नियमों की पेचीदगी में समर्थन मूल्य से नीचे बेच रहे गेहूं, किसानों का हंगामा

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कोटा। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ने पहली बार समर्थन मूल्य पर ऑनलाइन गेहूं खरीद की व्यवस्था शुरु की। लेकिन एफसीआई के हर दिन नए फरमान से किसान असमंजस में हैं। उन्हें मजबूरी में व्यापारियों को समर्थन मूल्य से नीचे के भाव 1735 से गेहूं बेचना पड़ रहा है।

शुक्रवार को एफसीआई ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन में तकनीकी खराबी बताते हुए ऑफ लाइन खरीद के टोकन देना शुरु किए। इस बात को लेकर किसानों ने भामाशाहमंडी कमेटी के पूर्व उपाध्यक्ष देवा भड़क के नेतृत्व में किसान भवन के बाहर हंगामा भी किया।

एफसीआई की सुबह 10 शुरु होने वाली खरीद दोपहर साढ़े 12 बजे तक खरीद शुरु नहीं हुई। इसके साथ ही ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बावजूद किसानों को ऑफ लाइन टोकन लेने के लिए कहा गया। इतना ही नहीं 10 बजे से लेकर साढ़े 11:30 बजे तक खरीद कब और कैसे शुरु होने की जानकारी देने के लिए कोई एफसीआई अधिकारी भी मौजूद नहीं था।

किसान भवन का काउंटर खाली पड़ा हुआ था। भड़क ने इस बात की शिकायत एफसीआई उच्चाधिकारियों को दी। उसके बाद एफसीआई के अधिकारी व कर्मचारी मौके पर पहुंचे।  ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन खरीद प्रक्रिया में ऑफ लाइन प्रक्रिया को जोड़ने से मंडी में किसानों को लाइनों में धक्के खाने पड़े।

दीगोद से 400 बोरी गेहूं लेकर आए किसान घनश्याम मेघवाल ने बताया कि 20 मार्च को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पर खरीद की तारीख 11 अप्रैल मिली थी। लेकिन शुक्रवार तक उसका गेहूं नहीं तुला। किसानों के साथ बड़ी समस्या यह कि ऑफ लाइन टोकन के लिए मूल दस्तावेज मांगे जा रहे हैं, जिसे वे साथ लेकर नहीं आए हैं। ऐसे में मजबूरी में उसे अपने गेहूं मंडी में व्यापारियों को बेचने पड़ेंगे। एेसी ही दिक्कत दीगोद से आए किसान राम नारायण बंजारा ने बताया कि वह 362 बोरी गेहूं मंडी में लेकर आया था।

समर्थन मूल्य गेहूं खरीद के ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के साफ्टवेयर में तकनीकी खराबी के कारण एक साथ दो से तीन गुना किसानों को एक ही दिन की तारीख मिल गई। ऐसे में एफसीआई ने निर्णय लिया है भामाशाहमंडी में अब ऑफ लाइन ही किसानों का रजिस्ट्रेशन करते हुए उनका गेहूं खरीदा जाएगा।

दस्तावेज वहीं देने होंगे जो ऑन लाइन प्रक्रिया में दिए गए है। आगे का सिस्टम यह रहेगा, जिन किसानों ने अभी तक कोई रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया है और उन्हें भामाशाहमंडी आकर गेहूं बेचना है तो उन्हें ऑफ लाइन रजिस्ट्रेशन करवाना होगा।

विधायक नहीं दे पाए जवाब :मंडी में किसानों के परेशान होने की सूचना मिलने पर विधायक हीरालाल नागर मौके पर पहुंचे। जिन्हें किसान भवन में किसानों ने घेरते हुए खरी खोटी सुनाई। प्रेमपुरा गांव से महिला किसान रिंपी सिंह ने कहा एफसीआई ने ऑन लाइन प्रक्रिया को ऑफ लाइन क्यों किया। किसानों को वापस कागजी कार्रवाई से गुजरना पड़ रहा है। इस सवाल का विधायक नागर से जवाब देते नहीं बना।

बंटाईदारों को अभी तक नहीं मिल रहा अधिकार : खेड़ारसूलपुर गांव के बंटाईदार किसान युवराज व दौलतराम 4 ट्रॉली गेहूं लेकर मंडी पहुंचे। किसानों ने कहा उनसे 6 माह पुराना एग्रीमेंट मांगा जा रहा है। जबकि उन्होंने खेत मालिक का शपथ पत्र बनवा लिया। किसानों ने कहा उन लोगों को अभी तक समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने का अधिकार नहीं मिला। ऐसे में उन्हें 1500 से 1600 के भाव में गेहूं बेचने पड़ेंगे।

दूसरी ओर जिन किसानों ने ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन करवा रखा है। उन किसानों को भी ऑफ लाइन रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। पेमेंट ऑन लाइन होगा किसानों को। यह व्यवस्था सिर्फ भामाशाहमंडी के केंद्र के लिए ही लागू होगी। बंटाईदारों के गेहूं खरीद के सरकार की ओर से कोई आदेश नहीं आए है। -पवन बोथरा, रीजनल मैनेजर, एफसीआई

विधायक ने की मंत्री से बात
किसानों की समस्या जानकर विधायक नागर ने खाद्य मंत्री बाबूलाल वर्मा से फोन पर वार्ता की, बंटाईदार किसानों को समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने में राहत देने का आग्रह किया। नागर ने कहा किसानों की समस्याओं को लेकर कलेक्टर से वार्ता करेंगे।