PNB फ्रॉड: बैंक का जनरल मैनेजर अरेस्ट, गीतांजलि के हीरे लैब में होंगे टेस्ट

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नई दिल्ली। पीएनबी के 11,356 करोड़ रुपए के फ्रॉड में देर रात पंजाब नेशनल बैंक के जनरल मैनेजर राजेश जिंदल को अरेस्ट किया गया। सीबीआई ने इस मामले में अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। उधर, इस घोटाले के मुख्य आरोपी नीरव मोदी और गीतांजलि जेम्स के मालिक मेहुल चौकसी के ठिकानों पर एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी )और सीबीआई की तलाश जारी है।

ईडी को शक है कि देशभर से गीतांजलि जेम्स के शोरूम से जो गहने जब्त हुए, उनमें जड़े हीरों की क्वालिटी खराब होने के साथ वे ऑर्टिफीशियल यानी लैब में बने हो सकते हैं। ईडी ने छत्तीसगढ़ समेत सभी रीजनल टीमों को निर्देश दिए हैं कि छापेमारी में हीरे की जो भी ज्वैलरी पकड़ी जा रही है, उसे सुरक्षित रखें। देशभर से जब्त हुई ज्वैलरी ईडी के मुंबई हेडक्वार्टर में इकट्ठी की जाएगी, वहीं हीरों की जांच होगी।

1) इस फ्रॉड में अब तक कितने लोग अरेस्ट?
-इस मामले में अब तक 12 लोगों की गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
– सीबीआई ने 17 फरवरी को पहली बार तीन लोगों को अरेस्ट किया। इनमें 2 बैंक कर्मचारी- डिप्टी मैनेजर गोकुलनाथ शेट्टी और ऑथराइज्ड सिग्नेटरी मनोज खरात और नीरव मोदी की कंपनियों के ऑथराइज्ड सिग्नेटरी हेमंत भट का नाम शामिल है। इसके बाद 19 फरवरी को बैंक के फॉरेन एक्सचेंज डिपार्टमेंट के चीफ मैनेजर बच्चू तिवारी, मैनेजर यशवंत जोशी, और एक बैंक अफसर प्रफुल्ल सावंत को अरेस्ट किया गया।

– वहीं, सीबीआई ने 20 फरवरी को 5 लोगों को अरेस्ट किया। इनमें फायरस्टार के प्रेसिडेंट (फाइनेंस) विपुल अंबानी, सीनियर एग्जीक्यूटिव अर्जुन पाटिल, असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव कविता मनकिकर, नक्षत्र के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर कपिल खंडेलवाल, मैनेजर नितेन शाही शामिल हैं।

-बता दें कि विपुल अंबानी रिलायंस प्रमुख मुकेश अंबानी का चचेरा भाई है। सीबीआई ने मंगलवार को दिनभर पीएनबी के एक एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सहित 10 और नीरव-मेहुल की कंपनियों के 8 अफसरों से पूछताछ की थी। सीबीआई ने नीरव के अलीबाग स्थित फार्म हाउस पर भी छापा मारा। देर रात जनरल मैनेजर राजेश जिंदल को अरेस्ट किया गया।

2) क्या कार्रवाई हुई?
– पिछले हफ्ते 11,500 करोड़ के पीएनबी घोटाले के खुलासे के बाद ईडी ने पूरे देश में गीतांजलि ज्वेलर्स के देशभर में फैले 38 शोरूम्स में छापेमारी की थी। इस दौरान देशभर से 22 करोड़ रुपए की ज्वैलरी जब्त हुई।

– रायपुर में करीब 1.77 करोड़ रुपए की ज्वैलरी जब्त हुई, जिसे ईडी ने स्टेशन रोड स्थित पीएनबी ब्रांच में जमा करवा दिया। सोमवार को ईडी की रायपुर टीम ने हेडक्वार्टर मुंबई भेजी गई विजिट कम सीजर रिपोर्ट में इसकी विस्तृत जानकारी दी है। मंगलवार को जब्त हीरों के लैब निर्मित (नकली) होने का संकेत मिला।

– स्थानीय सूत्रों के मुताबिक बरामद ज्वैलरी की मुंबई हेडक्वार्टर लैब टेस्ट के साथ वैल्यूएशन भी करा सकता है। इसके लिए पीएनबी की सभी शाखाओं से ज्वैलरी मुंबई भेजी जा रही है।

3) ईडी को हीरा नकली होने का शक कैसे हुआ?
– गीतांजलि ज्वेलर्स लैब में कैमिकल से बनाए गए अमेरिकन डायमंड्स को सोने में जड़कर बेचा गया। इसमें सोने के साथ नकली डायमंड को असली बताकर 20 से 30% ज्यादा कीमत पर बेचा जाता रहा। नीरव मोदी की कंपनी की हीरा माइनिंग और कारोबार करने वाली विश्व की सबसे बड़ी ऑस्ट्रेलियन कंपनी रियो टिंटो से साझेदारी है। रियो टिंटो के हाई टेक्नालॉजी हेडक्वार्टर में लैब मेन्यूफेक्चर्ड हीरे बनाए जाते हैं।

4) फ्रॉड के 7वें दिन जेटली क्या बोले?
– फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली ने कहा है, “6 साल में ऑडिटर यह घोटाला क्यों नहीं पकड़ पाए? ऑडिट टीम से इस बारे में पूछताछ की जाएगी। जब मैनेजमेंट को अथॉरिटी दी जाती है, तो उम्मीद करते हैं कि वह इसका सही और असरदार तरीके से इस्तेमाल करेंगे। मैनेजमेंट जिम्मेदारी निभाने में लापरवाह रहा।’’

5) मंगलवार कोगीतांजलि ग्रुप के कितने ठिकानों पर छापे?
– इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने टैक्स चोरी पकड़ने के लिए मंगलवार को मेहुल चौकसी और उसके गीतांजलि ग्रुप पर देशभर में 20 जगह छापे मारे। मुंबई, पुणे, सूरत, हैदराबाद, बेंगलुरू सहित अन्य शहरों में 13 कंपनियों पर छापे मारे गए। इसी बीच, नीरव मोदी के शोरूम से छह करोड़ रुपए की ज्वैलरी खरीदने पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने कांग्रेस नेता अभिषेक

मनु सिंघवी की पत्नी अनीता सिंघवी को नोटिस जारी 
– सीबीआई ने मंगलवार को पीएनबी के 10 अधिकारियों से पूछताछ की। इनमें एक एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर लेवल का अफसर भी शामिल है। वहीं, नीरव मोदी और गीतांजलि ग्रुप के 18 अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई। सीबीआई टीम ने नीरव के अलीबाग स्थित फार्म हाउस पर भी छापा मारा।

6) क्या है पूरा मामला?
– पंजाब नेशनल बैंक ने सेबी और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को 11,356 करोड़ रुपए के घोटाले के जानकारी दी थी। मुंबई की ब्रेडी हाउस ब्रांच में यह घोटाला हुआ था। शुरुआत 2011 से हुई। 7 साल में हजारों करोड़ की रकम फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग्स (LoUs) के जरिए विदेशी अकाउंट्स में ट्रांसफर की गई।