अप्रैल में रिजर्व बैंक के नीतिगत दरों में 0.25% की कटौती की संभावना

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नयी दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक अप्रैल में नीतिगत दरों में 0.25 प्रतिशत की कटौती कर सकता है। इससे कर्ज की दरों को कम करने का संकेत मिलेगा। एक रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है। इसमें कहा गया है कि अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए कर्ज पर ब्याज दरों में कमी जरूरी है।

बैंक आफ अमेरिका मेरिल लिंच (बोफाएमल) की रिपोर्ट में कहा गया है कि मुद्रास्फीति का जोखिम अब अपने चरम को छू चुका है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति दिसंबर, 2017 में 5.2 प्रतिशत पर रहेगी, लेकिन 2018 की पहली छमाही में यह नरम पड़कर 4.5 प्रतिशत पर आ जाएगी।

इसके अलावा आस्ट्रेलिया के मौसम ब्यूरो ने ला नीना की भविष्यवाणी की है, जिससे अगले साल दक्षिण पश्चिम मानसून मजबूत होगा। इससे मुद्रास्फीतिक दबाव पर अंकुश लगेगा। बोफाएमल के शोध नोट में कहा गया है कि रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) अप्रैल में नीतिगत दरों में चौथाई प्रतिशत की कटौती करेगी।

रिपोर्ट में इस बात पर हैरानी जताई गई कि एमपीसी ने छह दिसंबर को यथास्थिति कायम रखी। यदि उस समय नीतिगत दरों में कटौती होती तो व्यस्त औद्योगिक सीजन से पहले कर्ज की दरें कम हो सकती थीं। केंद्रीय बैंक ने चालू वित्त वर्ष की पांचवीं द्विमासिक समीक्षा में रेपो दर को छह प्रतिशत तथा रिवर्स रेपो दर को 5.75 प्रतिशत पर कायम रखा था।