नई तकनीक से तीन साल तक ख़राब नहीं होंगी सब्जियां

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ब्लैक बॉक्स एक अनोखी तकनीक है, इसे आसानी से किसी भी फैक्ट्री या संयंत्र में स्थापित किया जा सकता है। 

नई दिल्ली । कोल्ड स्टोर व्यवस्था के जरिये जल्दी खराब होने वाली वस्तुओं जैसे फल व सब्जियों को सुरक्षित रखने के प्रयासों के बीच एक अच्छी खबर है। एक भारतीय कंपनी ने देश में ‘ब्लैक बॉक्स’ नाम की ऐसी तकनीक लाने की तैयारी की है, जिससे फल-सब्जी को 1,000 दिनों यानी करीब तीन साल से तक ताजा रखा जा सकेगा।

विस्तार एग्रीटेक के साहिल पीरजादा और सचिन अधिकारी ने भारत में इस तकनीक को लाने के लिए स्पेन की नाइस फ्रूट्स के साथ गठजोड़ किया है। इस गठजोड़ के तहत सबसे पहले हैदराबाद में दो ऐसे कोल्ड स्टोर खोले जाएंगे। अगले सात महीने में इन कोल्ड स्टोर के शुरू होने की उम्मीद है।

पीरजादा ने बताया, ‘ब्लैक बॉक्स एक अनोखी तकनीक है, जिसे स्पेन के वैज्ञानिकों ने विकसित किया है। इसे आसानी से किसी भी फैक्ट्री या संयंत्र में स्थापित किया जा सकता है। सामान्य कोल्ड स्टोर में फल-सब्जियों को संरक्षित रखने के लिए नाइट्रोजन का इस्तेमाल होता है।

वहीं इस तकनीक में नाइट्रोजन या किसी भी अन्य प्रिजरवेटिव का प्रयोग नहीं किया जाता है। इसमें फल-सब्जी के प्राकृतिक पोषक तत्व 1,000 दिनों तक सुरक्षित बने रहते हैं।’

उन्होंने बताया कि हैदराबाद में ऐसे दो स्टोरेज बनाने के लिए हिंदुस्तान एलएनजी से करार हुआ है। महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में भी इसी तरह के स्टोरेज बनाने की योजना है। इस तकनीक के लाभ को लेकर उन्होंने कहा, ‘बाजार में उपज की कीमत बहुत कम होने पर कई बार किसानों को फल व सब्जियां सड़क पर फेंकना पड़ता है।

संरक्षित करने की व्यवस्था न होने से उनके पास कोई विकल्प नहीं बचता है। वहीं हमारे पास आकर उन्हें चार गुना तक ज्यादा कीमत मिल सकती है।’ पीरजादा ने बताया कि ब्लैक बॉक्स तकनीक से तैयार कोल्ड स्टोरेज कंपनियां किसानों से फल-सब्जी खरीदकर उन्हें अपनी शर्तो पर निर्यात करेंगी।

फूड टेस्टिंग के लिए बनी नौ चलती-फिरती प्रयोगशालाएं
खाद्य नियामक एफएसएसएआइ ने आठ राज्यों में फूड टेस्टिंग के लिए नौ चलती-फिरती प्रयोगशालाओं की शुरुआत की है। अन्य राज्यों में कुल 53 और प्रयोगशालाओं का प्रस्ताव है। इन प्रयोगशालाओं पर कुल 19 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। खाद्य पदार्थो की जांच की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।

एफएसएसएआई के सीईओ पवन अग्रवाल ने बताया कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में खाद्य जांच के आकलन के लिए फूड सेफ्टी इंडेक्स लांच किया जाएगा। इसके तहत राज्य में जांच की ढांचागत व्यवस्था, प्रवर्तन इकाइयों, निगरानी व शिकायतों के निपटारे जैसे विभिन्न मानकों को परखा जाएगा।

एफएसएसएआइ के चेयरमैन आशीष बहुगुणा ने मंगलवार को ‘फूड सेफ्टी ऑन ह्वील्स’ के नाम से मोबाइल प्रयोगशालाओं को हरी झंडी दिखाई। इन प्रयोगशाला वाहनों के माध्यम से खाद्य पदार्थो की जांच के अलावा लोगों में इस बारे में जागरूकता फैलाने पर भी जोर दिया जाएगा।