद्यालय भी शुरू किया जाएगा। साथ ही आधुनिक खेल मैदान का निर्माण कर युवाओं को बेहतर सुविधाएं दी जाएंगी।

कार्यक्रम में प्रदेश महामंत्री सुनीता व्यास, देहात जिलाध्यक्ष प्रेम गोचर, प्रदेश महामंत्री एस.सी. मोर्चा अशोक मीणा, योगेन्द्र नन्दवाना अल्कू, निवर्तमान नगर पालिका चेयरमैन हरिओम पुरी सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

उत्तराखंड की चार धाम यात्रा शुरू, बाबा केदारनाथ धाम के कपाट कल खुलेंगे

हरिद्वार। Kedarnath Temple Mystery: उत्तराखंड में चार धाम यात्रा की शुरुआत अक्षय तृतीया से हो चुकी है। गंगोत्री और यमुनोत्री के बाद कल यानी 22 अप्रैल 2026 को सुबह 8 बजे बाबा केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। इसके अगले दिन 23 अप्रैल 2026 को बद्रीनाथ धाम के कपाट खोले जाएंगे।

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित केदारनाथ धाम भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। भगवान शिव के इस धाम को पंच केदार में से सर्वोच्च माना जाता है। पांडवों द्वारा निर्मित केदारनाथ धाम में महादेव कूबड़ के आकार में विराजमान हैं। यहां स्वयंभू शिवलिंग की पूजा होती है। भगवान शिव का यह धम कई रहस्यों को अपने अंदर संजोए हुए हैं। भक्तों के लिए केदारनाथ की यात्रा केवल एक तीर्थयात्रा नहीं, बल्कि खुद को शिव की ऊर्जा में विलीन करने का एक अलौकिक अनुभव है। आइए जानते हैं केदारनाथ धाम के अनसुने रहस्य।

बैल रूप धारण कर धरती में समा गए शिव
केदारनाथ धाम का इतिहास महाभारत काल से जुड़ा हुआ बताया जाता है। महाभारत के युद्ध के बाद पांडव भगवान शिव को खोजते हुए केदार घाटी पहुंचे। भगवान शिव उन्हें दर्शन नहीं देना चाहते थे इसलिए यहां बैल का रूप धारण कर छिपे हुए थे। लेकिन भीम ने उन्हें पहचान लिया और उनकी पीठ को पकड़ लिया। जिसके बाद भगवान शिव धरती में समा गए और उनका पीठ का हिस्सा ऊपर ही रह गया। तब से शिवलिंग से रूप में इसकी पूजा होती है।

पंच केदार का रहस्य
पौराणिक मान्यता है कि जब भगवान शंकर बैल के रूप में अंतर्ध्यान हुए तो उनके धड़ से ऊपर का भाग काठमांडू, नेपाल में प्रकट हुआ। नेपाल में वहां पशुपतिनाथ मंदिर स्थित है। इसके अलावा भुजाएं तुंगनाथ में, मुख रुद्रनाथ में, नाभि मद्महेश्वर में और जटा कल्पेश्वर में प्रकट हुईं। इसलिए केदारनाथ सहित इन चारों स्थानों को पंच केदार कहा जाता है।

केदारनाथ धाम में स्वयंभू शिवलिंग
केदारनाथ धाम को स्वयंभू कहा जाता है यानी अपने आप प्रकट हुआ शिवलिंग। शिवपुराण के अनुसार, केदारनाथ मंदिर का निर्माण पांडवों के पौत्र महाराज जनमेजय ने कराया था और आदिशंकराचार्य ने इसका जीर्णोद्धार कराया था। भगवान शिव के अन्य शिवलिंग के विपरीत केदारनाथ धाम का शिवलिंग गोल नहीं, बल्कि एक त्रिकोणीय चट्टान की तरह है। जिसे पीठ के आकार का बताया जाता है।

भू वैज्ञानिकों के अनुसार, केदारनाथ मंदिर लगभग 400 सालों तक बर्फ में दबा रहने के बाद भी पहले की तरह ही सुरक्षित था। 13वीं से 17वीं शताब्दी छोटा हिमयुग आया था, जिसमें यह मंदिर बर्फ और ग्लेशियर के नीचे दब गया था। इसके बाद भी शिव के इस मंदिर की संरचना को नुकसान नहीं पहुंचा। वैज्ञानिकों के अनुसार मंदिर की दीवारों पर आज भी ग्लेशियर में दबे होने से साक्ष्य मौजूद हैं। कत्यूरी शैली से बने इस मंदिर में विशाल पत्थरों का उपयोग किया गया है।

लुप्त हो जाएगा केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम
पौराणिक कथा के अनुसार भगवान विष्णु के अवतार नर और नारायण ऋषि तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव प्रकट हुए और ज्योतिर्लिंग के रूप में यहां वास कर गए। केदारनाथ धाम के पीछे दो पर्वत श्रृंखलाएं हैं, जिन्हें नर और नारायण पर्वत कहा जाता है। माना जाता है कि जिस दिन नर और नारायण पर्वत आपस में मिल जाएंगे उस दिन बद्रीनाथ धाम और केदारेश्वर धाम लुप्त हो जाएंगे। इसके बाद भविष्य में भविष्य बद्री नाम से नए तीर्थ का उद्गम होगा।

Kota Mandi: वायदा तेज रहने से दो दिन में धनिया का भाव 400 रुपये उछला

कोटा। Kota Mandi Price Today: एनसीडीईएक्स पर वायदा तेज रहने से भामाशाह अनाज मंडी में मंगलवार को धनिया 200 रुपये और उछल गया। दो दिन में धनिया का भाव 400 रुपये तेज हो चुका है। एनसीडीईएक्स पर धनिया का मई वायदा 306 रुपये उछल कर 13656 रुपये, जून वायदा 224 रुपये तेज होकर 13788 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

आवक की कमी से सरसों, सोयाबीन 50 रुपये तेज बिकी। गेहूं का भाव 40 रुपये मजबूत रहा। मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब एक लाख कट्टे और लहसुन की 10000 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

गेहूं नया मिल लस्टर 2325 से 2425, गेहूं एवरेज टुकड़ी 2420 से 2550, बेस्ट टुकड़ी 2550 से 2720, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 1800 से 2050, मक्का लाल 1400 से 1700, मक्का सफेद 1600 से 2200, जौ नया 2100 से 2350 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3801, धान (1509) 3400 से 4450, धान (1847) 3200 से 4401, धान (1718-1885) 4000 से 4670, धान (पूसा-1) 3000 से 4300, धान (1401-1886) 4100 से 4550, धान दागी 1500 से 3900 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 4500 से 5700, सोयाबीन बीज क्वालिटी 5600 से 5800, सरसों 6200 से 6851, अलसी 6800 से 7600, तिल्ली 7000 से 8500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 7000, उड़द 4500 से 7600, चना देशी 4800 से 5350, चना मौसमी नया 5100 से 5150, चना पेप्सी 5100 से 5351, चना डंकी पुराना 4000 से 4600, चना काबुली 5500 से 6500 रुपये प्रति क्विंटल।

लहसुन 2500 से 14000, मैथी नयी 5800 से 6250, धनिया बादामी 11000 से 12000, धनिया ईगल 12000 से 12800, धनिया रंगदार 13000 से 15000 रुपये प्रति क्विंटल।

गेहूं की सरकारी खरीद का जब तक लक्ष्य पूरा न हो, केंद्र बंद न हो: लोकसभा अध्यक्ष

गेहूं खरीद की समीक्षा, मंडियों-क्रय केन्द्रों में खरीद का लक्ष्य बढ़ाने के निर्देश

कोटा। कोटा-बूंदी क्षेत्र में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं खरीद की व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को सीएडी सभागार में भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई), राजफैड, तिलमसंघ, एनसीसीएफ और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की।

बैठक में बिरला ने मंडियों एवं सभी खरीद केन्द्रों में गेहूं खरीद का लक्ष्य बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एफसीआई सहित सभी खरीद एजेंसियां यह सुनिश्चित करें कि एमएसपी पर बेचने के लिए गेहूं लेकर मंडी एवं खरीद केन्द्र पर आए किसान को खाली हाथ नहीं लौटना पड़े। समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने में किसानों को कोई समस्या नहीं आए, अधिकारी इसका ध्यान रखें। उन्होंने निर्देश दिए कि जब तक जिले का तय लक्ष्य पूरा न हो, कोई भी खरीद केंद्र बंद न किया जाए।

बिरला ने कहा कि आगामी दिनों में गेहूं की खरीद दुगुनी होने की संभावना को देखते हुए गेहूं के उठाव एवं गोदामों में अनलोडिंग की गति बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि एफसीआई के गोदामों के बाहर गाड़ियां दो दिन से अधिक खड़ी नहीं रहे, इसके लिए एफसीआई गोदामों में लेबर बढ़ाई जाए।

उन्होंने राजफैड एवं तिलमसंघ को निर्देश दिए कि एक रेक की क्षमता के गेहूं की खरीद पूरी होने पर एफसीआई अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर क्रय केन्द्रों से गेहूं रेलवे यार्ड तक पहुंचाया जाए ताकि वहां से रेक की व्यवस्था की जा सके।

लॉजिस्टिक और भंडारण व्यवस्था पर लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि बारदाने के अभाव में किसानों के गेहूं की तुलाई नहीं हो, ऐसा नहीं होना चाहिए। कोटा-बूंदी में बारदाने की कोई कमी नहीं हो, अधिकारी यह सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग शीघ्र अपने स्तर पर टेंडर प्रक्रिया पूरी कर बारदाना खरीद के लिए वर्क ऑर्डर जारी करे। उन्होंने इस संबंध में शासन सचिव सहकारिता डॉ. समित शर्मा एवं खाद्य सचिव अम्बरीश कुमार से फोन पर बात कर उन्हें निर्देश दिए कि बारदाना की समस्या का समाधान कर गेहूं की खरीद बढ़ाएं।

उन्होंने एफसीआई अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि राजफैड सहित अन्य एजेंसियों को यदि खराब बारदाना उपलब्ध कराया गया है तो उसे वापस लिया जाए। बिरला ने एमडी राजफैड सौरभ स्वामी से बात कर जिले में गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा नहीं होने तक राजफैड के किसी भी खरीद केन्द्र को बंद नहीं करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि किसी खरीद का लक्ष्य पूरा हो जाए तो भी राजफैड उसे तब तक खुला रखें जब तक पूरे जिले में गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा नहीं हो। उन्होंने मंडियों में जिंसों की आवक, किसानों के लिए उपलब्ध सुविधाएं, तुलाई और खरीद प्रक्रिया को सरल व सुचारू बनाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने खरीद केन्द्रों पर तुलाई कांटों की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए। साथ ही, मंडियों में तिरपाल, छाया-पानी इत्यादि का इंतजाम करने के निर्देश मंडी सचिवों को दिए।

बैठक में एफसीआई के जीएम विजय चौधरी ने बताया कि कोटा संभाग में गेहूं खरीद का जो लक्ष्य रखा गया है उसके अनुसार खरीद की पूरी तैयारियां की गई हैं। उन्होंने कहा कि मंडियों से गेहूं के उठाव के लिए रेक की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही, रोड़ ट्रांसपोर्ट के माध्यम से भी गेहूं भेजा जा रहा है।

बैठक में संभागीय आयुक्त अनिल कुमार अग्रवाल, कलक्टर पीयूष समारिया, एफसीआई, राजफैड, तिलम संघ, सहकारिता, रसद विभाग आदि के अधिकारी उपस्थित रहे।

यूएस -ईरान सीजफायर बढ़ने की उम्मीद से सेंसेक्स 753 अंक चढ़ कर 79273 पर बंद

नई दिल्ली। Stock Market Closed, April 21 2026: एशियाई बाजारों में बढ़त के बीच भारतीय शेयर बाजार मंगलवार (21 अप्रैल) को मजबूती के साथ बंद हुए। कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स में 800 अंक से ज्यादा उछला जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी50 इंडेक्स 24,600 अंक के करीब पहुंचा।

आखिरकार सेंसेक्स 753.03 अंक यानी 0.96% तेजी के साथ 79,273.33 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी भी 211.75 अंक यानी 0.87% तेजी के साथ 24,576.60 अंक पर पहुंच गया। सेल का शेयर कारोबार के दौरान 15 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।

अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर आगे बढ़ने की उम्मीद से बाजार में पॉजिटिव माहौल देखने को मिला। आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक समेत अन्य बैंकिंग शेयरों और एफएमसीजी शेयरों में खरीदारी से भी बाजार को सपोर्ट मिला।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 78,617.16 अंक पर खुला। कारोबार के दौरान यह 79,367 अंक के हाई तक गया। अंत में 753.03 अंक या 0.96 फीसदी की बढ़त लेकर 79,273.33 पर बंद हुआ।

इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी मजबूती के साथ 24,374 अंक पर खुला। कारोबार के दौरान यह 24,600 के पार तक गया। अंत में 211.75 अंक या 0.87 फीसदी की बढ़त के साथ 24,576 . 60 पर बंद हुआ।

टॉप गेनर्स एंड लूजर्स
सेंसेक्स की कंपनियों में ट्रेंट सबसे ज्यादा 3.55 फीसदी चढ़कर बंद हुआ। हिन्दुस्तान यूनिलीवर, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, इटरनल और टीसीएस प्रमुख रूप से लाभ में रहे। दूसरी तरफ, भरता इलेक्ट्रॉनिक्स, टाइटन, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एनटीपीसी, पावर ग्रिड, टेक महिंद्रा गिरावट में रहे।

ब्रोडर मार्केट में निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स क्रमशः 0.49 प्रतिशत और 0.88 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी रियल्टी ने अन्य सेक्टरों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया। वहीं, निफ्टी फार्मा सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा।

Redmi A7 स्मार्टफोन सीरीज भारत में लॉन्च, जानिए कीमत और फीचर्स

नई दिल्ली। Xiaomi ने अपनी नई REDMI A7 स्मार्टफोन सीरीज भारत में लॉन्च कर दी है। इस सीरीज में दो नए मॉडल्स REDMI A7 और REDMI A7 Pro शामिल हैं, जो खासतौर पर उन यूजर्स के लिए डिजाइन किए गए हैं जो कम बजट में अच्छी परफॉर्मेंस और लंबी बैटरी लाइफ चाहते हैं। आइए आपको इनके फीचर्स और कीमत के बारे में विस्तार से बताते हैं।

REDMI A7 में 6.88 इंच का बड़ा डिस्प्ले दिया गया है, जबकि REDMI A7 Pro में 6.9 इंच का HD+ डिस्प्ले मिलता है, जो 120Hz तक के रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। इसका मतलब है कि यूजर्स को स्क्रॉलिंग और वीडियो देखने के दौरान ज्यादा स्मूद और फ्लूइड एक्सपीरियंस मिलेगा। इसके साथ ही, TUV Rheinland सर्टिफिकेशन के साथ आंखों की सुरक्षा का भी ध्यान रखा गया है।

बैटरी
दोनों स्मार्टफोन 15W चार्जिंग सपोर्ट के साथ आते हैं और बॉक्स में चार्जर भी मिलता है। साथ ही, 7.5W रिवर्स चार्जिंग फीचर की मदद से आप दूसरे डिवाइस भी चार्ज कर सकते हैं। वहीं, स्मार्ट बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम बैटरी को लंबे समय तक टिकाए रखने में मदद करता है। REDMI A7 सीरीज में 64GB स्टोरेज के साथ LPDDR4X RAM दी गई है, जिसे वर्चुअल RAM के साथ बढ़ाया भी जा सकता है। इसके साथ मल्टीटास्किंग और ऐप्स का इस्तेमाल स्मूद रहता है।

फीचर्स
फोटोग्राफी के लिए नई सीरीज में 13MP का रियर कैमरा और 8MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है, जो रोज के इस्तेमाल के लिए अच्छा है। इसके अलावा, साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर, IP52 रेटिंग और 3.5mm हेडफोन जैक जैसे फीचर्स इस लाइनअप को और प्रैक्टिकल बनाते हैं।

बता दें, REDMI A7 Pro में Google Gemini और Circle to Search जैसे एडवांस फीचर्स दिए गए हैं, जो यूजर एक्सपीरियंस को और बेहतर बनाते हैं। इसके साथ ही, डुअल सिम सपोर्ट और 2TB तक एक्सपेंडेबल स्टोरेज का ऑप्शन भी मिलता है।

कीमत
नए REDMI A7 (3GB + 64GB) की कीमत 10,499 रुपये रखी गई है, वहीं REDMI A7 Pro (4GB + 64GB) भारतीय मार्केट में 11,499 रुपये में उपलब्ध होगा। दोनों नए स्मार्टफोन 23 अप्रैल से Mi.com, Amazon, Flipkart और Xiaomi के रिटेल स्टोर्स पर सेल के लिए उपलब्ध होंगे।

मोबाइल पर आया DAC नंबर नहीं बताया तो नहीं मिलेगा LPG सिलेंडर

नई दिल्ली। LPG गैस सिलेंडर से जुड़े नियमों में लगातार बदलाव हो रहे हैं और अब एक नया सिस्टम तेजी से लागू हो रहा है, जिसे DAC नंबर कहा जा रहा है। अगर आप भी घर पर गैस सिलेंडर मंगवाते हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है।

दरअसल, गैस कंपनियों ने डिलीवरी को ज्यादा सुरक्षित और ब्लैक मार्केटिंग को कम करने के लिए DAC यानी Delivery Authentication Code सिस्टम शुरू किया है। हालांकि, कई लोगों को अभी भी DAC नंबर के बारे में पूरी जानकारी नहीं है, जिसके कारण डिलीवरी के समय दिक्कतें आती हैं।

OTP जैसा होता है DAC नंबर
DAC नंबर OTP की तरह ही होता है, जो गैस बुकिंग के बाद आपके मोबाइल पर भेजा जाता है और डिलीवरी के समय इसे दिखाना जरूरी होता है। इस नए नियम का मकसद फर्जी डिलीवरी, गलत बिलिंग और गैस चोरी जैसी समस्याओं को रोकना है। अब बिना इस कोड के डिलीवरी पूरी नहीं मानी जाएगी, जिससे ग्राहकों को ज्यादा सुरक्षा मिलती है।

क्या है DAC नंबर
DAC नंबर का मतलब होता है Delivery Authentication Code। यह एक यूनिक कोड होता है, जो हर बार गैस सिलेंडर बुक करने के बाद ग्राहक को भेजा जाता है। जब आपका सिलेंडर डिलीवरी के लिए आता है, तो डिलीवरी बॉय आपसे यही कोड मांगता है। सही कोड देने के बाद ही सिलेंडर आपको दिया जाता है।

कैसे मिलता है DAC नंबर
जब आप LPG सिलेंडर बुक करते हैं, तो गैस कंपनी की तरफ से आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, ऐप या WhatsApp पर एक DAC कोड भेजा जाता है। यह कोड उसी डिवाइस पर भी भेजा जाता है जिससे आपने बुकिंग की होती है, ताकि किसी तरह की तकनीकी दिक्कत न आए।

ऐसे काम करता है यह नया रूल
जब डिलीवरी बॉय आपके घर आता है, तो वह आपसे DAC नंबर पूछता है। आपको अपने मोबाइल में आए इस कोड को उसे बताना होता है। अगर कोड सही होता है, तभी डिलीवरी पूरी मानी जाती है। अगर आप कोड नहीं देते हैं, तो सिलेंडर की डिलीवरी रोक दी जा सकती है।

DAC नंबर नहीं मिला तो क्या करें
कई बार नेटवर्क या टेक्निकल समस्या की वजह से DAC नंबर समय पर नहीं मिलता। ऐसे में आप घबराएं नहीं। आप डिलीवरी बॉय से कोड दोबारा भेजने के लिए कह सकते हैं। इसके अलावा गैस एजेंसी या ऐप के जरिए भी इसे फिर से प्राप्त किया जा सकता है।

9020mAh बैटरी, 50MP कैमरे वाला शॉकप्रूफ यह फोन 3000 रुपये सस्ता

नई दिल्ली। Vivo T5 Pro First Sale: Vivo ने हाल ही में भारतीय बाजार में अपना नया पावरफुल स्मार्टफोन Vivo T5 Pro 5G लॉन्च किया है, जो आज पहली बार सेल के लिए उपलब्ध हो गया है। यह स्मार्टफोन पहली सेल में Flipkart और कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट पर दोपहर 12 बजे से उपलब्ध है।

फोन की सबसे बड़ी खासियत इसकी 9020mAh की बैटरी है। इसके साथ ही इसमें 144Hz का स्मूद AMOLED डिस्प्ले और 50MP कैमरा जैसे फीचर्स दिए गए हैं। अगर आप एक ऐसा फोन खरीदने का प्लान बना रहे हैं, जिसमें बैटरी, परफॉर्मेंस और कैमरा तीनों का अच्छा कॉम्बिनेशन हो, तो Vivo T5 Pro आपके लिए एक अच्छा ऑप्शन बन सकता है।

कीमत और फर्स्ट सेल ऑफर्स
Vivo T5 Pro को भारत में तीन वेरिएंट में पेश किया गया है। इसके 8GB RAM + 128GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 29,999 रुपए रखी गई है। वहीं 8GB + 256GB वेरिएंट 33,999 रुपए और 12GB + 256GB वेरिएंट 39,999 रुपए में पेश किया गया है।

इसके साथ कंपनी 3000 रुपए तक का बैंक डिस्काउंट भी दे रही है, जो एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और HDFC बैंक के कार्ड से खरीदने पर मिल रहा है। इस छूट के बाद इसका बेस वैरिएंट 26,999 रुपए ख़रीदा जा सकता है। वहीं पुराने फोन को एक्सचेंज करने पर भी 3000 रुपए की छूट दी जा रही है।

फीचर्स और स्पेसिफिकेशन्स
Vivo T5 Pro 5G एक ऑलराउंडर स्मार्टफोन है, जिसमें बैटरी, परफॉर्मेंस और डिस्प्ले तीनों पर खास ध्यान दिया गया है। फोन में बड़ी 9020mAh बैटरी दी गई है। इसके साथ 90W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट मिलता है।

परफॉर्मेंस के लिए इसमें Snapdragon 7s Gen 4 प्रोसेसर दिया गया है। फोन में अलग-अलग RAM और स्टोरेज ऑप्शन मिलते हैं, जिससे यूजर्स अपनी जरूरत के हिसाब से वेरिएंट चुन सकते हैं। डिस्प्ले की बात करें तो इसमें बड़ा 6.83 इंच का 1.5K AMOLED पैनल मिलता है, जो 144Hz रिफ्रेश रेट के साथ आता है।

कैमरा सेगमेंट में फोन में 50MP का प्राइमरी कैमरा दिया गया है, जो OIS सपोर्ट के साथ बेहतर फोटो और वीडियो कैप्चर करता है। इसके साथ सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए फ्रंट में 32MP का कैमरा मिलता है, जिससे क्लियर और डिटेल्ड फोटो ली जा सकती हैं। इसके अलावा फोन में IP68 और IP69 रेटिंग दी गई है, जिससे यह पानी और धूल से सुरक्षित रहता है।

Wheat Price: गेहूं के निर्यात कोटे में दोगुनी वृद्धि से बाजार सुधरने की उम्मीद

नई दिल्ली। Wheat Price: प्रमुख उत्पादक राज्यों की महत्वपूर्ण थोक मंडियों में गेहूं का भाव घटकर न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे आने के कारण किसान काफी चिंतित, परेशान और नाराज हैं। इसे देखते हुए केन्द्र सरकार ने एहतियाती कदम उठाते हुए जून के निर्यात कोटे में 25 लाख टन की अतिरिक्त बढ़ोत्तरी करने का निर्णय लिया है।

इसके साथ गेहूं का कुल निर्यात कोटा बढ़कर 50 लाख टन पर पहुंच जाएगा। मालूम हो कि सरकार 10 लाख टन गेहूं उत्पादों का निर्यात कोटा पहले ही घोषित कर चुकी है। इससे गेहूं का बाजार भाव कुछ सुधरने के आसार हैं।

हालांकि उच्च स्तरीय अंतर मंत्रालयी समिति द्वारा गेहूं के निर्यात कोटे में दोगुनी बढ़ोत्तरी करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है लेकिन विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) की औपचारिक अधिसूचना अभी लंबित है।

समझा जाता है कि यह अधिसूचना शीघ्र ही जारी की जा सकती है। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार उत्पादन की मौजूद स्थिति, स्टॉक की उपलब्धता और कीमतों की प्रवृति का व्यापक आंकलन करने के बाद यह निर्णय लिया गया है।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022 में घरेलू बाजार भाव उछलने के बाद सरकार ने गेहूं एवं इसके मूल्य संवर्धित उत्पादों के व्यापारिक निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था जबकि सरकारी स्तर पर कुछ देशों को इसका शिपमेंट होता रहा।

केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय द्वारा 20 अप्रैल को जारी एक बयान में कहा गया है कि सरकार ने 25 लाख टन गेहूं का अतिरिक्त निर्यात कोटा मंजूर किया है ताकि किसानों को उसके उत्पाद का लाभप्रद मूल्य हासिल हो सके। देश में गेहूं का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।

रिकॉर्ड उत्पादन का अनुमान
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अनुसार, वर्ष 2025-26 में गेहूं उत्पादन का अनुमान 1202 लाख मीट्रिक टन लगाया गया है। अगर यह अनुमान सही साबित होता है, तो देश में गेहूं का पर्याप्त भंडार रहेगा। इसी मजबूत उत्पादन स्थिति को देखते हुए सरकार ने अतिरिक्त निर्यात को मंजूरी दी है।

Export: ईरान के होर्मुज स्ट्रेट बंद करने से बासमती चावल का निर्यात प्रभावित

नई दिल्ली। Basmati Rice Export: ईरान और अमरीका के बीच तनातनी जारी रहने से होर्मुज स्ट्रेट का जलमार्ग बंद हो गया है। कुछ दिन पूर्व इसे खोला गया था जिससे भारतीय निर्यातकों की कुछ उम्मीदें जगी थीं

लेकिन अमरीका की नौसैनिक घेरेबंदी, अमरीकी राष्ट्रपति की धमकी तथा उनके अनाप-शनाप बयान के कारण ईरान ने शीघ्र ही इस जलमार्ग को दोबारा बंद कर दिया।

अमरीका और ईरान के बीच युद्ध विराम की अवधि कल या परसों खत्म हो जाएगी और दोनों तरफ से युद्ध दोबारा शुरू होने के संकेत दिए जा रहे हैं। द्विपक्षीय शांति वार्ता स्थगित हो गई है।

यदि दोबारा लड़ाई आरंभ हुई तो निकट भविष्य में होर्मुज स्ट्रेट के खुले की संभावना क्षीण पड़ जाएगी। इससे पश्चिम एशिया, मध्य पूर्व तथा खाड़ी क्षेत्र के देशों में भारतीय कृषि एवं खाद्य उत्पादों और खासकर बासमती चावल तथा मसालों का निर्यात काफी हद तक संभावित होने की आशंका है।

मार्च में भी इसके शिपमेंट पर असर पड़ा था। पिछले दिनों ईरान द्वारा दो भारतीय व्यापारिक जहाजों पर गोलीबारी की गई थी जिससे शिपिंग कंपनियां दहशत में हैं। भारत के लिए यह स्थिति अनुकूल नहीं है।